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‘असली शिवसेना मतलब ठाकरे, शिंदे की सेना शाह-सेना’, देखें उद्धव ठाकरे का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

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उद्धव ठाकरे का बड़ा सियासी हमला

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एक बार फिर एकनाथ शिंदे गुट और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उद्धव ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि “असली शिवसेना ठाकरे परिवार और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा है, जबकि शिंदे की सेना अब शिवसेना नहीं, बल्कि शाह-सेना बन चुकी है।” उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

शिंदे गुट पर सीधा आरोप

इंटरव्यू के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को तोड़ने की साजिश पूरी तरह से दिल्ली में रची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे ने बीजेपी नेतृत्व के इशारे पर पार्टी को तोड़ा और सत्ता के लिए बालासाहेब ठाकरे की विरासत से समझौता कर लिया। उद्धव के मुताबिक शिंदे गुट अब स्वतंत्र राजनीतिक इकाई नहीं रहा, बल्कि केंद्र के इशारों पर चलने वाला समूह बन चुका है।

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‘बालासाहेब की शिवसेना कभी समझौता नहीं करती’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने जिस शिवसेना की नींव रखी थी, वह आत्मसम्मान, मराठी अस्मिता और स्वाभिमान की राजनीति करती थी। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के लिए विचारधारा से समझौता करना शिवसेना की परंपरा कभी नहीं रही। उद्धव ने कहा कि जो लोग आज खुद को असली शिवसेना बता रहे हैं, उन्होंने ही सबसे पहले बालासाहेब की विचारधारा से गद्दारी की है।

बीजेपी पर भी साधा निशाना

उद्धव ठाकरे ने इस इंटरव्यू में बीजेपी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति अब सहयोगियों को खत्म करने और उनकी पार्टियों को तोड़ने पर आधारित हो गई है। उद्धव का आरोप है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ जो हुआ, वही मॉडल देश के दूसरे राज्यों में भी अपनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए खतरनाक बताया।

नाम और चुनाव चिन्ह विवाद पर बयान

शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि फैसला भले ही किसी भी संस्था ने दिया हो, लेकिन जनता की अदालत में असली शिवसेना कौन है, यह महाराष्ट्र की जनता तय करेगी। उन्होंने दावा किया कि आज भी शिवसैनिकों और आम लोगों के दिल में ठाकरे ही शिवसेना हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे का यह इंटरव्यू आने वाले चुनावों से पहले बेहद अहम है। इससे एक बार फिर शिवसेना विभाजन का मुद्दा चर्चा में आ गया है और ठाकरे गुट अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में जुट गया है। दूसरी ओर, शिंदे गुट और बीजेपी के लिए यह बयान नई राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

आगे की रणनीति के संकेत

इंटरव्यू के अंत में उद्धव ठाकरे ने संकेत दिए कि उनकी पार्टी आने वाले समय में जनता के बीच जाकर बीजेपी और शिंदे सरकार की नीतियों को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि विचारधारा और लोकतंत्र को बचाने की है।

उद्धव ठाकरे का यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है। “असली शिवसेना” को लेकर उनकी दो-टूक बात और शिंदे गुट को “शाह-सेना” कहना साफ दिखाता है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत और ज्यादा तीखी होने वाली है।

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