
सीहोर। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीहोर के नदी चौराहा स्थित सीवन नदी घाट पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। अभियान के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और मातृत्व सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर तथा श्री सुदीप प्रजापति सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर सभी ने सीवन नदी घाट परिसर में पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही घाट क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण और जल स्रोतों के संरक्षण जैसे प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल है। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन को संरक्षित और समृद्ध बनाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। यदि समय रहते प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वृक्षारोपण से न केवल हरियाली बढ़ती है बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलती है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत स्वच्छ रहेंगे तो पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा तथा लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान सीवन नदी घाट पर साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। जनप्रतिनिधियों ने स्वयं श्रमदान कर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
विधायक श्री सुदेश राय ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और इसमें युवाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लेते हुए हरित वातावरण के निर्माण में सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कई लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों और विशेष रूप से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का वचन लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, तापमान को नियंत्रित रखते हैं और जैव विविधता के संरक्षण में सहायता करते हैं। इसलिए वृक्षारोपण को केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवन शैली का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे प्रभावी माध्यम है। जब समाज स्वयं आगे बढ़कर प्रकृति संरक्षण के कार्यों में भागीदारी करता है, तब सकारात्मक परिणाम अधिक तेजी से दिखाई देते हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान इसी जनभागीदारी को मजबूत करने का प्रयास है, जो भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है।
नगर पालिका सीएमओ श्री सुधीर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व को स्वीकार करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
सीवन नदी घाट पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। पौधारोपण और स्वच्छता अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण का संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाले समय में हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान इसी सकारात्मक सोच और जनभागीदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।









