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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व पर कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने दी शुभकामनाएं

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गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी मानवता को समानता, सेवा, सत्य और करुणा का मार्ग दिखाती है : संपतिया उइके
मंडला। सिख पंथ के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन की कैबिनेट मंत्री एवं मंडला विधायक श्रीमती संपतिया उइके ने प्रदेशवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी मानवता को जीवन में सत्य, सेवा, समानता, प्रेम और करुणा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती है। प्रकाश पर्व सिख समाज के लिए आस्था और श्रद्धा का महत्वपूर्ण अवसर होने के साथ-साथ समूचे समाज के लिए मानवीय मूल्यों को समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संदेश देता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पर्व को आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने का संदेश दिया।
मानवता और समानता का संदेश देती है गुरु साहिब की वाणी— श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिख परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इसकी वाणी में मानव जीवन को सत्य, प्रेम, सेवा, विनम्रता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। गुरु साहिब की शिक्षाएं मनुष्य को बाहरी भेदभाव से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति के प्रति समान भाव रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश देती हैं। प्रकाश पर्व इसी आध्यात्मिक परंपरा और गुरु वाणी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। मंत्री संपतिया उइके ने अपने शुभकामना संदेश में गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को सामाजिक जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यदि समाज में समानता, करुणा और सेवा की भावना मजबूत होगी तो आपसी संबंधों में भी विश्वास और सद्भाव बढ़ेगा।
सेवा और करुणा को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान— गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं में सेवा की भावना को विशेष महत्व प्राप्त है। सिख समाज में सेवा, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता की परंपरा लंबे समय से सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरु साहिब की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए सेवा और परोपकार के कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाता है। संपतिया उइके ने भी अपने संदेश में कहा कि गुरु साहिब की वाणी केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मानवता के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराती है। समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए उनकी सहायता करना सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उन्होंने सभी से प्रेम, सहयोग और करुणा के भाव को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर— प्रकाश पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों, कीर्तन, अरदास और सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को गुरु साहिब की शिक्षाओं से जोड़ना और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। वर्तमान समय में विविधताओं से भरे समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना सामाजिक समरसता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी मनुष्य को समानता और मानवीय गरिमा का सम्मान करने की प्रेरणा देती है। इसी भावना को रेखांकित करते हुए मंत्री संपतिया उइके ने प्रकाश पर्व पर सभी नागरिकों से आपसी सद्भाव, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में योगदान देने का संदेश दिया।
प्रेम, सत्य और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संदेश— गुरु साहिब की शिक्षाओं में सत्य और सदाचारपूर्ण जीवन को विशेष महत्व दिया गया है। व्यक्ति के व्यवहार में विनम्रता, दूसरों के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपनाने से सामाजिक वातावरण सकारात्मक बन सकता है। प्रकाश पर्व ऐसे ही मूल्यों को स्मरण करने और उन्हें व्यवहार में लाने का अवसर प्रदान करता है। मंत्री संपतिया उइके ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी मानवता को प्रेम, समानता, सेवा, सत्य और करुणा की राह दिखाती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि गुरु साहिब के संदेश को केवल पर्व विशेष तक सीमित न रखते हुए अपने दैनिक जीवन में भी अपनाने का प्रयास करें। इससे परिवार, समाज और व्यापक स्तर पर आपसी विश्वास तथा सद्भाव को मजबूत करने में योगदान दिया जा सकता है।
प्रकाश पर्व पर सभी के सुख-शांति की कामना— मंडला विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन की कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक एकता और मानव कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कामना की कि गुरु साहिब की शिक्षाओं से समाज में सेवा, समानता, प्रेम और करुणा की भावना और अधिक मजबूत हो तथा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार हो। प्रकाश पर्व के माध्यम से गुरु वाणी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और उसे व्यवहार में उतारने का संकल्प सामाजिक जीवन को अधिक संवेदनशील और सहयोगपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। इस अवसर पर दिया गया संदेश धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानवता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
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