Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

त्योहारों पर साइबर ठगी से सावधान रहें, टीकमगढ़ पुलिस ने जारी किया जागरूकता संदेश

Author Image
Written by
HQ Report
फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग, नकली ऑफर, संदिग्ध लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने की अपील; साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें संपर्क
टीकमगढ़। आगामी त्योहारों के मद्देनजर टीकमगढ़ पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए सावधानी बरतने का संदेश दिया है। त्योहारों के अवसर पर लोग खरीदारी, उपहारों की बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाओं के आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। इसी दौरान साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट, आकर्षक छूट, नकली ऑफर, संदिग्ध लिंक और अन्य भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। टीकमगढ़ पुलिस की ओर से तैयार किए गए जागरूकता पोस्टर में नागरिकों से अपील की गई है कि वे त्योहारों की खुशियां मनाते समय अपनी डिजिटल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। पोस्टर में मध्यप्रदेश पुलिस का लोगो, त्योहारों की शुभकामनाएं और साइबर ठगी से बचाव के उपायों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इसमें स्पष्ट संदेश दिया गया है कि त्योहारों के दौरान ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ने के साथ साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहना भी जरूरी है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल भरोसेमंद वेबसाइट और एप का उपयोग करें तथा किसी भी आकर्षक ऑफर पर तुरंत विश्वास करने के बजाय उसकी प्रामाणिकता जांचें। बैंक खाते, डिजिटल भुगतान और व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। पोस्टर में साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने और आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी भी दी गई है। इस जागरूकता संदेश का उद्देश्य नागरिकों को संभावित डिजिटल जोखिमों के प्रति सचेत करना और त्योहारों के दौरान सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग और आकर्षक ऑफर के नाम पर हो सकती है ठगी
त्योहारों के समय बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन खरीदारी की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं। लोग कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, उपहार और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इस दौरान कुछ साइबर अपराधी प्रतिष्ठित कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और फर्जी खरीदारी लिंक के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर सकते हैं। टीकमगढ़ पुलिस के जागरूकता पोस्टर में नकली ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट और भारी छूट के नाम पर मिलने वाले झांसों से बचने की सलाह दी गई है। नागरिकों को किसी वेबसाइट पर खरीदारी करने से पहले उसका पता, विक्रेता की जानकारी, भुगतान की प्रक्रिया और उपलब्ध संपर्क विवरण जांचने चाहिए। केवल विज्ञापन में दिखाई देने वाली छूट या सीमित समय के ऑफर के आधार पर भुगतान करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। कई बार अपराधी जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं और लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि ऑफर कुछ ही समय के लिए उपलब्ध है। ऐसे संदेश मिलने पर जल्दबाजी करने के बजाय उनकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए खरीदारी लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक एप पर जाकर उत्पाद की जानकारी देखना अधिक सुरक्षित तरीका है। यदि किसी वेबसाइट पर भुगतान करने के बाद संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, ऑर्डर की पुष्टि न मिले या अनजान लेनदेन की सूचना आए, तो संबंधित बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से संपर्क करना चाहिए। टीकमगढ़ पुलिस का संदेश है कि ऑनलाइन खरीदारी में सतर्कता बरतकर संभावित धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सकता है। नागरिकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अत्यधिक आकर्षक ऑफर अपने आप में किसी वेबसाइट के भरोसेमंद होने का प्रमाण नहीं है। खरीदारी से पहले उचित जांच करना त्योहारों के दौरान डिजिटल सुरक्षा का महत्वपूर्ण कदम है।
ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें
डिजिटल भुगतान की सुविधा ने लेनदेन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो गई है। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नागरिक अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराधी कई बार बैंक अधिकारी, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी या किसी परिचित के रूप में बात करके लोगों से गोपनीय विवरण हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। वे खाते में समस्या, केवाईसी अपडेट, पुरस्कार, भुगतान की पुष्टि या अन्य बहानों का सहारा ले सकते हैं। ऐसे किसी भी फोन कॉल या संदेश पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए, जिसमें ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड मांगा जाए। बैंक और भुगतान सेवाओं से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा स्वयं खाताधारक की जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध कॉल पर जानकारी देने के बजाय संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, एप या सत्यापित ग्राहक सेवा माध्यम से संपर्क करना उचित है। यूपीआई भुगतान करते समय स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विवरणों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लेनदेन किस उद्देश्य से किया जा रहा है। सामान्य रूप से पैसा प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती; पिन दर्ज करने से भुगतान अधिकृत हो सकता है। इसलिए भुगतान अनुरोध और धन प्राप्ति के बीच अंतर समझना जरूरी है। पोस्टर में यह भी चेतावनी दी गई है कि कोई भी बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता। नागरिकों को अपनी डिजिटल पहचान, बैंक विवरण और व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को संदेह हो कि उसके खाते की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति तक पहुंच गई है, तो उसे तुरंत बैंक से संपर्क कर आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने चाहिए।
संदिग्ध लिंक और अनजान क्यूआर कोड से रहें सतर्क
साइबर ठगी के कई मामलों में लोगों को संदेश, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से लिंक भेजे जाते हैं। इन लिंक पर क्लिक करने के बाद व्यक्ति को नकली वेबसाइट पर ले जाया जा सकता है, जहां उससे लॉगिन विवरण, बैंकिंग जानकारी या अन्य निजी डेटा मांगा जा सकता है। कुछ संदिग्ध लिंक के माध्यम से डिवाइस पर हानिकारक गतिविधियों का जोखिम भी पैदा हो सकता है। टीकमगढ़ पुलिस ने अपने जागरूकता पोस्टर में नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें। क्यूआर कोड का उपयोग भुगतान और अन्य डिजिटल सेवाओं में व्यापक रूप से होता है, लेकिन किसी अनजान स्रोत से मिला कोड बिना जांच के स्कैन करना उचित नहीं है। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद खुलने वाले पेज या भुगतान विवरण को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पुरस्कार, उपहार, नकद लाभ या छूट का लालच देकर तत्काल लिंक खोलने के लिए कहता है, तो पहले उसकी प्रामाणिकता जांचनी चाहिए। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों और विज्ञापनों को भी बिना पुष्टि के सही नहीं मानना चाहिए। किसी परिचित के नाम से संदिग्ध लिंक मिलने पर सीधे उसी व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से पुष्टि करना बेहतर है। मोबाइल में अनजान एप डाउनलोड करने या किसी वेबसाइट को अनावश्यक अनुमति देने से भी बचना चाहिए। पोस्टर में नागरिकों को अपने मोबाइल, एप और डिवाइस को नियमित रूप से अपडेट रखने की सलाह दी गई है। अपडेट के माध्यम से सुरक्षा संबंधी सुधार उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाले जरूरी अपडेट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इंटरनेट का उपयोग करते समय थोड़ी सावधानी और जानकारी की पुष्टि संभावित जोखिमों को पहचानने में मदद कर सकती है।
बैंक और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचें
बैंक खाते या केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल भी साइबर धोखाधड़ी का माध्यम बन सकते हैं। ऐसे मामलों में कॉल करने वाला व्यक्ति खाते के बंद होने, सेवाएं रोक दिए जाने या तत्काल दस्तावेज जमा करने का दबाव बना सकता है। इसके बाद वह ओटीपी, बैंक विवरण, पहचान संबंधी जानकारी या किसी लिंक के माध्यम से कार्रवाई करने को कह सकता है। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर में बैंक और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल के प्रति विशेष सावधानी बरतने का संदेश दिया गया है। नागरिकों को किसी भी अनजान कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध नहीं करानी चाहिए। यदि बैंक खाते या केवाईसी से संबंधित कोई सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित बैंक के आधिकारिक माध्यम से उसकी पुष्टि करना उचित है। मोबाइल पर प्राप्त संदेश में दिए गए लिंक को खोलने के बजाय बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एप के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यदि कॉल करने वाला व्यक्ति धमकी देता है, जल्दबाजी करने के लिए दबाव डालता है या गोपनीय विवरण मांगता है, तो उसकी बातों में आने से बचना चाहिए। किसी भी सरकारी योजना, बैंकिंग सुविधा या वित्तीय लाभ के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी देने से पहले संबंधित संस्था की पहचान और सूचना की प्रामाणिकता की जांच जरूरी है। पोस्टर में यह भी कहा गया है कि नागरिक अपनी डिजिटल पहचान, बैंक विवरण और व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखें। यदि किसी संदिग्ध गतिविधि के कारण वित्तीय नुकसान होता है, तो तत्काल बैंक को सूचित करना और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना देने से संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, शिकायत करने से धन वापसी की गारंटी नहीं होती, इसलिए रोकथाम और शीघ्र रिपोर्टिंग दोनों को महत्व देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, गिफ्ट और लॉटरी के लालच से बचें
सोशल मीडिया पर त्योहारों के अवसर पर शुभकामनाओं, तस्वीरों, वीडियो और उपहारों से जुड़े संदेशों का आदान-प्रदान बढ़ जाता है। इस वातावरण में साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क कर सकते हैं या पुरस्कार, गिफ्ट और लॉटरी का लालच देकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर में फर्जी ऑफर, भारी छूट, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया पर मिलने वाले गिफ्ट या लॉटरी संबंधी प्रलोभनों के प्रति सावधान रहने की अपील की गई है। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा अचानक बड़ा पुरस्कार मिलने का दावा किया जाए या पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पहले शुल्क जमा करने को कहा जाए, तो सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे संदेशों की पुष्टि किए बिना भुगतान करना या निजी जानकारी देना जोखिमपूर्ण हो सकता है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की प्रोफाइल वास्तविक दिखाई देने मात्र से उसकी पहचान की पुष्टि नहीं हो जाती। इसलिए अनजान अकाउंट से आने वाले संदेशों, निवेश प्रस्तावों और उपहार संबंधी दावों की जांच करना आवश्यक है। नागरिकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखना चाहिए और उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करना चाहिए। किसी अन्य व्यक्ति के साथ पासवर्ड या सत्यापन कोड साझा नहीं करना चाहिए। यदि किसी फर्जी प्रोफाइल से धमकी, धोखाधड़ी या पैसे की मांग की जाती है, तो उसके संदेशों और संबंधित जानकारी का रिकॉर्ड सुरक्षित रखते हुए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पुलिस को शिकायत की जा सकती है। टीकमगढ़ पुलिस की जागरूकता पहल नागरिकों को यह समझाने पर केंद्रित है कि ऑनलाइन दुनिया में आकर्षक संदेशों के साथ जोखिम भी मौजूद हो सकते हैं। त्योहारों की खुशियों के बीच सतर्कता बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि करना सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का आवश्यक हिस्सा है।
मोबाइल, एप और डिजिटल उपकरणों को अपडेट रखें
साइबर सुरक्षा के लिए केवल संदिग्ध कॉल और लिंक से बचना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर में मोबाइल, एप और डिवाइस को हमेशा अपडेट रखने की सलाह दी गई है। नियमित अपडेट से उपकरणों और एप में उपलब्ध सुरक्षा सुधारों का लाभ मिल सकता है। नागरिकों को एप डाउनलोड करते समय आधिकारिक एप स्टोर या संबंधित सेवा प्रदाता के अधिकृत माध्यम का उपयोग करना चाहिए। अनजान वेबसाइट से एप डाउनलोड करना या बिना जरूरत के किसी एप को संपर्क, संदेश, कैमरा अथवा अन्य संवेदनशील सुविधाओं की अनुमति देना जोखिम पैदा कर सकता है। किसी एप को अनुमति देते समय यह समझना आवश्यक है कि वह सुविधा उसके काम के लिए वास्तव में जरूरी है या नहीं। फोन पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने, अनजान एप अपने आप इंस्टॉल होने या बैंकिंग संबंधी असामान्य संदेश मिलने पर सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करते समय भी संवेदनशील बैंकिंग लेनदेन के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतना उपयोगी है। मोबाइल खो जाने की स्थिति में संबंधित सेवाओं और बैंक खातों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। अपने उपकरणों में स्क्रीन लॉक का उपयोग करना और मजबूत पासवर्ड रखना भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। नागरिकों को समय-समय पर अपने खातों की गतिविधियों की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि अनजान लेनदेन या संदिग्ध लॉगिन का पता चल सके। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर का संदेश है कि डिजिटल सुरक्षा के लिए नियमित सावधानी और जागरूकता आवश्यक है। सुरक्षित उपकरण, गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और विश्वसनीय डिजिटल सेवाओं का उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में समय पर शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है। टीकमगढ़ पुलिस के जागरूकता पोस्टर में साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी गई है। यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाता है या ऑनलाइन भुगतान के नाम पर धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देरी किए अपने बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को भी सूचित करना चाहिए। संबंधित लेनदेन का समय, राशि, ट्रांजेक्शन आईडी, संदेश, फोन नंबर और उपलब्ध अन्य प्रमाण सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। शिकायत दर्ज करते समय सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। समय पर रिपोर्ट करने से संबंधित एजेंसियों को संभावित रूप से धन के प्रवाह को रोकने या आगे की कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है, हालांकि धन वापस मिलने की गारंटी नहीं होती। शिकायत करने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को शुल्क देने या ऐसे एजेंट पर भरोसा करने से बचना चाहिए, जो पैसे वापस दिलाने का निश्चित दावा करे। आधिकारिक हेल्पलाइन और सरकारी साइबर अपराध पोर्टल का ही उपयोग करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट का दुरुपयोग हुआ है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज कर खाते की सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए। परिवार के अन्य सदस्यों को भी घटना की जानकारी देकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे उसी ठगी के तरीके का शिकार न हों। टीकमगढ़ पुलिस का संदेश है कि साइबर ठगी होने पर शर्म या डर के कारण शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। शीघ्र सूचना और उपलब्ध प्रमाणों का सुरक्षित रखरखाव आगे की कार्रवाई में मददगार हो सकता है।
जागरूक नागरिक ही सुरक्षित डिजिटल समाज की मजबूत नींव
डिजिटल तकनीक ने खरीदारी, बैंकिंग, भुगतान, संचार और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाया है। इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक हो गया है। त्योहारों के समय लोग अधिक संख्या में डिजिटल लेनदेन करते हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, इसलिए उस अवधि में सुरक्षा संबंधी सावधानियों को याद रखना उपयोगी है। टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जारी पोस्टर में यही संदेश दिया गया है कि त्योहारों की खुशियां मनाते समय साइबर सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए। नकली वेबसाइट से बचना, आकर्षक ऑफर की जांच करना, ओटीपी और यूपीआई पिन गोपनीय रखना, संदिग्ध लिंक न खोलना और अनजान क्यूआर कोड स्कैन करने से बचना प्रमुख सावधानियां हैं। इसके अलावा मोबाइल और एप अपडेट रखना, डिजिटल पहचान की सुरक्षा करना तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना देना भी आवश्यक है। परिवार में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को भी ऑनलाइन ठगी के सामान्य तरीकों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी भ्रामक कॉल या संदेश पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें। यदि किसी को संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उसे दूसरों को भेजने या उस पर कार्रवाई करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। सामाजिक स्तर पर डिजिटल जागरूकता बढ़ाने से लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने में मदद मिल सकती है। टीकमगढ़ पुलिस का यह जागरूकता संदेश नागरिकों को सतर्क रहने, अपनी गोपनीय जानकारी की रक्षा करने और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत आधिकारिक माध्यमों से शिकायत करने की प्रेरणा देता है।
त्योहारों की खुशियों के साथ साइबर सुरक्षा को भी दें प्राथमिकता
त्योहारों का अवसर परिवार, मित्रों और समाज के साथ खुशियां साझा करने का समय होता है। खरीदारी, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल शुभकामनाओं के बीच सुरक्षा संबंधी सावधानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। टीकमगढ़ पुलिस के पोस्टर में नागरिकों से अपील की गई है कि वे त्योहारों के दौरान साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्कता से प्रतिक्रिया दें। ऑनलाइन खरीदारी के लिए भरोसेमंद वेबसाइट और एप चुनना, किसी भी ऑफर की पुष्टि करना, गोपनीय बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना तथा संदिग्ध लिंक और क्यूआर कोड से बचना जरूरी है। बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी के नाम से आने वाली कॉल पर भी बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। यदि वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करना और आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना महत्वपूर्ण है। जागरूकता, सतर्कता और सही समय पर कार्रवाई से साइबर अपराध के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। टीकमगढ़ पुलिस की ओर से दिया गया संदेश स्पष्ट है कि त्योहारों की खुशियों के साथ डिजिटल सुरक्षा का ध्यान रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और त्योहारों की खुशियों में साइबर सुरक्षा को भी शामिल करें।
साइबर ठगी की शिकायत: राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930
ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: www.cybercrime.gov.in
आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल
आज फोकस में

आज का पंचांग एवं राशिफल, 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर
आज फोकस में

एमपी पुलिस आरक्षक (चालक) की सीधी भर्ती हेतु चयन परीक्षा-2026, युवाओं के लिए पुलिस विभाग में सेवा का अवसर

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
आज फोकस में

सर्वपितृ अमावस्या पर अशोक गोयल ने पूज्य पितरों को किया नमन, सुख-शांति और समृद्धि की कामना

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ में AI तकनीक के नए युग की तैयारी, राज्य AI मिशन से युवाओं को मिलेंगे भविष्य के अवसर

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग
आज फोकस में

आज का पंचांग, धार्मिक पर्व और राशिफल : द्वादशी श्राद्ध के साथ शिव आराधना का विशेष संयोग

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना
आज फोकस में

पितृपक्ष : जड़ों की ओर लौटने का पर्व — श्रद्धा, स्मृति और कृतज्ञता की साधना

आज का राशिफल

वोट करें

आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें