
नई दिल्ली। विकसित भारत के निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प को गति देने तथा राज्यों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा के उद्देश्य से आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बिहार ने अपनी विकास दृष्टि और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिहार की ओर से राज्य के विकास, आधारभूत संरचना विस्तार, रोजगार सृजन, नवाचार, कृषि उन्नयन तथा जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा।
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं वरिष्ठ नीति निर्माताओं ने सहभागिता करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान बिहार की विकास यात्रा, राज्य की संभावनाओं तथा भविष्य की प्राथमिकताओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। राज्य में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और केंद्र सरकार के सहयोग तथा दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से बिहार तेजी से प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
बैठक में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क, रेल, हवाई संपर्क, शहरी विकास तथा डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बिहार में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी बल्कि निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रोजगार सृजन के विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को कौशल आधारित अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा, कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बिहार रोजगार और नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।
बैठक में नवाचार और तकनीकी विकास पर भी विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में तकनीक विकास की सबसे बड़ी शक्ति बन चुकी है और बिहार इस क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार, ई-गवर्नेंस प्रणाली को मजबूत बनाने तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना है।
कृषि क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने तथा कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
जनकल्याण के क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अनेक प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान करना है।
नीति आयोग की बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्यों की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनभागीदारी के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के सभी राज्य अपनी-अपनी क्षमता और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए विकास की गति को तेज करेंगे। बिहार भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में विकास की नई संभावनाओं को आकार दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यों के साथ सहयोगात्मक संघवाद की भावना को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति को और अधिक तेज किया जा सकता है।
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की यह बैठक केवल नीति निर्धारण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह देश के भविष्य की विकास दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध हुई। बिहार की ओर से प्रस्तुत विकास दृष्टि ने यह स्पष्ट किया कि राज्य आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार, नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है।
बैठक के समापन पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ बिहार आने वाले वर्षों में देश की प्रगति का एक सशक्त केंद्र बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।









