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छत्तीसगढ़ में HDFC Bank के 25 वर्ष पूर्ण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई; बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का आग्रह

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में HDFC Bank के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैंक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने HDFC Bank के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में बैंक की राज्य में अब तक की यात्रा, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और आम नागरिकों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को केवल बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव ही नहीं, बल्कि राज्य में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं से जोड़ते हुए ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए HDFC Bank से आग्रह किया कि इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जाए, ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सके। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता का सीधा संबंध आम लोगों के दैनिक वित्तीय लेन-देन, बचत, ऋण, डिजिटल भुगतान तथा अन्य बैंकिंग आवश्यकताओं से है। ऐसे में बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण आबादी को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री के आग्रह का केंद्र विशेष रूप से उन क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं को पहुंचाना रहा, जहां भौगोलिक दूरी और अन्य परिस्थितियों के कारण नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है। HDFC Bank ने छत्तीसगढ़ में अपनी बैंकिंग उपस्थिति का विस्तार वर्षों के दौरान किया है। बैंक के एक आधिकारिक पुराने विवरण के अनुसार, उसकी छत्तीसगढ़ में पहली शाखा वर्ष 2002 में रायपुर में शुरू हुई थी और वर्ष 2020 में राज्य में 100 शाखाओं का आंकड़ा पूरा हुआ था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर दिया गया जोर राज्य के व्यापक ग्रामीण क्षेत्र को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता को सामने लाता है। बैंकिंग सेवाएं आज केवल नकद जमा और निकासी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बचत खाते, डिजिटल बैंकिंग, ऋण, भुगतान सेवाएं और विभिन्न वित्तीय लेन-देन लोगों के आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता से स्थानीय नागरिकों को अपने वित्तीय कार्यों के लिए दूर शहरों या बड़े कस्बों पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत क्षेत्र और सरगुजा के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना एक महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री के आग्रह में इसी आवश्यकता को प्राथमिकता दी गई कि बैंक अपनी सेवाओं की पहुंच उन इलाकों तक भी बढ़ाए, जहां अभी अधिक विस्तार की आवश्यकता है। HDFC Bank द्वारा पूर्व में राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ हिस्सों तक औपचारिक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने तथा शाखा नेटवर्क के साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई थी। वर्ष 2016 में बैंक की छत्तीसगढ़ में 75वीं शाखा धमतरी जिले के कुरूद में शुरू हुई थी और उस समय बैंक ने शाखा नेटवर्क के साथ डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से राज्य के अधिक लोगों तक पहुंच बनाने की बात कही थी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार लंबे समय से चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ता रहा है। वर्तमान अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किए जाने से बैंकिंग विस्तार के अगले चरण में भौगोलिक रूप से दूर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता सामने आई है। ग्रामीण नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होने से वित्तीय लेन-देन की सुविधा के साथ-साथ बैंकिंग प्रणाली के प्रति उनकी पहुंच और सहभागिता भी बढ़ सकती है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच यह भी आवश्यक है कि ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी उपलब्ध हो, ताकि वे आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें।
HDFC Bank के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने का अवसर राज्य में बैंकिंग क्षेत्र की लंबी उपस्थिति और विस्तार की यात्रा को भी रेखांकित करता है। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2002 में रायपुर से शुरू हुई उसकी राज्य स्तरीय यात्रा आगे बढ़ते हुए विभिन्न जिलों तक पहुंची। वर्ष 2016 में 75वीं शाखा का पड़ाव और वर्ष 2020 में 100वीं शाखा का आंकड़ा इस विस्तार के अलग-अलग चरणों को दर्शाता है। बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ डिजिटल बैंकिंग को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे शाखाओं के अलावा तकनीकी माध्यमों से सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावना बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग विस्तार की चर्चा करते हुए इस बात का महत्व और बढ़ जाता है कि बैंकिंग सेवाएं केवल शाखाओं तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए शाखाओं के साथ अन्य बैंकिंग माध्यमों का उपयोग भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि किस क्षेत्र में कितनी नई शाखाएं या अन्य सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, इस संबंध में इस अवसर पर कोई विस्तृत संख्या या समयसीमा सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री का आग्रह मूल रूप से सेवाओं के विस्तार और अधिक से अधिक ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने पर केंद्रित रहा। HDFC Bank की ओर से भी पूर्व में राज्य के ग्रामीण इलाकों तक औपचारिक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाने की बात कही गई थी। बैंक के एक पूर्व आधिकारिक वक्तव्य में शाखा नेटवर्क तथा डिजिटल बैंकिंग को साथ लेकर राज्य के अधिक लोगों तक पहुंच बनाने का उद्देश्य व्यक्त किया गया था। इस पृष्ठभूमि में 25 वर्ष पूर्ण होने का अवसर बैंक और राज्य के बीच बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को आगे बढ़ाने के लिए नए प्रयासों पर चर्चा का अवसर भी बना। विशेष लोगो का विमोचन इस अवसर को स्मरणीय बनाने के साथ बैंक की राज्य में 25 वर्ष की यात्रा को रेखांकित करने वाला प्रतीकात्मक कार्यक्रम रहा।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था और नागरिकों की वित्तीय गतिविधियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के अवसर बढ़ सकते हैं। किसानों, छोटे कारोबारियों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों, श्रमिकों और अन्य ग्रामीण परिवारों के लिए बैंक खाते तथा वित्तीय सेवाओं तक स्थानीय पहुंच उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकती है। बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार केवल शाखा खोलने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसमें ग्राहकों को बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी, डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग, वित्तीय साक्षरता और उपलब्ध सेवाओं के संबंध में मार्गदर्शन देना भी शामिल है। बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में इस दिशा में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री श्री साय का आग्रह इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण रहा कि बैंकिंग सेवाओं का लाभ राज्य के दूरस्थ ग्रामीण नागरिकों तक भी पहुंचे। HDFC Bank की छत्तीसगढ़ में पूर्व की विस्तार यात्रा से यह सामने आता है कि बैंक ने समय के साथ शाखा नेटवर्क बढ़ाने के साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग भी किया है। वर्ष 2020 के आधिकारिक बैंक विवरण में छत्तीसगढ़ में 100 शाखाओं और 104 एटीएम का उल्लेख किया गया था तथा बैंक ने ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य को भी रेखांकित किया था। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बैंकिंग जरूरतों का स्वरूप भी बदल रहा है। डिजिटल भुगतान और मोबाइल बैंकिंग के विस्तार के बावजूद ऐसे क्षेत्र मौजूद हैं जहां नागरिकों के लिए भौतिक बैंकिंग सुविधा की उपलब्धता महत्वपूर्ण बनी हुई है। इसलिए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को जोड़ना भी उपयोगी होगा। इससे ग्रामीण नागरिक बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित और सुविधाजनक उपयोग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बैंक से किया गया आग्रह इसी दिशा में राज्य के उन हिस्सों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता को सामने लाता है, जहां अभी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
HDFC Bank के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष लोगो का विमोचन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बैंक को दी गई शुभकामनाएं कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को लेकर राज्य की प्राथमिकता भी सामने रखी और बस्तर एवं सरगुजा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की यात्रा रायपुर से शुरू होकर विभिन्न जिलों तक पहुंची है और बैंक के आधिकारिक दस्तावेजों में राज्य में शाखा नेटवर्क के क्रमिक विस्तार तथा डिजिटल बैंकिंग की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख मिलता है। ऐसे में 25 वर्ष पूर्ण होने का अवसर भविष्य में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंच को और व्यापक बनाने की दिशा में अपेक्षाओं को सामने लाने वाला अवसर भी बना। मुख्यमंत्री के आग्रह के केंद्र में ग्रामीण नागरिक रहे, ताकि भौगोलिक रूप से दूर स्थित गांवों के लोगों को भी बैंकिंग सेवाओं के लिए बेहतर स्थानीय सुविधा उपलब्ध हो सके। आने वाले समय में बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से संबंधित निर्णय बैंक की योजनाओं और संबंधित प्रक्रियाओं के आधार पर आगे बढ़ेंगे। फिलहाल 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण बैंकिंग पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से रखी गई है। विशेष लोगो का विमोचन इस अवसर की औपचारिक पहचान बना, जबकि मुख्यमंत्री का संदेश बैंकिंग सेवाओं को राज्य के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में केंद्रित रहा।
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