Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

दमोह में स्वास्थ्य सेवाओं, प्रधानमंत्री आवास और मेडिकल कॉलेज परियोजना की समीक्षा, संभागायुक्त अनिल सुचारी ने दिए विकास एवं जनसुविधाओं को गति देने के निर्देश

Author Image
Written by
HQ Report

दमोह। सागर संभाग के संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने दमोह जिले के व्यापक दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। दौरे के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर प्रदेश और क्षेत्र की समृद्धि की कामना भी की।

संभागायुक्त श्री सुचारी ने अपने भ्रमण की शुरुआत प्रसिद्ध तीर्थस्थल भगवान जागेश्वर धाम बांदकपुर से की। यहां उन्होंने भगवान जागेश्वरनाथ का पंचामृत स्नान, जलाभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात उन्होंने कुण्डलपुर पहुंचकर जैन समाज के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र में बड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दर्शन किए तथा आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

Advertisement Box

दौरे के अगले चरण में संभागायुक्त हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने हेल्प डेस्क, ओपीडी, एएनसी सेवाओं, परामर्श कक्ष, पुरुष वार्ड, प्रसाधन कक्ष तथा लॉन्ड्री व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मान और संवेदनशीलता के साथ उपचार प्राप्त करे। मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े तथा उन्हें सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

हेल्प डेस्क पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों के पंजीयन की प्रक्रिया को समझा और अधिकारियों से पूछा कि मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराने में कितना समय लगता है। अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को उपचार के लिए भटकना न पड़े।

ओपीडी के बाहर बड़ी संख्या में मरीजों को प्रतीक्षा करते देख संभागायुक्त ने अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अस्पताल में आने वाले लोगों को बैठने, पेयजल तथा स्वच्छ वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाएं सहजता से मिलनी चाहिए। पुरुष प्रसाधन कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने प्रत्येक दो से तीन घंटे में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की स्वच्छता सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य केंद्र के परामर्श कक्ष में पहुंचकर संभागायुक्त ने वहां प्रतिदिन आने वाले लाभार्थियों की संख्या और उन्हें दी जाने वाली स्वास्थ्य सलाह की जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि प्रतिदिन लगभग 12 से 15 लोगों को संतुलित पोषण, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित दिनचर्या और रोगों की रोकथाम से संबंधित परामर्श दिया जाता है। इस पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि केवल उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें दवाइयां समय पर मिल रही हैं या नहीं तथा अस्पताल की सुविधाओं को लेकर उनकी क्या राय है। मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध उपचार और सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। ग्राम गुंजी की आरती लोधी से चर्चा करते हुए उन्होंने पूछा कि कहीं उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही। मरीज द्वारा संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और अधिकारियों को इसी प्रकार की सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए।

ग्राम बिलाई से उपचार कराने आई 55 वर्षीय रानी विश्वकर्मा से भी संभागायुक्त ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह हड्डी संबंधी समस्या के उपचार के लिए अस्पताल आई हैं और उनका एक्स-रे किया जा चुका है। संभागायुक्त ने उनसे यह भी पूछा कि कहीं किसी स्तर पर अनावश्यक परेशानी या अनुचित मांग तो नहीं की गई। रानी विश्वकर्मा ने अस्पताल में बेहतर सेवाएं मिलने की जानकारी दी, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

अस्पताल में उपलब्ध चादरों, बेडशीट और कंबलों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने जनसहयोग के माध्यम से सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से चर्चा कर उपचार सुविधाओं, औषधि उपलब्धता और मरीजों की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण है और प्रत्येक कर्मचारी को मरीजों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए संभागायुक्त श्री सुचारी ने अस्पताल परिसर में औषधीय पौधा आंवला रोपित किया। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम मरीजों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है।

दमोह प्रवास के दौरान संभागायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि कुछ आवासीय भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि कुछ परियोजनाएं ठेकेदार द्वारा कार्य बंद कर देने के कारण अधूरी रह गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। अंततः परिषद ने अनुबंध निरस्त करने का निर्णय लिया और शेष कार्यों के लिए नई निविदाएं आमंत्रित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि पूर्ण रूप से निर्मित 56 एलआईजी भवनों की पुताई और रंगाई का कार्य शीघ्र पूरा कर उन्हें विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक खाली पड़े भवनों में टूट-फूट और चोरी की संभावना बनी रहती है, इसलिए उनका शीघ्र उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने शेष निर्माणाधीन भवनों का कार्य पुनः प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक के अंतर्गत दमोह नगर में 1356 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और वर्ष 2019 से 2021 के बीच पात्र हितग्राहियों को उनका आधिपत्य सौंपा जा चुका है। हालांकि नगर पालिका के अंशदान की पूर्ति के लिए निर्मित किए जाने वाले एलआईजी और एमआईजी भवनों का कार्य अधूरा रह गया था, जिसे अब पुनः गति देने की तैयारी की जा रही है।

संभागायुक्त श्री सुचारी ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परियोजना का भी विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक आनंद कुलादगी तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पीआईयू के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज भवन और विद्युत फिटिंग का कार्य अंतिम चरण में है तथा 30 जून तक भवन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान अकादमिक भवन, छात्रावास, प्रयोगशालाओं तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। संभागायुक्त ने पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों और नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से दमोह और आसपास के जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। संभागायुक्त ने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन नहीं बल्कि क्षेत्र के स्वास्थ्य भविष्य का आधार है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाना चाहिए।

दौरे के अंतिम चरण में संभागायुक्त ग्राम सतरिया पहुंचे, जहां उन्होंने “एक बगिया मां के नाम” अभियान के अंतर्गत विकसित किए गए बगीचे का निरीक्षण किया। हितग्राही सुधा दामोदर से चर्चा के दौरान उन्होंने बगीचे में लगाए गए फलदार पौधों की जानकारी प्राप्त की। हितग्राही ने बताया कि इन पौधों से भविष्य में आय का स्रोत भी विकसित होगा और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

संभागायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ने वाले ऐसे प्रयास ग्रामीण विकास की नई दिशा तय कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकार के नवाचारों को अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचाया जाए ताकि ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध हो सकें।

दमोह जिले के इस व्यापक दौरे के दौरान संभागायुक्त श्री अनिल सुचारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य ही प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जनहित सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने और सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उनका यह दौरा विकास कार्यों की गति बढ़ाने और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी
आज फोकस में

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव
आज फोकस में

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा
आज फोकस में

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें