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विद्युत उपभोक्ताओं को अधिकारों और शिकायत निवारण प्रक्रिया की दी जानकारी

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रायगढ़ में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने शिकायत निवारण की त्रिस्तरीय व्यवस्था, क्षतिपूर्ति प्रावधान, बिलिंग, मीटर, विद्युत दर और सौर ऊर्जा से जुड़े विषयों पर किया मार्गदर्शन
रायगढ़। विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और शिकायतों के प्रभावी निराकरण के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था की जानकारी देने के उद्देश्य से शनिवार को रायगढ़ में ‘विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया’ विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिंदल स्टील-डी एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला ओपी जिंदल स्कूल परिसर स्थित ऑडिटोरियम में हुई। कार्यशाला में विद्युत क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके निराकरण तक की निर्धारित प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं के लिए यह जानना आवश्यक है कि सेवा से संबंधित समस्या उत्पन्न होने पर शिकायत कहां दर्ज करनी है, किस स्तर पर उसका निराकरण किया जाता है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता के पास आगे कौन-कौन से वैधानिक विकल्प उपलब्ध हैं। कार्यशाला में शिकायत निवारण की त्रिस्तरीय व्यवस्था, क्षतिपूर्ति के प्रावधान, बिलिंग, मीटर, विद्युत आपूर्ति, उपभोक्ता अधिकार, विद्युत दर निर्धारण तथा सौर ऊर्जा जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई।
उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश
कार्यशाला के अध्यक्षीय सत्र में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य (विधि) श्री विवेक गनोदवाले ने उपभोक्ता हितों की रक्षा से जुड़े विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों और उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध वैधानिक तंत्र की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि जागरूक उपभोक्ता अपनी समस्या का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकता है। उन्होंने समय पर विद्युत सेवा उपलब्ध नहीं होने अथवा निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध प्रावधानों की जानकारी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि उपभोक्ता को केवल विद्युत बिल का भुगतान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे विद्युत सेवा से जुड़े अपने अधिकारों और शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था की भी जानकारी रखनी चाहिए। इससे उपभोक्ता और विद्युत वितरण कंपनी के बीच संवाद की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
पहली सीढ़ी पर शिकायत का समाधान जरूरी

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, रायगढ़ के मुख्य अभियंता श्री मनीष तनेजा ने प्रथम स्तर की शिकायत निवारण व्यवस्था और उसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना विद्युत वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति, बिलिंग अथवा अन्य सेवा से जुड़ी समस्या होने पर उपभोक्ता निर्धारित माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसके निराकरण की प्रक्रिया संबंधित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ती है। मुख्य अभियंता ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी शिकायत के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया को समझना जरूरी है। यदि उपभोक्ता को शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी होगी तो वह अपनी समस्या को उचित स्तर पर प्रस्तुत कर सकेगा। प्राथमिक स्तर पर शिकायत का त्वरित समाधान होने से उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से आगे की प्रक्रिया में जाने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
फोरम के माध्यम से शिकायतों के समाधान की जानकारी
विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, रायगढ़ के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गोयल ने शिकायत एवं क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण फोरम का सहारा ले सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को समयबद्ध विद्युत सेवा और शिकायतों के निर्धारित समय-सीमा में निराकरण से जुड़े क्षतिपूर्ति प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी। कार्यशाला में इस बात को सरल तरीके से समझाया गया कि यदि किसी उपभोक्ता की समस्या प्राथमिक स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हल नहीं होती है तो वह उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था के अगले स्तर का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ता को एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराना है, जहां विद्युत सेवा से संबंधित शिकायतों और विवादों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार देखा जा सके।
औद्योगिक उपभोक्ताओं के मुद्दों पर भी चर्चा
जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्ष श्री संदीप नंदनवार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने बताया कि फोरम का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों और विवादों का निष्पक्ष, प्रभावी तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निराकरण सुनिश्चित करना है। औद्योगिक उपभोक्ताओं के संदर्भ में विद्युत आपूर्ति एवं सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति का महत्व अधिक होता है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति से जुड़े विषयों, शिकायतों और विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था की जानकारी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हो सकती है।
विद्युत लोकपाल की भूमिका भी समझाई
कार्यशाला में विद्युत लोकपाल श्री एस.के. सोनी ने उपभोक्ताओं के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय विद्युत सेवा, सही बिलिंग, मीटर संबंधी सेवाओं तथा शिकायतों के समयबद्ध समाधान जैसे अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने शिकायत निवारण की आगे की प्रक्रिया और विद्युत लोकपाल की भूमिका को भी सरल तरीके से समझाया। कार्यशाला में बताया गया कि शिकायत निवारण की निर्धारित प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों की व्यवस्था उपलब्ध है और उपभोक्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उपभोक्ताओं से अपील की कि वे विद्युत सेवा से जुड़ी शिकायतों के संबंध में उपलब्ध आधिकारिक व्यवस्था का उपयोग करें और अपनी शिकायत से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तथा जानकारी सुरक्षित रखें। इससे शिकायत के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
बिजली दर और सौर ऊर्जा पर भी चर्चा
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निदेशक (टैरिफ) श्री सुरेंद्र सिंह ने खुदरा विद्युत दर निर्धारण और सौर ऊर्जा से संबंधित विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्युत दरों के निर्धारण की प्रक्रिया तथा उपभोक्ताओं पर इसके प्रभाव से जुड़े पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि विद्युत दरों से संबंधित व्यवस्था के बारे में उपभोक्ताओं को जानकारी होना आवश्यक है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी उन्होंने जानकारी साझा की। कार्यशाला में विद्युत उपभोक्ताओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि विद्युत क्षेत्र केवल आपूर्ति और बिल भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नियमन, दर निर्धारण, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
विद्युत नियामक आयोग की भूमिका पर प्रकाश
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य (तकनीकी) श्री अजय कुमार सिंह ने आयोग की भूमिका और जिम्मेदारियों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्युत क्षेत्र के नियमन, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मामलों में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उपभोक्ताओं को उपलब्ध वैधानिक और नियामकीय व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उपभोक्ता यदि अपने अधिकारों और उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था से परिचित रहेगा तो विद्युत सेवा से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए उचित मंच का उपयोग कर सकेगा। कार्यशाला में विद्युत क्षेत्र के नियमन से लेकर उपभोक्ता शिकायतों के निराकरण तक की पूरी व्यवस्था को अलग-अलग स्तरों पर समझाया गया। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें अधिक सक्षम और जागरूक बनाना रहा।
कार्यशाला की शुरुआत में स्वागत उद्बोधन
कार्यशाला के प्रारंभ में जिंदल स्टील के उपाध्यक्ष श्री पिनाकी भट्टाचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपभोक्ता जागरूकता और प्रभावी शिकायत निवारण को बेहतर विद्युत सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से उपभोक्ताओं और विद्युत क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के बीच संवाद को मजबूत किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी मिलने से वे अपनी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कार्यशाला में शामिल विशेषज्ञों, अधिकारियों और उपभोक्ताओं का स्वागत किया तथा आयोजन को उपयोगी पहल बताया।
प्रश्नोत्तर सत्र में उपभोक्ताओं ने पूछे सवाल
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रश्नोत्तर सत्र रहा। इस दौरान विद्युत उपभोक्ताओं ने विद्युत आपूर्ति, बिलिंग, मीटर, शिकायत निवारण, फोरम की कार्यप्रणाली और अन्य संबंधित विषयों को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के प्रश्नों का जवाब देते हुए संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इससे प्रतिभागियों को उन विषयों को समझने का अवसर मिला, जिनका सामना उन्हें दैनिक स्तर पर विद्युत सेवा का उपयोग करते समय करना पड़ता है। कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि उपभोक्ताओं को किसी भी समस्या की स्थिति में पहले निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग करना चाहिए और समस्या का समाधान नहीं होने पर नियमानुसार उपलब्ध अगले स्तर की व्यवस्था में जाना चाहिए।
जिंदल स्टील-डी में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन
कार्यशाला के साथ ही शनिवार को जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इसे जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए शिकायतों के निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। नवस्थापित कार्यालय के माध्यम से विद्युत उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के समाधान के लिए निर्धारित संस्थागत व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। कार्यालय की स्थापना से उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण की प्रक्रिया में एक निर्धारित मंच उपलब्ध होगा। कार्यशाला में बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर संबंधित विद्युत कार्यालय में शिकायत के निराकरण के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता अपना मामला विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों और विवादों के समाधान को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
उपभोक्ता जागरूकता को मिलेगी मजबूती
विद्युत सेवा आज प्रत्येक परिवार, व्यवसाय और उद्योग की मूलभूत आवश्यकता है। ऐसे में विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। रायगढ़ में आयोजित कार्यशाला इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने वाली पहल के रूप में सामने आई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर जानकारी देकर यह स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने से लेकर समाधान तक एक निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया उपलब्ध है। उपभोक्ता अपने अधिकारों को समझकर इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में विद्युत आपूर्ति से जुड़े तकनीकी विषयों के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकार, नियामकीय व्यवस्था, शिकायत निवारण और क्षतिपूर्ति जैसे विषयों को भी शामिल किया गया। इससे कार्यक्रम का दायरा केवल शिकायत प्रक्रिया तक सीमित न रहकर विद्युत उपभोक्ता जागरूकता के व्यापक विषय तक पहुंचा।
पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में कदम
जिंदल स्टील-डी और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला तथा विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय के उद्घाटन को उपभोक्ता केंद्रित विद्युत व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों ने अलग-अलग स्तरों पर उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दी। इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में मदद मिली कि विद्युत सेवा से संबंधित शिकायत की स्थिति में किस प्रकार निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा सकता है। वहीं फोरम कार्यालय की स्थापना से औद्योगिक और अन्य संबंधित विद्युत उपभोक्ताओं को शिकायतों एवं विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
बड़ी संख्या में अधिकारी और उपभोक्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम तथा जिंदल स्टील-डी के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की और प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी के साथ-साथ शिकायत निवारण की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाने पर जोर दिया गया।
मुख्य बिंदु एक नजर में
  • रायगढ़ में विद्युत उपभोक्ता जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला।
  • जिंदल स्टील-डी और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड का संयुक्त आयोजन।
  • उपभोक्ता अधिकारों और कर्तव्यों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी।
  • शिकायत निवारण की त्रिस्तरीय व्यवस्था को समझाया गया।
  • समयबद्ध सेवा और क्षतिपूर्ति प्रावधानों की जानकारी दी गई।
  • बिलिंग, मीटर और विद्युत आपूर्ति से जुड़े विषयों पर चर्चा।
  • विद्युत लोकपाल की भूमिका और आगे की शिकायत प्रक्रिया बताई गई।
  • खुदरा विद्युत दर निर्धारण और सौर ऊर्जा पर जानकारी दी गई।
  • विद्युत नियामक आयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
  • जिंदल स्टील-डी में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन।
  • प्रश्नोत्तर सत्र में उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान।
  • कार्यक्रम में आयोग, बिजली कंपनी, फोरम और जिंदल स्टील-डी के अधिकारी व बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।
रायगढ़ में आयोजित ‘विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया’ कार्यशाला ने उपभोक्ताओं को विद्युत सेवा से जुड़े उनके अधिकारों, शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था और संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी देने का काम किया। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग करने का संदेश दिया। वहीं जिंदल स्टील-डी में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन उपभोक्ताओं को शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के समाधान के लिए सुलभ एवं व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

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