
पटना। राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पित नेतृत्व के प्रतीक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और देश के विकास को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी पटना में एक विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर माननीय विधायक श्री जीबेश कुमार के आवास पर आयोजित सुंदरकाण्ड पाठ में अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए भगवान श्रीराम एवं पवनपुत्र हनुमान जी से विशेष प्रार्थना की गई।
धार्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और राष्ट्र कल्याण का अनूठा संगम देखने को मिला। सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और हनुमान जी की स्तुति कर देश की सुख-समृद्धि, विकास और सामाजिक सद्भावना की कामना की। आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का वातावरण बना रहा, जहां उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प को भी दोहराया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। देश में आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल तकनीक के प्रसार, गरीब कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों ने भारत को नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि आज भारत विश्व मंच पर एक सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है।
सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं लागू की गईं, जिनका लाभ करोड़ों नागरिकों को प्राप्त हुआ है। गरीब परिवारों के लिए आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुरक्षा, गैस कनेक्शन, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार जैसी पहलें देश के सामाजिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण आधारशिला बनी हैं।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। विनिर्माण, स्टार्टअप, नवाचार, कृषि, रक्षा उत्पादन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में किए गए प्रयासों ने भारत की आर्थिक क्षमता को नई दिशा प्रदान की है। युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और रोजगार सृजन की दिशा में भी विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं।
सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान जी का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार सुंदरकाण्ड का पाठ संकटों के निवारण, सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्र की प्रगति और नागरिकों के कल्याण के लिए भी प्रार्थना की गई।
वक्ताओं ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं सदैव समाज को एकजुट करने का कार्य करती रही हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, सेवा भावना और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता का प्रसार होता है। पटना में आयोजित यह सुंदरकाण्ड पाठ भी इसी उद्देश्य का प्रतीक बना, जहां आध्यात्मिक साधना के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प को भी बल मिला।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत आज विश्व के प्रमुख देशों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति, वैश्विक कूटनीति और सांस्कृतिक गौरव के क्षेत्र में प्राप्त सफलताएं देशवासियों के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और अधिक तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
आयोजन के दौरान राष्ट्रहित, जनसेवा और सामाजिक समरसता के महत्व पर भी विचार व्यक्त किए गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के सहयोग और सहभागिता से ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आगे बढ़ाने के लिए सभी नागरिकों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने देश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की कामना करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
पटना में आयोजित यह सुंदरकाण्ड पाठ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास, जनकल्याण और सकारात्मक सामाजिक चेतना के प्रति सामूहिक आस्था और संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव का विशेष अवसर बन गया।









