Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

बिना डाइटिंग कम करना चाहते हैं वजन? एक्सपर्ट्स के बताए लो-कार्ब फूड्स अपनाएं, जल्द दिखने लगेगा असर

Author Image
Written by
HQ Report

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन एक आम समस्या बन चुका है। अधिकतर लोग वजन कम करने के नाम पर सख्त डाइटिंग, भूखा रहना या मनपसंद खाने से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह तरीका थकान और निराशा में बदल जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि वजन घटाने के लिए खुद को भूखा रखना जरूरी नहीं, बल्कि सही फूड चॉइस अपनाकर भी फिट और स्लिम रहा जा सकता है। इसी कड़ी में लो-कार्ब डाइट को वजन घटाने का एक कारगर और सुरक्षित तरीका बताया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में बढ़ते वजन का बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन है। ज्यादा कार्ब्स लेने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जिससे फैट जमा होने लगता है। ऐसे में अगर रोजमर्रा के खाने में कार्ब्स की मात्रा कम कर दी जाए और उनकी जगह प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट को शामिल किया जाए, तो वजन अपने आप नियंत्रित होने लगता है।

Advertisement Box

लो-कार्ब डाइट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बार-बार भूख नहीं लगती। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर मिलता है, तो पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वजन घटाने के इच्छुक लोग अगर अपने खाने में अंडे, पनीर, दही, दालें और हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें, तो बिना किसी सख्त डाइटिंग के भी फर्क नजर आने लगता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, लौकी, तोरई और ब्रोकली लो-कार्ब होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इनमें कैलोरी कम होती है, लेकिन फाइबर ज्यादा होने के कारण पाचन बेहतर रहता है और फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। वहीं, फल चुनते समय भी सावधानी जरूरी है। सेब, पपीता, अमरूद और बेरीज जैसे फल कम मात्रा में लेने से शरीर को जरूरी विटामिन मिलते हैं और वजन भी नहीं बढ़ता।

हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि सफेद चावल, मैदा, ब्रेड, पास्ता और मीठे खाद्य पदार्थों की जगह साबुत अनाज और नेचुरल फूड्स को चुना जाए। हालांकि लो-कार्ब डाइट में भी संतुलन बेहद जरूरी है। पूरी तरह कार्ब्स छोड़ना सही नहीं माना जाता, बल्कि उनकी मात्रा नियंत्रित करना ही बेहतर विकल्प है।

इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना और हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी जैसे वॉक, योग या स्ट्रेचिंग को दिनचर्या में शामिल करने से वजन घटाने की रफ्तार और तेज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लो-कार्ब फूड्स को सही तरीके से अपनाया जाए, तो कुछ ही हफ्तों में शरीर हल्का महसूस होने लगता है और कमर व पेट की चर्बी में भी कमी नजर आने लगती है।

वजन कम करने के लिए खुद को भूखा रखने या सख्त डाइटिंग करने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट ईटिंग और लो-कार्ब फूड्स का सही चयन आपको फिट रखने के साथ-साथ सेहतमंद भी बनाए रख सकता है। सही खानपान और अनुशासन के साथ किया गया छोटा-सा बदलाव लंबे समय में बड़ा फायदा दे सकता है।

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी
आज फोकस में

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव
आज फोकस में

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा
आज फोकस में

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान

आज का राशिफल

वोट करें

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें