
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण की सहमति एवं संगठन के निर्देशानुसार महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश कार्यालय, मुंबई में ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महाराष्ट्र, मुंबई नगर तथा दादरा एवं नगर हवेली से आए मोर्चा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर संगठनात्मक विषयों, सामाजिक समरसता, पिछड़ा वर्ग सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत द्वारा तय की गई विकास, सुशासन और जनकल्याण की यात्रा का उल्लेख किया। इस दौरान देश में हुए सामाजिक, आर्थिक और संरचनात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं और आज देश विश्व मंच पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी तथा प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
बैठक में गरीब, किसान, युवा, महिला, पिछड़ा वर्ग, वंचित एवं शोषित समाज के उत्थान के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर कहा गया कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के अनुरूप अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत अभियान तथा डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया गया।
बैठक में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पिछड़े वर्गों, वंचित समुदायों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के क्षेत्र में चल रही विभिन्न योजनाएं समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
ओबीसी समाज की भागीदारी को लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया। कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे सरकार की जनहितकारी योजनाओं और संगठन की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में यह भी कहा गया कि संगठन की मजबूती ही जनसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों को गति प्रदान करती है।
बैठक के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल आर्थिक विकास का कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र की क्षमता, कौशल और संसाधनों को सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। स्टार्टअप, नवाचार, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार तथा युवाओं के लिए नए अवसरों के निर्माण के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। इस दौरान कहा गया कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल सरकार का नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। संगठन के कार्यकर्ताओं को इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

बैठक में संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प भी दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि पार्टी की विचारधारा, सेवा भाव और राष्ट्र प्रथम की भावना को लेकर कार्यकर्ता समाज के बीच निरंतर सक्रिय रहें तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करें। समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रयास करने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री हंसराज अहीर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव एवं सांसद श्री संगमलाल गुप्ता, मोर्चा के प्रभारी एवं प्रदेश सचिव श्री योगेश सागर तथा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री योगेश अण्णा टिळेकर सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने संगठन की भूमिका, सामाजिक न्याय की आवश्यकता और राष्ट्र के विकास में ओबीसी समाज के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच पहुंचकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी देने तथा संगठन के विस्तार के लिए सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया गया।
मुंबई में आयोजित यह प्रदेश कार्यकारिणी बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग सशक्तिकरण और विकसित भारत के संकल्प को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक ने यह संदेश दिया कि संगठन और कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की भावना पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय हैं तथा राष्ट्र की प्रगति और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।









