
हरदा। Harda जिले के ग्राम बैरागढ़ में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद अब घटनास्थल पर मौजूद मलबे के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मलबे की सार्वजनिक नीलामी 2 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में तहसीलदार हरदा द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया है कि नीलामी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीलामी 2 अप्रैल को प्रातः 11 बजे तहसील कार्यालय हरदा में आयोजित होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों को निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह खुली और प्रतिस्पर्धात्मक होगी, जिसमें पात्र इच्छुक व्यक्ति भाग लेकर मलबे की बोली लगा सकते हैं। नीलामी की शर्तों के अनुसार भाग लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों को प्रारंभिक रूप से बोली में शामिल होने के लिए कुल अनुमानित राशि का 10 प्रतिशत नगद जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, जो व्यक्ति अंतिम बोलीदाता होगा, उसे नीलामी समाप्त होते ही कुल बोली राशि का 25 प्रतिशत तत्काल जमा कराना होगा। शेष राशि का भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर करना आवश्यक होगा।
प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंतिम स्वीकृत बोली की शेष राशि 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करानी होगी। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित बोली निरस्त की जा सकती है और जमा की गई राशि नियमों के अनुसार जब्त की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गौरतलब है कि ग्राम बैरागढ़ में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद घटनास्थल पर भारी मात्रा में मलबा एकत्र हो गया था। इस मलबे के सुरक्षित निष्पादन के लिए प्रशासन द्वारा नीलामी का निर्णय लिया गया है, ताकि इसे व्यवस्थित तरीके से हटाया जा सके और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी व्यक्ति निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करें तथा समय पर उपस्थित होकर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग करें। इस पहल के माध्यम से प्रशासन न केवल मलबे के निष्पादन को सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्यवाही करने का संदेश भी दे रहा है। समग्र रूप से यह नीलामी प्रक्रिया प्रशासन द्वारा आपदा के बाद की स्थिति को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने में सहायता मिलेगी।









