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HQ Report
32 हजार से अधिक पुस्तकों, ई-बुक्स, शोध कक्ष और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुस्तकालय युवाओं के लिए बनेगा प्रेरणा केंद्र
नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में ‘लोकनायक जयप्रकाश नारायण पुस्तकालय’ का उद्घाटन किया गया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पुस्तकालय विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञान, अध्ययन और शोध का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। पुस्तकालय का नाम स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘संपूर्ण क्रांति’ के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सम्मान में रखा गया है।
नवनिर्मित पुस्तकालय में 32 हजार से अधिक मुद्रित पुस्तकें, 1 करोड़ से अधिक ई-बुक्स, आधुनिक शोध कक्ष, रीडिंग एरिया तथा डिजिटल अध्ययन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। पुस्तकालय का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर कहा गया कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं होता, बल्कि विचार, ज्ञान, संस्कृति और बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। यहाँ उपलब्ध साहित्य, दर्शन, इतिहास, विज्ञान, भाषा और विभिन्न विषयों की पुस्तकें पाठकों को व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता करेंगी।
कार्यक्रम में युवाओं से पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। पुस्तकें व्यक्तित्व निर्माण, तार्किक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

पुस्तकालय में डिजिटल संसाधनों के साथ शांत एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और शोध कार्यों की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। ई-बुक्स और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से देशभर के पाठकों के लिए ज्ञान तक पहुँच और अधिक सुलभ होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचार लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक चेतना और जनभागीदारी की प्रेरणा देते हैं। उनके नाम पर स्थापित यह पुस्तकालय नई पीढ़ी को अध्ययन, चिंतन और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरित करेगा।










