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12 वर्षों में वस्त्र क्षेत्र को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिला सशक्त आधार

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नई दिल्ली। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा बीते 12 वर्षों में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और परिवर्तनकारी पहलों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में वस्त्र क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन तथा बुनकरों एवं कारीगरों के सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से साझा किया गया। इस अवसर पर कहा गया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र क्षेत्र अभूतपूर्व परिवर्तन और प्रगति का साक्षी बना है तथा आज यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि पिछले एक दशक से अधिक समय में केंद्र सरकार ने वस्त्र उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य पारंपरिक कौशल को संरक्षित करते हुए आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना और भारत को वैश्विक वस्त्र विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा है।

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वक्ताओं ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाता क्षेत्रों में से एक है। इस क्षेत्र से करोड़ों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण कारीगर, बुनकर और लघु उद्यमी शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इस क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ कीं, जिनसे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए और लाखों परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन तथा विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इन पहलों ने उद्योग को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन योजनाओं के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन मिला है, विनिर्माण क्षमता बढ़ी है और भारत के वस्त्र निर्यात को नई गति प्राप्त हुई है।

वस्त्र मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत बुनकरों और कारीगरों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पारंपरिक हस्तकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न सहायता कार्यक्रम संचालित किए गए, जिनसे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिली। इससे न केवल कारीगरों की आय में वृद्धि हुई बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक पहचान मिली।

प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उद्योग जगत के साथ समन्वित प्रयास किए हैं। तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि तथा अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में उपयोग होने वाले तकनीकी वस्त्रों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। इससे उद्योग के लिए नए अवसर उत्पन्न हुए हैं और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।

महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में भी वस्त्र क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में महिलाएं वस्त्र एवं परिधान उद्योग से जुड़ी हुई हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।

प्रेस वार्ता में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत वस्त्र क्षेत्र की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के कारण भारत का वस्त्र क्षेत्र केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नवाचार, गुणवत्ता, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। सरकार का उद्देश्य देश के प्रत्येक बुनकर, कारीगर और उद्यमी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रेस वार्ता के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि सरकार आने वाले वर्षों में भी वस्त्र क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी। उद्योग को विश्वस्तरीय बनाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, पारंपरिक कौशल को संरक्षित रखने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और पहलों पर कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में वस्त्र क्षेत्र में हुए परिवर्तन भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय हैं। यह क्षेत्र न केवल आर्थिक विकास को गति दे रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और ग्रामीण समृद्धि जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

प्रेस वार्ता के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि जनकल्याण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ केंद्र सरकार आगे भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी तथा वस्त्र क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

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