
सीहोर, 15 जून। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेश की समस्त जेलों में 15 जून से 21 जून तक साप्ताहिक योग अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिला जेल सीहोर में अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बंदियों से नियमित रूप से योग करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जिला जेल परिसर में बंदियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लोगो युक्त टी-शर्ट का वितरण भी बंदियों को किया गया, जिससे उनमें उत्साह और सहभागिता का वातावरण देखने को मिला।
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम के बाद जिला जेल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित गतिविधियों को निरंतर प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा रहा। वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से जरूरतमंद बंदियों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (कान की मशीन), स्टिक, बेल्ट एवं अन्य सहायक सामग्री का वितरण किया गया। इन उपकरणों के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बंदियों को दैनिक जीवन में सुविधा प्राप्त होगी और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जेलों में योग, स्वास्थ्य जागरूकता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों का आयोजन बंदियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता है। ऐसे कार्यक्रम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। इससे बंदियों को समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जेलों में जागरूकता एवं कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी मिल सके और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बताया कि योग अभियान के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, जेल अधीक्षक सुश्री प्रतिभा पटेल, वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जेल कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। सभी ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
साप्ताहिक योग अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में भी प्रदेश की विभिन्न जेलों में योग, स्वास्थ्य जागरूकता, ध्यान एवं परामर्श संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बंदियों के समग्र विकास, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। यह अभियान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है और बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।









