
सत्र 2026-27 के लिए 22 हजार से अधिक आवेदन, 28 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि
भोपाल। शिक्षा के अधिकार के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत देते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत सत्र 2026-27 में निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले ही दिन अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार शाम 6:30 बजे तक 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे।
इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने आरटीई पोर्टल का स्क्रीन शॉट साझा करते हुए संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन इतनी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना यह दर्शाता है कि अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी दिनों में आवेदन की संख्या और अधिक बढ़ेगी।
28 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन
सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के अंतर्गत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभिभावक निर्धारित समयसीमा के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
14 से 30 मार्च तक दस्तावेजों का सत्यापन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 14 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया संबंधित संकुल केंद्र के स्कूलों में अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी की जाएगी। अभिभावकों को इस अवधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
2 अप्रैल को होगी ऑनलाइन लॉटरी
आरटीई के तहत प्राप्त आवेदनों में से पात्र विद्यार्थियों का चयन 2 अप्रैल 2026 को पारदर्शी ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।
लॉटरी के बाद जिन विद्यार्थियों का चयन होगा, उन्हें आवंटित स्कूल की जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके साथ ही चयन सूची संबंधित पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अभिभावक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
यहां से मिल सकती है जानकारी
आवेदन प्रक्रिया या अन्य किसी प्रकार की जानकारी के लिए अभिभावक निम्न माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं—
- आरटीई का आधिकारिक पोर्टल
- जिला परियोजना कार्यालय
- विकासखंड स्रोत केंद्र
- जनशिक्षा केंद्र
बढ़ती जागरूकता का संकेत
पहले ही दिन बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अभिभावक अब अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, जिससे उनके बच्चे भी निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत चल रही यह प्रक्रिया समाज में समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस तरह से पहले ही दिन अभिभावकों का उत्साह देखने को मिला है, उससे यह उम्मीद की जा सकती है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।









