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प्रयागराज लिटरेरी फेस्टिवल-2026: साहित्य, संस्कृति और विचारों का महाकुंभ, देशभर के विद्वानों का होगा संगम

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प्रयागराज। साहित्य, संस्कृति और बौद्धिक विमर्श की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष “प्रयागराज लिटरेरी फेस्टिवल-2026” का भव्य आयोजन होने जा रहा है। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था “गुफ्तगू” के तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव 28 और 29 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रख्यात साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद, कलाकार और चिंतक एक मंच पर एकत्र होकर समकालीन विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। आयोजन स्थल के रूप में Prayagraj के मुट्ठीगंज स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज को चुना गया है, जो इस महोत्सव के दौरान साहित्यिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा।

यह महोत्सव केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सरोकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहन विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम की शुरुआत 28 मार्च को दोपहर 3:30 बजे उद्घाटन सत्र के साथ होगी, जिसमें “हमारी सांस्कृतिक विरासत” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित अतिथि अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और भारतीय संस्कृति की विविधता तथा उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालेंगे। उद्घाटन समारोह में शहर के गणमान्य जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति इस आयोजन को विशेष बनाएगी।

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कार्यक्रम के प्रथम दिन के दूसरे सत्र में शाम 6 बजे सुप्रसिद्ध गजल गायक अशुतोष श्रीवास्तव और उनकी टीम द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। यह सत्र संगीत प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहां सुर और शब्दों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। गजल की मधुरता और भावनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से यह प्रस्तुति श्रोताओं को एक अलग ही अनुभव प्रदान करेगी।

दूसरे दिन 29 मार्च को सुबह 10:30 बजे प्रथम सत्र में “लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह विषय वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मीडिया समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। इस सत्र में देश के वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया विशेषज्ञ भाग लेंगे, जो लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा करेंगे। यह संगोष्ठी न केवल पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी मीडिया की भूमिका को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इसी दिन दोपहर 1:30 बजे द्वितीय सत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। यह सत्र साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि और शायर अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कविता और शायरी के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को अभिव्यक्त किया जाएगा, जिससे यह सत्र भावनाओं और विचारों का संगम बन जाएगा।

महोत्सव का समापन सत्र 29 मार्च को शाम 5:30 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह का आयोजन होगा। इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा और साहित्य तथा समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा। यह सत्र उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, जो साहित्य के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं।

इस पूरे आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित अतिथि और वक्ता शामिल होंगे, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। उनके अनुभव और विचार इस महोत्सव को और अधिक समृद्ध बनाएंगे। आयोजन समिति के सदस्यों और सहयोगियों ने इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों को एक सुव्यवस्थित और यादगार अनुभव मिल सके।

प्रयागराज जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर में इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन का विशेष महत्व है। Prayagraj सदियों से ज्ञान, अध्यात्म और साहित्य का केंद्र रहा है, और यह महोत्सव उस परंपरा को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। यहां आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

यह महोत्सव समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने, विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना को जागृत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को न केवल ज्ञान और अनुभव प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने और दूसरों से सीखने का अवसर भी मिलेगा।

आयोजन समिति ने सभी साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से इस महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। यह आयोजन सभी के लिए खुला है और इसमें भाग लेकर कोई भी व्यक्ति साहित्य और संस्कृति के इस महाकुंभ का हिस्सा बन सकता है।

इस प्रकार “प्रयागराज लिटरेरी फेस्टिवल-2026” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जहां विचार, संस्कृति और रचनात्मकता का संगम होता है। यह महोत्सव न केवल साहित्य को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले समय में इस प्रकार के आयोजन समाज को नई दिशा देने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

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