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संसद भवन में नेपाल के पत्रकारों से मिले किरेन रिजिजू, भारत-नेपाल सहयोग और संसदीय संवाद को मिला नया आयाम

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नई दिल्ली स्थित संसद भवन में भारत-नेपाल संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भारत भ्रमण पर आए नेपाल के पत्रकारों से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं, संसदीय प्रक्रियाओं और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई, और इस संवाद को दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास एवं साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक मुलाकातें न केवल संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देती हैं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ और विश्वास और अधिक गहरा होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की संसदीय प्रणाली, राजनीतिक संरचना और राजनयिक संबंधों की कार्यप्रणाली को समझने के लिए इस तरह के दौरे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिससे पत्रकारों को प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है और वे अपने देश में भी इस ज्ञान को साझा कर सकते हैं। मुलाकात के दौरान भारतीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली, संसद की भूमिका, विधायी प्रक्रिया और शासन व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें नेपाल के पत्रकारों ने भी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और भारतीय प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिससे दोनों देशों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान संभव हो सका। यह संवाद न केवल मीडिया के स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को भी और अधिक मजबूत करता है।

भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंध पहले से ही गहरे हैं, और इस प्रकार के संवाद उन संबंधों को आधुनिक संदर्भ में और अधिक प्रासंगिक बनाते हैं। मीडिया के माध्यम से दोनों देशों के बीच सकारात्मक संदेश का आदान-प्रदान होता है, जिससे आम जनता के बीच भी आपसी समझ और सहयोग की भावना बढ़ती है। इस पहल को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ संवाद, सहयोग और साझेदारी को प्राथमिकता दी जाती है। नेपाल के पत्रकारों के साथ यह मुलाकात इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, जो भविष्य में और अधिक सहयोगात्मक गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। संसद भवन में आयोजित यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह भारत और नेपाल के बीच मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों, पारस्परिक विश्वास और संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

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