
ग्वालियर/नई दिल्ली/काठमांडू। अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा द्वारा आगामी 1 एवं 2 अगस्त को नेपाल की राजधानी काठमांडू में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाजसेवी श्री सतीश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत और नेपाल के अग्रवाल समाज के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर भी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज सदैव राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में नेपाल में आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक संगठन के विस्तार, समाज को नई दिशा देने तथा दोनों देशों के अग्रवाल समाज के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्री सतीश अग्रवाल ने बताया कि नेपाल और भारत के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंध भी सदियों पुराने हैं। नेपाल में बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के परिवार निवास करते हैं और उनका भारत के विभिन्न राज्यों में रहने वाले अग्रवाल परिवारों से गहरा आत्मीय संबंध है। ऐसे में काठमांडू में आयोजित यह बैठक दोनों देशों के समाजजनों के लिए एक विशेष अवसर लेकर आ रही है।
उन्होंने कहा कि 2 अगस्त को विश्वभर में फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा और इसी दिन भारत एवं नेपाल के अग्रवाल भाई-बहनों का मिलन होना एक सुखद और ऐतिहासिक संयोग है। यह अवसर समाज के लोगों को एक-दूसरे के और अधिक निकट लाने, पारस्परिक सहयोग को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को समाज की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक सेवा गतिविधियों, युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही आगामी वर्षों की कार्ययोजना और समाज हित में संचालित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
महासभा के पदाधिकारियों का मानना है कि वर्तमान समय में समाज को संगठित और सशक्त बनाने की आवश्यकता पहले से अधिक है। शिक्षा, उद्यमिता, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्रों में अग्रवाल समाज की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाने की जरूरत है। काठमांडू में आयोजित यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बैठक के दौरान नेपाल अग्रवाल समाज द्वारा भारत से पहुंचने वाले सक्रिय एवं समर्पित पदाधिकारियों का सम्मान भी किया जाएगा। समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले पदाधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यह सम्मान समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
नेपाल अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि भारत और नेपाल के अग्रवाल समाज के बीच संबंध सदैव आत्मीय और मजबूत रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के माध्यम से इन संबंधों को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। यह आयोजन दोनों देशों के समाजजनों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने अनुभवों, विचारों और योजनाओं का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक विकास को भी गति प्रदान करते हैं। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए यह कार्यक्रम सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा ने देशभर के सक्रिय पदाधिकारियों, समाजसेवियों और संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों से राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में सहभागिता करने का आग्रह किया है। आयोजकों का विश्वास है कि काठमांडू में होने वाला यह आयोजन समाज के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
फ्रेंडशिप डे के अवसर पर भारत और नेपाल के अग्रवाल समाज का यह मिलन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह भाईचारे, सहयोग, संगठनात्मक एकता और सांस्कृतिक संबंधों का एक प्रेरणादायक उत्सव भी बनेगा। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि इस बैठक से निकले विचार और संकल्प आने वाले समय में अग्रवाल समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।









