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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज लाड़ली बहनों को ट्रांसफर करेंगे 2,148 करोड़ रुपये, मैहर को देंगे 256 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

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HQ Report
मैहर। मध्यप्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और प्रदेश के विकास को गति देने की दिशा में बुधवार, 19 अगस्त 2026 का दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र लाड़ली बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के दौरान मैहर जिले को भी विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिलेगी। वे जिले में लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को महिला सशक्तीकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं के खातों में राशि का अंतरण किया जाना योजना की निरंतरता और सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों को रेखांकित करता है। योजना की 39वीं किस्त के रूप में प्रत्येक पात्र हितग्राही महिला को 1,500 रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। इसके लिए सरकार द्वारा 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी। इसके साथ ही रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर पात्र महिलाओं को 250 रुपये प्रति हितग्राही अतिरिक्त सहायता दी जा रही है, जिसके लिए 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार प्रदेश की प्रत्येक पात्र लाड़ली बहना के बैंक खाते में कुल 1,750 रुपये की संयुक्त राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।
लाड़ली बहना योजना के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाना, उनके दैनिक जीवन की आवश्यकताओं में सहायता प्रदान करना तथा परिवार और समाज में उनकी आर्थिक भूमिका को मजबूत करना है। खाते में सीधे राशि पहुंचने से हितग्राही महिलाओं को किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं रहती और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचती है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सिंगल क्लिक से राशि अंतरण किए जाने के साथ ही प्रदेशभर की लाखों महिलाओं को एक साथ योजना का लाभ प्राप्त होगा।
रक्षाबंधन के अवसर पर दी जा रही अतिरिक्त सहायता इस बार योजना के कार्यक्रम को और विशेष बना रही है। नियमित मासिक सहायता के साथ 250 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलाकर प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1,750 रुपये पहुंचेंगे। सरकार द्वारा इसे पर्व के अवसर पर महिलाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहयोग के रूप में देखा जा रहा है। रक्षाबंधन भारतीय परंपरा में भाई-बहन के स्नेह और रिश्तों का पर्व है और इसी अवसर पर महिलाओं को अतिरिक्त सहायता मिलने से योजना के लाभार्थियों में उत्साह का वातावरण है। प्रदेश की बड़ी संख्या में महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं, परिवार की जरूरतों और अन्य घरेलू खर्चों के लिए कर सकेंगी।
लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक की वित्तीय सहायता का आंकड़ा भी इसकी व्यापकता को दर्शाता है। जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर अगस्त 2026 तक 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कुल 63,248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। यह राशि प्रदेश की करोड़ों महिला हितग्राहियों तक नियमित रूप से पहुंचाई गई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट प्रावधान किया है, जिससे योजना की निरंतरता और व्यापकता का संकेत मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मैहर प्रवास केवल लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मैहर जिले में 256 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया जाएगा। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किए जाने से मैहर जिले के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
मैहर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। मां शारदा की नगरी के रूप में प्रसिद्ध मैहर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ जिले में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय सुविधाओं और अन्य आधारभूत क्षेत्रों में विकास की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में 256 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के माध्यम से विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार की विकास नीति में क्षेत्रीय संतुलन को महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मैहर में प्रस्तावित विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। नई परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय नागरिकों को सुविधाओं का लाभ मिलेगा और निर्माण एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर की लाड़ली बहनों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। डिजिटल माध्यम से होने वाले राशि अंतरण का सीधा लाभ प्रदेश की पात्र महिलाओं तक पहुंचेगा। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं एवं उपलब्धियों से संबंधित जानकारी भी प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। महिला हितग्राहियों के लिए यह कार्यक्रम सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और महिला सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।
लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं के लिए अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग का माध्यम तैयार किया है। महिलाओं को मिलने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार उसका उपयोग कर सकती हैं। घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य, दैनिक खर्च या अन्य व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए यह राशि उपयोगी साबित हो सकती है। महिलाओं के खाते में सीधे राशि पहुंचने से उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा मिलता है।
महिला सशक्तीकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक निर्णयों में अधिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। लाड़ली बहना योजना को इसी व्यापक दृष्टिकोण के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं में वित्तीय जागरूकता और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ाव भी बढ़ता है। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से सहायता राशि सीधे खाते में पहुंचने से पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
योजना की 39वीं किस्त के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर अतिरिक्त 250 रुपये की सहायता दिए जाने से लाभार्थी महिलाओं के खातों में इस बार सामान्य किस्त से अधिक राशि पहुंचेगी। प्रत्येक पात्र महिला को कुल 1,750 रुपये मिलने हैं। प्रदेशभर की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र महिलाओं तक राशि पहुंचने से बड़ी संख्या में परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग मिलेगा। सरकार द्वारा राशि अंतरण के लिए व्यापक स्तर पर प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां की गई हैं, ताकि पात्र हितग्राहियों तक सहायता राशि समय पर पहुंचाई जा सके।
राशि अंतरण कार्यक्रम का महत्व इस कारण भी बढ़ जाता है क्योंकि यह प्रदेश की बड़ी आबादी को एक साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री द्वारा सिंगल क्लिक से राशि अंतरित किए जाने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सहायता पहुंचती है। डिजिटल माध्यम से राशि भेजे जाने की प्रक्रिया ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे हितग्राहियों को सहायता प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है।
सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना योजना की वित्तीय निरंतरता को दर्शाता है। बजट में पर्याप्त प्रावधान होने से आने वाले समय में भी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलता रहेगा। योजना के तहत नियमित किस्तों का भुगतान महिलाओं के लिए आय के एक निश्चित अतिरिक्त स्रोत के रूप में काम करता है। राज्य सरकार की महिला कल्याण नीति में इस योजना को प्रमुख स्थान दिया गया है।
मैहर में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय कार्यक्रम जिले के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों का लोकार्पण किए जाने से पूर्ण हो चुकी परियोजनाएं जनता को समर्पित होंगी, जबकि भूमि-पूजन के माध्यम से नई परियोजनाओं की शुरुआत होगी। विकास कार्यों की लागत 256 करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण जिले में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले निवेश का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। निर्माण गतिविधियों के साथ संबंधित क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
मैहर के धार्मिक महत्व को देखते हुए विकास कार्यों का पर्यटन और तीर्थाटन से भी संबंध महत्वपूर्ण हो सकता है। मां शारदा मंदिर में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क, यातायात, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। जिले में आधारभूत विकास के नए कार्यों से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम होने के कारण विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं का समन्वय किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर आमंत्रित अतिथियों, लाभार्थियों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेशभर से जुड़े हितग्राहियों के लिए कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर देखने और सुनने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त का अंतरण महिलाओं के लिए नियमित सहायता के क्रम को आगे बढ़ाएगा। जून 2023 से अगस्त 2026 तक 39 किश्तों के माध्यम से 63,248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित किए जाने का आंकड़ा योजना के व्यापक स्तर को दर्शाता है। सरकार द्वारा योजना को जारी रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट प्रावधान किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना को वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों में स्थान दिया गया है।
महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से उनके परिवारों में आर्थिक प्रबंधन की भूमिका मजबूत होने की संभावना रहती है। ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए नियमित आर्थिक सहयोग विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। महिलाएं अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार राशि का उपयोग कर सकती हैं। कई परिवारों में महिलाएं घरेलू बजट तैयार करने और बच्चों से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में आने वाली सहायता राशि उनके आर्थिक निर्णयों में भागीदारी को बढ़ा सकती है।
रक्षाबंधन के अवसर पर अतिरिक्त सहायता का सांस्कृतिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पर्व के दौरान परिवारों में अतिरिक्त खर्च होता है और महिलाओं के लिए मिलने वाली सहायता राशि उनकी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर सकती है। सरकार द्वारा 250 रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ कुल 1,750 रुपये का अंतरण किया जा रहा है। इस सहायता को योजना के नियमित लाभ के साथ पर्व विशेष से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मैहर कार्यक्रम में विकास और जनकल्याण दोनों पक्षों का समावेश रहेगा। एक ओर प्रदेश की करोड़ों पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित होगी, वहीं दूसरी ओर मैहर जिले को 256 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिलेगी। इस प्रकार कार्यक्रम महिला कल्याण और क्षेत्रीय विकास के दो महत्वपूर्ण आयामों को एक साथ सामने लाएगा।
राज्य सरकार के लिए महिला कल्याण योजनाओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देना भी महत्वपूर्ण है। जनता को सीधे प्रभावित करने वाले विकास कार्यों के पूरा होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। वहीं नई परियोजनाओं की शुरुआत से भविष्य के विकास की आधारशिला तैयार होती है। मैहर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से इन दोनों क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किए जाने से संबंधित विभागों में भी नई ऊर्जा आएगी। जिन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा, उनके माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। जिन परियोजनाओं का भूमि-पूजन होगा, वे आने वाले समय में पूर्ण होकर जिले की आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान देंगी। विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सामाजिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जब महिलाओं के पास स्वयं के बैंक खाते में नियमित आर्थिक संसाधन उपलब्ध होते हैं, तो वे परिवार से जुड़े निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। सरकार की ओर से दी जा रही सहायता को महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए योजना का प्रभाव प्रदेश के लगभग हर जिले में दिखाई देता है। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी इस योजना की लाभार्थी हैं। सिंगल क्लिक के माध्यम से एक साथ राशि अंतरण किए जाने से प्रदेशव्यापी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन होता है। इस प्रक्रिया में बैंकिंग व्यवस्था और डिजिटल भुगतान प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मैहर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाने से विंध्य क्षेत्र को भी विशेष महत्व मिलता है। मैहर सहित आसपास के क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने और जन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नए कार्यों का शुभारंभ किया जाना क्षेत्रीय विकास के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मैहर में आधारभूत सुविधाओं का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर सकता है।
कार्यक्रम को लेकर लाभार्थी महिलाओं और स्थानीय नागरिकों में उत्साह का वातावरण है। लाड़ली बहना योजना की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए 19 अगस्त का दिन विशेष रहेगा। सिंगल क्लिक के बाद उनके बैंक खातों में नियमित किस्त के साथ रक्षाबंधन की अतिरिक्त सहायता भी पहुंचेगी। वहीं मैहर के नागरिक मुख्यमंत्री से जिले के लिए विकास कार्यों की सौगात प्राप्त करेंगे।
राज्य सरकार द्वारा जारी वित्तीय विवरण के अनुसार योजना के आरंभ से अगस्त 2026 तक 39 किश्तों के माध्यम से 63,248 करोड़ रुपये की सहायता राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। यह राशि कई वर्षों में निरंतर जारी सहायता का कुल वित्तीय स्वरूप प्रस्तुत करती है। चालू वित्तीय वर्ष में 23,882.81 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ योजना के आगे भी जारी रहने की दिशा स्पष्ट होती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह कार्यक्रम प्रदेश की महिला हितग्राहियों के लिए आर्थिक सहायता और मैहर जिले के लिए विकास कार्यों की सौगात लेकर आ रहा है। 19 अगस्त को 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र लाड़ली बहनों के खातों में 2,148 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरण किया जाएगा। इसमें 39वीं किस्त के 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक तथा रक्षाबंधन के अवसर पर 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता शामिल है। प्रत्येक पात्र महिला को कुल 1,750 रुपये प्राप्त होंगे।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री मैहर जिले में 256 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इससे जिले में विकास गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम महिला कल्याण और क्षेत्रीय विकास की सरकार की प्राथमिकताओं को एक साथ प्रस्तुत करेगा। एक तरफ प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलेगी तो दूसरी तरफ मैहर को नई विकास परियोजनाओं की सौगात प्राप्त होगी।
19 अगस्त 2026 को मैहर में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रदेश की महिलाओं और मैहर जिले के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित होने जा रहा है। लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त और रक्षाबंधन की अतिरिक्त सहायता के रूप में 1,750 रुपये प्रत्येक पात्र महिला के खाते में सीधे पहुंचेंगे। वहीं मैहर जिले में 256 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। महिला सशक्तीकरण, आर्थिक सहयोग, विकास और जनकल्याण के इन प्रयासों के साथ प्रदेश सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश कार्यक्रम से सामने आएगा।
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