
नई दिल्ली | भारतीय वायुसेना के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक अवसर रहा। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने 42 वर्षों की गौरवशाली एवं समर्पित सेवा के बाद भारतीय वायुसेना की कमान सौंप दी। उनके लंबे सेवाकाल में देश की वायु सुरक्षा, सैन्य तैयारियों और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण स्थान रहा। इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उन बहादुर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके बाद भारतीय वायुसेना के एयर वॉरियर्स द्वारा उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके लंबे सैन्य सेवाकाल और वायुसेना के प्रति योगदान के लिए विदाई सलामी के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह अवसर केवल एक सैन्य अधिकारी के सेवाकाल की समाप्ति नहीं, बल्कि चार दशकों से अधिक समय तक राष्ट्र की सुरक्षा में समर्पित जीवन और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान देने का क्षण भी रहा।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करना इस विदाई समारोह का भावनात्मक और महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। यहां एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने उन वीर सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए और सैन्य दायित्वों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक देश के उन वीर जवानों की स्मृति को समर्पित है, जिनका साहस, त्याग और बलिदान भारत की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय गौरव का आधार है। इस अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्होंने शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इसके बाद एयर फोर्स स्टेशन, नई दिल्ली के परेड ग्राउंड में भारतीय वायुसेना के एयर वॉरियर्स ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह विदाई सलामी उनके अनुशासन, नेतृत्व और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान थी। सैन्य परंपराओं में इस प्रकार के समारोहों का विशेष महत्व होता है, क्योंकि वे वरिष्ठ नेतृत्व के योगदान को सम्मानित करने के साथ संगठन की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को भी आगे बढ़ाते हैं। यह समारोह भारतीय वायुसेना की उस परंपरा का प्रतीक बना, जिसमें कर्तव्य, सम्मान, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।
एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का सैन्य जीवन लगभग चार दशकों तक फैला रहा। वे एक अनुभवी फाइटर पायलट और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं। उन्हें 21 दिसंबर 1984 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ था। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न परिचालन, प्रशिक्षण और महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने एक ऑपरेशनल फाइटर स्क्वाड्रन तथा अग्रिम मोर्चे के वायुसेना स्टेशन की कमान संभाली। टेस्ट पायलट के रूप में उन्होंने रूस के मॉस्को में मिग-29 अपग्रेड परियोजना प्रबंधन टीम का नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र में हल्के लड़ाकू विमान तेजस के उड़ान परीक्षण से जुड़ी जिम्मेदारी भी निभाई। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ एयर स्टाफ अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वायुसेना में अपने अनुभव और पेशेवर दक्षता के आधार पर उन्होंने संगठन की परिचालन क्षमता और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यों में योगदान दिया। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया। <Cite refs={[“turn273278search0″,”turn273278search2″,”turn273278search13”]}/>
उनके कार्यकाल में भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारियों, युद्धक क्षमता और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना की भूमिका और उसकी तैयारी को महत्वपूर्ण माना गया। भारतीय वायुसेना के अनुसार, इस अवधि में निर्णायक नेतृत्व, परिचालन तत्परता और सैन्य उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर रहा। आधुनिक युद्ध की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए वायुसेना को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने की दिशा में भी प्रयास किए गए। स्वदेशी तकनीक, नवाचार, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग को प्राथमिकता दी गई। किसी भी आधुनिक वायुसेना की शक्ति केवल उसके लड़ाकू विमानों और हथियार प्रणालियों से निर्धारित नहीं होती, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन, तकनीकी दक्षता, प्रभावी कमान व्यवस्था और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने अपने कार्यकाल में एयर वॉरियर्स के साथ संवाद, पेशेवर दक्षता, जवाबदेही और सेवा के प्रति गौरव की भावना को प्रोत्साहित किया। युवा अधिकारियों, वायुसैनिकों और कैडेटों के साथ उनका जुड़ाव भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की सोच को दर्शाता रहा। <Cite refs={[“turn273278search0″,”turn273278search1”]}/>
भारतीय वायुसेना की कमान का हस्तांतरण एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह से एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को किया गया। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। इससे वायुसेना में नेतृत्व की नई जिम्मेदारी और अगली कार्ययोजना का औपचारिक आरंभ हुआ। एयर चीफ मार्शल दीक्षित इससे पहले वायुसेना उप प्रमुख सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्हें परिचालन अनुभव, प्रशिक्षण और रक्षा नियोजन से जुड़ी जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त है। उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना के सामने परिचालन क्षमता को मजबूत बनाए रखने, आधुनिक तकनीक को अपनाने, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित करने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयारी जारी रखने जैसी महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं रहेंगी। कमान का यह हस्तांतरण भारतीय वायुसेना की संस्थागत निरंतरता और नेतृत्व परंपरा को दर्शाता है। एक ओर एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का 42 वर्षों का सेवाकाल सम्मान के साथ पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर नए वायुसेना प्रमुख के सामने संगठन को नई दिशा और गति देने की जिम्मेदारी आई। <Cite refs={[“turn273278search3″,”turn273278search4″,”turn273278search8”]}/>
एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह की विदाई भारतीय वायुसेना के लिए एक यादगार अवसर के रूप में दर्ज हुई। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि, एयर वॉरियर्स की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर और कमान का औपचारिक हस्तांतरण—इन सभी आयोजनों ने सैन्य सेवा के सम्मान, त्याग और अनुशासन की भावना को अभिव्यक्त किया। 42 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। इस लंबे सफर में उन्होंने पायलट, कमांडर, परीक्षण विशेषज्ञ और वायुसेना प्रमुख के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। भारतीय वायुसेना ने उनके योगदान, नेतृत्व और एयर वॉरियर्स के साथ उनके आत्मीय जुड़ाव को सराहा तथा उनके और उनकी पत्नी सरिता सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनका सेवाकाल आने वाली पीढ़ियों के सैन्य अधिकारियों और वायुसैनिकों को समर्पण, पेशेवर दक्षता तथा राष्ट्र के प्रति निष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। वहीं नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता, तकनीकी आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगी। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी वीर सैनिकों और वायु योद्धाओं को नमन करते हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के 42 वर्षों के गौरवशाली सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।