
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बजट वर्ष 2026–27 में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। प्रदेश सरकार का मानना है कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी गतिविधियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में प्रदेश में पशुपालन को एक सशक्त आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बजट में पशुपालकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए कई योजनाओं को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।
सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डेयरी अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत दुग्ध संग्रहण केंद्रों का विस्तार, शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन) व्यवस्था को मजबूत करना और दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपने दूध का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
पशुओं के स्वास्थ्य और नस्ल सुधार के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की सुविधाओं को बेहतर बनाने, टीकाकरण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने तथा कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विस्तार करने की योजना है। इससे पशुधन की गुणवत्ता में सुधार होगा और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी।
इसके साथ ही सरकार पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के माध्यम से पशुपालकों को उन्नत पशुपालन पद्धतियों, संतुलित आहार प्रबंधन और डेयरी प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे पशुपालन को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकेगा।
प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को भी पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जाए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जाए। बजट वर्ष 2026–27 में किए गए इन प्रावधानों से प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 🐄🥛🌾









