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विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया पर रायगढ़ में एक दिवसीय कार्यशाला

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उपभोक्ता अधिकार, शिकायत निवारण की तीन स्तरीय व्यवस्था, क्षतिपूर्ति प्रावधान, सही बिलिंग, मीटर परीक्षण और सुरक्षित विद्युत उपयोग पर विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी
जिंदल स्टील-डी एवं छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रायगढ़ के संयुक्त आयोजन में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने लिया भाग; जिंदल स्टील-डी में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का भी हुआ उद्घाटन
रायगढ़। विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, शिकायतों के निराकरण के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था तथा विद्युत सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को रायगढ़ में ‘विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिंदल स्टील-डी एवं छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला ऑडिटोरियम भवन, ओ.पी. जिंदल स्कूल, जिंदल स्टील, रायगढ़ में दोपहर 02:15 बजे से सायं 06:30 बजे तक आयोजित हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्युत उपभोक्ताओं को यह समझाना रहा कि बिजली से संबंधित किसी भी समस्या अथवा विवाद की स्थिति में उन्हें किस प्रकार शिकायत दर्ज करनी चाहिए, शिकायत का समाधान किस स्तर पर किया जाता है, निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर आगे कौन-सी संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध है तथा किन परिस्थितियों में क्षतिपूर्ति के प्रावधान लागू हो सकते हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सही बिलिंग, मीटर परीक्षण, समय पर विद्युत सेवा, ऑनलाइन आवेदन एवं शिकायत दर्ज करने की सुविधा, बिजली की बचत तथा विद्युत के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC), रायपुर के अध्यक्ष एवं सदस्य (विधि) श्री विवेक गनोदवाले, सदस्य (तकनीकी) श्री अजय सिंह, विद्युत लोकपाल श्री एस.के. सोनी, निदेशक (टैरिफ) श्री सुरेंद्र सिंह, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्षगण, CSPDCL रायगढ़ के मुख्य अभियंता श्री मनीष तनेजा तथा जिंदल स्टील-डी के अधिकारीगण की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में CSPDCL एवं जिंदल स्टील-डी के उपभोक्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर विशेषज्ञों से विद्युत सेवाओं एवं शिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इस कार्यालय की स्थापना को विद्युत उपभोक्ताओं को शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के निराकरण के लिए सुलभ, व्यवस्थित और संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
उपभोक्ता जागरूकता को विद्युत सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि विद्युत सेवा आधुनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। घर, व्यापार, कृषि, उद्योग, कार्यालय, संस्थान और सार्वजनिक सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र का संचालन विद्युत आपूर्ति पर निर्भर करता है। ऐसे में विद्युत उपभोक्ताओं को केवल बिजली का उपयोग करने और बिल का भुगतान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें विद्युत सेवा से जुड़े अपने अधिकारों और कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया कि जागरूक उपभोक्ता किसी भी विद्युत संबंधी समस्या की स्थिति में सही प्रक्रिया अपनाकर अपनी शिकायत को उचित स्तर तक पहुंचा सकता है। शिकायतों का व्यवस्थित रूप से पंजीयन और उनका समयबद्ध निराकरण उपभोक्ता सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला में शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया। कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि किसी भी उपभोक्ता को विद्युत सेवा से जुड़ी समस्या होने पर पहले निर्धारित प्राथमिक स्तर पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। यदि शिकायत का समाधान वहां नहीं होता अथवा उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ना चाहता है तो उसके लिए अगली संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को विशेष रूप से शिकायत निवारण की तीन स्तरीय प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इसमें पहला स्तर संबंधित विद्युत कार्यालय, दूसरा स्तर उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (ECGRF) तथा तीसरा स्तर विद्युत लोकपाल की व्यवस्था से संबंधित है।
शिकायत निवारण की तीन स्तरीय व्यवस्था समझाई गई
कार्यशाला में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था को तीन प्रमुख स्तरों में समझाया गया।
पहला स्तर – संबंधित विद्युत कार्यालय
विद्युत सेवा से जुड़ी समस्या होने पर उपभोक्ता को सबसे पहले संबंधित विद्युत कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध होती है। बिजली की आपूर्ति, बिलिंग, मीटर, सेवा संबंधी अन्य समस्याओं सहित विभिन्न विषयों पर निर्धारित माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं से कहा कि शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायत क्रमांक अथवा उपलब्ध रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना उपयोगी होता है। इससे भविष्य में शिकायत की स्थिति जानने अथवा निर्धारित प्रक्रिया के अगले स्तर पर जाने की आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जानकारी उपलब्ध रहती है।
दूसरा स्तर – ECGRF
यदि उपभोक्ता की शिकायत का समाधान निर्धारित प्राथमिक प्रक्रिया के अनुसार नहीं हो पाता है, तो निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (ECGRF) का सहारा लिया जा सकता है। कार्यशाला में फोरम की भूमिका, शिकायत प्रस्तुत करने की प्रक्रिया और उपभोक्ता विवादों के निराकरण में फोरम के महत्व को समझाया गया।
तीसरा स्तर – विद्युत लोकपाल
शिकायत निवारण प्रक्रिया के अगले स्तर के रूप में विद्युत लोकपाल की भूमिका के बारे में भी उपभोक्ताओं को जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता उपलब्ध वैधानिक व्यवस्था का उपयोग करते हुए आगे की कार्रवाई कर सकता है। इस तीन स्तरीय व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शिकायतों के समाधान के लिए एक व्यवस्थित संस्थागत मार्ग उपलब्ध कराना है, जिससे शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।
श्री विवेक गनोदवाले ने उपभोक्ता अधिकारों पर दिया जोर
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, रायपुर के अध्यक्ष एवं सदस्य (विधि) श्री विवेक गनोदवाले की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विद्युत क्षेत्र में उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए निर्धारित वैधानिक एवं नियामकीय व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उपभोक्ता यदि इन व्यवस्थाओं से परिचित रहेगा तो वह विद्युत सेवा से संबंधित अपनी समस्या के समाधान के लिए उचित मंच का उपयोग कर सकेगा। उन्होंने उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने इस बात को महत्वपूर्ण बताया कि उपभोक्ता विद्युत सेवा से जुड़े मामलों में उपलब्ध प्रक्रियाओं की जानकारी रखें और किसी भी समस्या की स्थिति में निर्धारित व्यवस्था का उपयोग करें। उनके संबोधन में उपभोक्ता हितों की रक्षा, शिकायतों के प्रभावी निराकरण और विद्युत सेवा व्यवस्था में जागरूकता के महत्व को प्रमुखता दी गई। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उपभोक्ता और विद्युत सेवा प्रदाता के बीच बेहतर संवाद से कई समस्याओं का प्राथमिक स्तर पर ही समाधान संभव हो सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि दोनों पक्ष निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं से परिचित हों।
मुख्य अभियंता श्री मनीष तनेजा ने प्राथमिक शिकायत निवारण व्यवस्था समझाई
CSPDCL रायगढ़ के मुख्य अभियंता श्री मनीष तनेजा ने विद्युत उपभोक्ताओं को प्रथम स्तर की शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही शीघ्र और प्रभावी निराकरण करना विद्युत वितरण व्यवस्था का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करने के उपलब्ध माध्यमों तथा शिकायत के समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को विद्युत सेवा से संबंधित समस्या होने पर उचित माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि शिकायत दर्ज करने के बाद उसकी प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ती है। उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और शिकायत की स्थिति के बारे में जानकारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। श्री तनेजा ने यह संदेश भी दिया कि प्राथमिक स्तर पर शिकायतों का समय पर समाधान होने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से आगे की प्रक्रिया में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके लिए विद्युत वितरण व्यवस्था में शिकायतों के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से विद्युत सेवा से संबंधित समस्याओं को निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से दर्ज कराने और उपलब्ध संस्थागत प्रणाली का उपयोग करने की अपील की।
श्री अशोक कुमार गोयल ने फोरम और क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पर दी जानकारी
कार्यशाला में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, रायगढ़ के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गोयल ने शिकायत और क्षतिपूर्ति से संबंधित प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपभोक्ताओं को समझाया कि यदि किसी शिकायत का प्राथमिक स्तर पर समाधान नहीं होता है तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का सहारा ले सकता है। फोरम उपभोक्ता शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने समयबद्ध सेवा और शिकायतों के निराकरण से जुड़े क्षतिपूर्ति प्रावधानों के बारे में भी जानकारी साझा की। उपभोक्ताओं को बताया गया कि निर्धारित सेवा मानकों और लागू प्रावधानों के बारे में जानकारी रखना उनके लिए उपयोगी है। श्री गोयल ने कहा कि उपभोक्ता को अपनी शिकायत के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायत क्रमांक और अन्य आवश्यक जानकारी को व्यवस्थित रखना चाहिए। इससे शिकायत के समाधान की प्रक्रिया में सुविधा होती है। उन्होंने फोरम की कार्यप्रणाली और उपभोक्ता द्वारा उपलब्ध प्रक्रिया के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी।
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण रही कार्यशाला
जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्ष श्री संदीप नंदनवार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के लिए विद्युत आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उत्पादन प्रक्रिया, मशीनरी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में विद्युत की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए विद्युत सेवा से संबंधित शिकायतों और विवादों के समाधान की संस्थागत प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फोरम का उद्देश्य शिकायतों एवं विवादों का निष्पक्ष, प्रभावी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निराकरण सुनिश्चित करना है। औद्योगिक उपभोक्ताओं के संदर्भ में विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि विद्युत सुरक्षा से संबंधित सावधानियों का पालन करना न केवल संस्थान की संपत्ति और उत्पादन के लिए बल्कि कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
विद्युत लोकपाल श्री एस.के. सोनी ने अधिकारों और आगे की प्रक्रिया बताई
कार्यशाला में विद्युत लोकपाल श्री एस.के. सोनी ने उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत निवारण की आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत सेवा, सही बिलिंग, मीटर से संबंधित सेवाओं तथा शिकायतों के समयबद्ध समाधान जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने समझाया कि विद्युत सेवा से संबंधित किसी भी समस्या को लेकर उपभोक्ता को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायत दर्ज करनी चाहिए। यदि समस्या का समाधान उपलब्ध प्राथमिक व्यवस्था के माध्यम से नहीं होता है तो लागू प्रक्रिया के अनुसार आगे की संस्थागत व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्युत लोकपाल की भूमिका को भी सरल भाषा में समझाया और बताया कि शिकायत निवारण की व्यवस्था में विभिन्न स्तरों की अपनी-अपनी भूमिका होती है। कार्यशाला में उपस्थित उपभोक्ताओं के लिए यह जानकारी विशेष रूप से उपयोगी रही, क्योंकि शिकायत निवारण की आगे की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई बार प्रश्न रहते हैं। विशेषज्ञों ने ऐसे प्रश्नों को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया।
श्री सुरेंद्र सिंह ने विद्युत दर निर्धारण और सौर ऊर्जा पर जानकारी दी
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निदेशक (टैरिफ) श्री सुरेंद्र सिंह ने खुदरा विद्युत दर निर्धारण और सौर ऊर्जा से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्युत दर निर्धारण की प्रक्रिया, उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा उपभोक्ताओं पर उसके प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्युत दरों से संबंधित विषयों को समझने के लिए नियामकीय व्यवस्था की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सौर ऊर्जा के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। वर्तमान समय में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच सौर ऊर्जा से जुड़े विषय उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। कार्यशाला में यह समझाया गया कि ऊर्जा की बचत और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग विद्युत क्षेत्र के व्यापक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उपभोक्ताओं को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए भी जागरूक किया गया।
श्री अजय सिंह ने नियामक आयोग की भूमिका बताई
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, रायपुर के सदस्य (तकनीकी) श्री अजय सिंह ने आयोग की भूमिका और विद्युत क्षेत्र से संबंधित नियामकीय व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्युत क्षेत्र के नियमन, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा तथा विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मामलों में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उपभोक्ताओं को उपलब्ध वैधानिक एवं नियामकीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उनका कहना था कि विद्युत उपभोक्ताओं को यह पता होना चाहिए कि विद्युत क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं की क्या भूमिका है और किसी विशेष समस्या की स्थिति में किस स्तर पर संपर्क किया जा सकता है। तकनीकी विषयों को भी उन्होंने सरल तरीके से समझाया ताकि सामान्य उपभोक्ता विद्युत सेवा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को आसानी से समझ सके। कार्यशाला में नियामक आयोग की भूमिका पर चर्चा का उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह समझाना था कि विद्युत क्षेत्र में सेवा प्रदाता, नियामक संस्था, शिकायत निवारण फोरम और लोकपाल जैसी व्यवस्थाएं किस प्रकार उपभोक्ता हितों की रक्षा में योगदान करती हैं।
सही बिलिंग को लेकर उपभोक्ताओं को किया जागरूक
कार्यशाला में सही और पारदर्शी बिलिंग से जुड़े विषय पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई कि वे अपने विद्युत बिल की जानकारी ध्यानपूर्वक देखें और किसी भी प्रकार की विसंगति दिखाई देने पर निर्धारित माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। विशेषज्ञों ने बिल से संबंधित जानकारी को समझने, मीटर रीडिंग पर ध्यान देने और बिलिंग से जुड़ी किसी समस्या की स्थिति में समय पर शिकायत करने के महत्व पर चर्चा की। उपभोक्ताओं के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण रहा कि बिल से संबंधित समस्या को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से समय पर दर्ज कराना चाहिए। इससे समस्या के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा रहती है। बिलिंग व्यवस्था से संबंधित जानकारी देते हुए यह भी बताया गया कि उपभोक्ता को अपने बिलों और शिकायतों से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।
मीटर परीक्षण से जुड़े अधिकारों पर भी चर्चा
कार्यशाला में मीटर से संबंधित विषयों पर भी जानकारी दी गई। विद्युत सेवा में मीटर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि विद्युत खपत की गणना और बिलिंग व्यवस्था में मीटर से प्राप्त जानकारी का महत्व रहता है। उपभोक्ताओं को मीटर परीक्षण से संबंधित उपलब्ध प्रक्रिया और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली अथवा रीडिंग को लेकर संदेह हो तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण अथवा शिकायत की सुविधा का उपयोग करने की जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को मीटर से संबंधित समस्या को लेकर अनौपचारिक माध्यमों के बजाय निर्धारित विद्युत कार्यालय और उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था का उपयोग करना चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन और शिकायत सुविधा की जानकारी
कार्यशाला में उपभोक्ताओं को ऑनलाइन सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। आधुनिक समय में विद्युत विभाग की कई सेवाओं के लिए ऑनलाइन माध्यम का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन और शिकायत दर्ज करने की सुविधा की जानकारी उपयोगी है। उपभोक्ताओं को बताया कि उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते समय आवश्यक जानकारी सही तरीके से दर्ज करना चाहिए और आवेदन अथवा शिकायत से संबंधित प्राप्त रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना चाहिए। ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुविधाजनक माध्यम उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें हर छोटी प्रक्रिया के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो सके। कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि डिजिटल सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करने के लिए उपभोक्ताओं को उपलब्ध सेवाओं की जानकारी होना आवश्यक है।
समय पर सेवा उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा
विद्युत सेवा में समय का महत्व अत्यधिक है। घरों में दैनिक आवश्यकताओं से लेकर उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया तक, विद्युत आपूर्ति में व्यवधान का असर अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ सकता है। कार्यशाला में समय पर सेवा उपलब्ध कराने और शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समाधान करने के महत्व पर चर्चा की गई। उपभोक्ताओं को उपलब्ध सेवा मानकों और शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को यह जानकारी होनी चाहिए कि किसी समस्या की स्थिति में उन्हें किस माध्यम से शिकायत करनी है और समस्या का समाधान नहीं होने पर किस स्तर पर आगे बढ़ना है। इसी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यशाला में शिकायत निवारण की तीन स्तरीय प्रक्रिया को प्रमुखता से समझाया गया।
क्षतिपूर्ति प्रावधानों को भी समझाया गया
कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण विषय क्षतिपूर्ति के प्रावधान रहा। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को बताया कि निर्धारित समय-सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं होने अथवा शिकायत के समाधान में देरी की स्थिति में लागू प्रावधानों के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है। उपभोक्ताओं को यह बताया गया कि क्षतिपूर्ति से जुड़े प्रावधानों की अपनी निर्धारित प्रक्रिया होती है। ऐसे मामलों में उपभोक्ता को संबंधित सेवा और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना चाहिए। कार्यशाला में यह भी समझाया गया कि उपभोक्ता अपने अधिकारों की जानकारी रखकर उपलब्ध वैधानिक व्यवस्था का उपयोग कर सकता है। इस जानकारी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शिकायतों के समाधान के लिए सक्षम बनाना था।
बिजली की बचत और सुरक्षित उपयोग का संदेश
कार्यशाला के दौरान विद्युत ऊर्जा की बचत और सुरक्षित उपयोग को लेकर भी जागरूकता संदेश दिया गया। विद्युत ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग उपभोक्ता और समाज दोनों के हित में है। आवश्यकता नहीं होने पर बिजली के उपकरण बंद रखना, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करना और विद्युत व्यवस्था का सुरक्षित रखरखाव करना उपयोगी सावधानियां हैं। साथ ही विद्युत सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। बिजली से जुड़े उपकरणों और वायरिंग के साथ सावधानी बरतना आवश्यक है। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कार्यशाला में उपभोक्ताओं को विद्युत का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग करने का संदेश दिया गया।
उपभोक्ताओं ने प्रश्न पूछकर विशेषज्ञों से ली जानकारी
कार्यशाला केवल एकतरफा व्याख्यान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें उपभोक्ताओं को अपने प्रश्न रखने का अवसर भी मिला। प्रतिभागियों ने विद्युत आपूर्ति, बिलिंग, मीटर, शिकायत निवारण, फोरम, विद्युत लोकपाल, सेवा समय-सीमा और अन्य संबंधित विषयों पर सवाल पूछे। प्रश्नों का समाधान करते हुए संबंधित प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया। इससे उपभोक्ताओं को अपने दैनिक अनुभवों से जुड़े सवालों के उत्तर प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रश्नोत्तर सत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उपभोक्ता केवल सामान्य जानकारी प्राप्त न करें, बल्कि अपनी व्यावहारिक समस्याओं से संबंधित विषयों को भी समझ सकें।
जिंदल स्टील-डी में फोरम कार्यालय का उद्घाटन
कार्यशाला के अवसर पर जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इस कार्यालय की स्थापना को उपभोक्ताओं को शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। नवस्थापित कार्यालय के माध्यम से संबंधित उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी शिकायतों और विवादों के समाधान के लिए फोरम की व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। यह पहल विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शिकायत निवारण व्यवस्था का प्रभाव तभी अधिक प्रभावी होता है जब उपभोक्ताओं को उसके बारे में जानकारी के साथ-साथ संबंधित संस्थागत व्यवस्था तक पहुंच भी उपलब्ध हो।
फोरम कार्यालय से उपभोक्ताओं को मिलेगी सुविधा
जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय की स्थापना से उपभोक्ताओं के लिए शिकायत निवारण की प्रक्रिया को समझने और निर्धारित मंच तक अपनी बात पहुंचाने में सुविधा होने की उम्मीद है। कार्यशाला में बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर संबंधित विद्युत कार्यालय में शिकायत के निराकरण के बाद, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता अपना मामला विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को शिकायतों और विवादों के समाधान के लिए एक व्यवस्थित संस्थागत मंच मिलता है। फोरम के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामलों को देखा और उनका निराकरण किया जा सकता है।
जिंदल स्टील-डी और CSPDCL की संयुक्त पहल
यह कार्यशाला जिंदल स्टील-डी और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रायगढ़ की संयुक्त पहल के रूप में आयोजित की गई। आयोजन का उद्देश्य विद्युत उपभोक्ताओं और संबंधित संस्थाओं के बीच संवाद तथा जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यशाला में नियामक आयोग के प्रतिनिधियों, विद्युत लोकपाल, शिकायत निवारण फोरम, CSPDCL और जिंदल स्टील-डी के अधिकारियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया। एक ही मंच पर विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संस्थागत पक्षों की मौजूदगी से उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों की जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यशाला में उपभोक्ता अधिकार और कर्तव्य दोनों पर जोर
कार्यशाला में जहां उपभोक्ताओं के अधिकारों की जानकारी दी गई, वहीं उनके कर्तव्यों पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि उपभोक्ता और विद्युत कंपनी दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। उपभोक्ता का दायित्व है कि वह विद्युत का सुरक्षित और वैध उपयोग करे, समय पर बिल का भुगतान करे, विद्युत उपकरणों और कनेक्शन की सुरक्षा का ध्यान रखे तथा समस्या होने पर निर्धारित माध्यम से शिकायत दर्ज करे। इसी तरह विद्युत सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी सेवा को निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने तथा प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समाधान करने से जुड़ी होती है। कार्यशाला में इन दोनों पक्षों के बीच संतुलन और बेहतर संवाद को उपभोक्ता सेवा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
ग्रामीण और शहरी दोनों उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी जानकारी
विद्युत उपभोक्ता जागरूकता से संबंधित इस प्रकार की कार्यशाला का महत्व केवल औद्योगिक उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। बिजली का उपयोग करने वाले घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और अन्य सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए अपने अधिकारों और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी उपयोगी हो सकती है। कार्यशाला में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से संबंधित सामान्य प्रक्रिया को समझाने का प्रयास किया गया। इसका उद्देश्य यह रहा कि उपभोक्ता अपनी समस्या की प्रकृति के अनुसार उपलब्ध व्यवस्था का उपयोग कर सकें। यह संदेश दिया कि शिकायत को सही स्तर पर और सही प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करना समाधान की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।
उपभोक्ता जागरूकता से मजबूत होगा संवाद
विद्युत सेवा व्यवस्था में उपभोक्ता और सेवा प्रदाता के बीच बेहतर संवाद का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उपभोक्ता यदि अपनी समस्या को सही तरीके से दर्ज करता है और सेवा प्रदाता के पास शिकायत से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहती है तो समस्या के समाधान की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है। कार्यशाला में इसी संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं के प्रश्न सुने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दी। इससे उपभोक्ताओं के बीच शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
विद्युत क्षेत्र में नियामकीय व्यवस्था की जानकारी भी मिली
कार्यशाला में केवल स्थानीय स्तर की शिकायतों की चर्चा नहीं हुई, बल्कि विद्युत क्षेत्र की व्यापक नियामकीय व्यवस्था पर भी जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग की भूमिका, टैरिफ से जुड़े विषय, विद्युत लोकपाल की भूमिका और शिकायत निवारण फोरम जैसे विभिन्न संस्थागत पहलुओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया। इससे प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि विद्युत सेवा से जुड़ा कोई विषय केवल स्थानीय कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके लिए निर्धारित नियामकीय और शिकायत निवारण संस्थाएं भी उपलब्ध हैं।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए सुरक्षा और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण
जिंदल स्टील-डी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत सेवा की निरंतरता और सुरक्षा का महत्व विशेष रूप से होता है। औद्योगिक उत्पादन में विद्युत की भूमिका व्यापक होने के कारण विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था आवश्यक है। कार्यशाला में औद्योगिक उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित विषयों को समझाया गया तथा शिकायतों और विवादों के लिए उपलब्ध फोरम व्यवस्था की जानकारी दी गई।औद्योगिक उपभोक्ताओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि किसी भी विद्युत संबंधी समस्या के समाधान के लिए निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया का उपयोग किया जा सकता है।
कार्यशाला का समय और आयोजन स्थल
कार्यशाला का आयोजन 12 सितंबर 2026, शनिवार को किया गया। कार्यक्रम का समय दोपहर 02:15 बजे से सायं 06:30 बजे तक निर्धारित था। कार्यक्रम का आयोजन ऑडिटोरियम भवन, ओ.पी. जिंदल स्कूल, जिंदल स्टील, रायगढ़ में किया गया। निर्धारित समय के दौरान विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर उपभोक्ताओं को जानकारी दी। कार्यशाला में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की उपस्थिति रही।
विशेषज्ञों की सहभागिता से कार्यक्रम को मिला व्यापक स्वरूप
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, विद्युत लोकपाल, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, CSPDCL और जिंदल स्टील-डी के अधिकारियों की उपस्थिति रही। श्री विवेक गनोदवाले, श्री अजय सिंह, श्री एस.के. सोनी, श्री सुरेंद्र सिंह, फोरम के अध्यक्षगण, श्री मनीष तनेजा तथा जिंदल स्टील-डी के अधिकारियों ने अलग-अलग विषयों पर जानकारी साझा की। विभिन्न विशेषज्ञों की मौजूदगी के कारण उपभोक्ताओं को विधिक, तकनीकी, नियामकीय और शिकायत निवारण से जुड़े पहलुओं को एक ही कार्यक्रम में समझने का अवसर मिला।
कार्यशाला का मूल उद्देश्य रहा उपभोक्ताओं को सक्षम बनाना
आयोजकों के अनुसार कार्यशाला का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना और शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण को सुनिश्चित करने की दिशा में जानकारी उपलब्ध कराना था। जब उपभोक्ता को यह पता होता है कि समस्या होने पर किस स्तर पर शिकायत करनी है, तो वह अपनी शिकायत को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा सकता है। इसी प्रकार जब उपभोक्ता को शिकायत निवारण की आगे की प्रक्रिया की जानकारी होती है तो वह उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था का उचित उपयोग कर सकता है। कार्यशाला में इसी जागरूकता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
तीन स्तरीय शिकायत व्यवस्था को लेकर स्पष्टता
कार्यशाला में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी शिकायत निवारण की तीन स्तरीय प्रक्रिया से संबंधित रही।
संबंधित विद्युत कार्यालय → उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (ECGRF) → विद्युत लोकपाल
इस क्रम को उपभोक्ताओं के सामने सरल रूप से प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि शिकायत निवारण व्यवस्था में प्रत्येक स्तर की अपनी भूमिका है और उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ सकता है। यह जानकारी विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी रही, जिन्हें शिकायत का प्राथमिक स्तर पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती।
उपभोक्ताओं से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील
कार्यशाला में शिकायत से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया गया। उपभोक्ता को शिकायत दर्ज कराने के बाद उपलब्ध शिकायत क्रमांक, बिल, मीटर से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए। यदि किसी शिकायत को आगे की प्रक्रिया में प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है तो ऐसे दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी कि किसी भी विद्युत समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ संबंधित प्रक्रिया की जानकारी भी रखें।
बिजली बचत के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यशाला में विद्युत बचत का संदेश भी दिया गया। बिजली की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ऊर्जा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से भी जुड़ी है। उपभोक्ताओं को आवश्यकता के अनुसार विद्युत उपकरणों का उपयोग करने, अनावश्यक उपकरण बंद रखने और ऊर्जा दक्षता को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया। सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर चर्चा भी इसी व्यापक ऊर्जा जागरूकता का हिस्सा रही।
सुरक्षित विद्युत उपयोग पर विशेष जोर
विद्युत ऊर्जा उपयोगी होने के साथ-साथ सावधानी की भी मांग करती है। इसलिए कार्यशाला में सुरक्षित विद्युत उपयोग को लेकर जागरूकता संदेश दिया गया। उपभोक्ताओं को विद्युत उपकरणों, वायरिंग और कनेक्शन के उपयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई। औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विद्युत संबंधी किसी भी असामान्य स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विभाग को सूचना देना आवश्यक है।
उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
कार्यशाला में पारदर्शी और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था को उपभोक्ता हितों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। उपभोक्ता को शिकायत की स्थिति और उपलब्ध प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिलने से व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसी प्रकार विद्युत कंपनी के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार देखा जाए। कार्यशाला का उद्देश्य इसी व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझाना और उपभोक्ताओं को उपलब्ध संस्थागत विकल्पों की जानकारी देना रहा।
रायगढ़ में उपभोक्ता जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायगढ़ में आयोजित यह कार्यशाला विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। इसमें केवल शिकायत निवारण की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकार, बिलिंग, मीटर, टैरिफ, सौर ऊर्जा, विद्युत सुरक्षा और ऊर्जा बचत जैसे व्यापक विषय शामिल किए गए। जिंदल स्टील-डी और CSPDCL की संयुक्त पहल से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की सहभागिता रही। कार्यशाला और फोरम कार्यालय के उद्घाटन से उपभोक्ता शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयास को मजबूती मिली।
कार्यशाला से मिले प्रमुख संदेश
कार्यशाला के दौरान उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। इनमें प्रमुख रूप से यह बताया गया कि—
  1. विद्युत उपभोक्ता अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें।
  2. विद्युत सेवा से जुड़ी समस्या होने पर निर्धारित माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
  3. शिकायत दर्ज कराने के बाद प्राप्त रिकॉर्ड अथवा शिकायत क्रमांक सुरक्षित रखें।
  4. प्राथमिक स्तर पर समाधान नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ECGRF का उपयोग किया जा सकता है।
  5. आगे की निर्धारित व्यवस्था के रूप में विद्युत लोकपाल की भूमिका को समझना आवश्यक है।
  6. सही बिलिंग और मीटर संबंधी समस्याओं के लिए उपलब्ध प्रक्रिया का उपयोग करें।
  7. समयबद्ध विद्युत सेवा और शिकायत निवारण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी रखें।
  8. ऑनलाइन आवेदन एवं शिकायत सुविधा का उपयोग करने के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी प्राप्त करें।
  9. बिजली की बचत करें और विद्युत का सुरक्षित उपयोग करें।
  10. औद्योगिक उपभोक्ता विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष सावधानी बरतें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ये अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इनमें—
  • श्री विवेक गनोदवाले — अध्यक्ष एवं सदस्य (विधि), छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, रायपुर
  • श्री अजय सिंह — सदस्य (तकनीकी), छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, रायपुर
  • श्री एस.के. सोनी — विद्युत लोकपाल
  • श्री सुरेंद्र सिंह — निदेशक (टैरिफ), छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग
  • विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्षगण
  • श्री मनीष तनेजा — मुख्य अभियंता, CSPDCL रायगढ़
  • जिंदल स्टील-डी के अधिकारीगण
  • CSPDCL एवं जिंदल स्टील-डी के बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता
ने सहभागिता की।
फोरम कार्यालय से शिकायत निवारण व्यवस्था को मिलेगा संस्थागत आधार
जिंदल स्टील-डी में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम कार्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। कार्यालय की स्थापना से उपभोक्ताओं को निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त करने और संबंधित प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत प्रस्तुत करने में सुविधा मिलने की संभावना है। फोरम व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निराकरण करना है। कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही उपभोक्ताओं को यह संदेश भी मिला कि विद्युत सेवा से संबंधित विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध है और उसका उपयोग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है।
उपभोक्ता और संस्थाओं के बीच संवाद को बढ़ावा
ऐसी कार्यशालाएं केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उपभोक्ता और संबंधित संस्थाओं के बीच संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराती हैं। रायगढ़ की कार्यशाला में भी विभिन्न विषयों पर सीधे सवाल-जवाब हुए। उपभोक्ताओं ने अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं और संबंधित अधिकारियों ने उनके प्रश्नों को समझाकर जवाब दिया। इस प्रकार के संवाद से उपभोक्ताओं को व्यवस्था की वास्तविक प्रक्रिया समझने में मदद मिलती है और संस्थाओं को भी उपभोक्ताओं की व्यावहारिक समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।
विद्युत सेवा व्यवस्था को समझने का अवसर
विद्युत उपभोक्ताओं के लिए सामान्यतः बिजली बिल, मीटर और बिजली आपूर्ति से जुड़े विषय सबसे अधिक प्रत्यक्ष होते हैं। लेकिन इनके पीछे नियामकीय व्यवस्था, शिकायत निवारण फोरम, लोकपाल और टैरिफ निर्धारण जैसी व्यवस्थाएं भी कार्य करती हैं। कार्यशाला ने उपभोक्ताओं को इस व्यापक व्यवस्था से परिचित कराने का अवसर दिया। कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक विषयों को सरल रूप में समझाने का प्रयास किया ताकि आम उपभोक्ता भी उन्हें आसानी से समझ सके।
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास
जब उपभोक्ता को अपने अधिकारों और शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी होती है तो वह अपनी समस्या को उचित मंच पर प्रस्तुत करने में अधिक सक्षम होता है। कार्यशाला में इसी उद्देश्य से उपभोक्ताओं को उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें यह समझाया गया कि समस्या की स्थिति में किस स्तर पर संपर्क किया जा सकता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायत को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
समापन : जागरूक उपभोक्ता ही बेहतर सेवा व्यवस्था का आधार
रायगढ़ में 12 सितंबर 2026 को आयोजित ‘विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य संदेश यही रहा कि विद्युत उपभोक्ता अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें तथा विद्युत सेवा से जुड़ी किसी भी समस्या की स्थिति में निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का उपयोग करें। जिंदल स्टील-डी और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्युत क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य (विधि) श्री विवेक गनोदवाले, सदस्य (तकनीकी) श्री अजय सिंह, विद्युत लोकपाल श्री एस.के. सोनी, निदेशक (टैरिफ) श्री सुरेंद्र सिंह, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्षगण, CSPDCL रायगढ़ के मुख्य अभियंता श्री मनीष तनेजा तथा जिंदल स्टील-डी के अधिकारीगण की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने सहभागिता की। कार्यशाला में विद्युत संबंधी प्रमुख विवादों, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया, शिकायत दर्ज करने के स्थान और प्रक्रिया, निर्धारित समय में शिकायत का निराकरण नहीं होने पर उपलब्ध क्षतिपूर्ति प्रावधानों, उपभोक्ता अधिकारों और विद्युत कंपनी के दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपभोक्ताओं को विशेष रूप से शिकायत निवारण की तीन स्तरीय व्यवस्था—संबंधित विद्युत कार्यालय, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (ECGRF) और विद्युत लोकपाल— के बारे में अवगत कराया गया। इसके साथ ही सही बिल, समय पर सेवा, मीटर परीक्षण, ऑनलाइन आवेदन, ऑनलाइन शिकायत सुविधा, बिजली बचत और सुरक्षित विद्युत उपयोग जैसे विषयों को भी कार्यशाला में शामिल किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिंदल स्टील-डी के विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इस कार्यालय की स्थापना को उपभोक्ताओं के लिए शिकायतों और विद्युत संबंधी विवादों के निराकरण हेतु उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।
कार्यशाला के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह संदेश दिया गया कि किसी भी विद्युत समस्या को लेकर जागरूक रहना, सही माध्यम से शिकायत दर्ज करना, शिकायत से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखना तथा आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अगले स्तर का उपयोग करना उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं विद्युत सेवा प्रदाता और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि उपलब्ध नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप उपभोक्ता शिकायतों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और प्रश्नोत्तर सत्र ने उपभोक्ताओं को अपनी व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े विषयों को समझने का अवसर दिया। इस प्रकार यह कार्यशाला केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रहकर उपभोक्ता और विद्युत सेवा व्यवस्था के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच भी बनी।
आयोजक:
विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, जिंदल स्टील-डी
एवं छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), रायगढ़
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