
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षा के अधिकार (RTE) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश हेतु बहुप्रतीक्षित लॉटरी प्रक्रिया आज 2 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली यह लॉटरी पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी, जिसका सीधा प्रसारण राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनी रहे। इस वर्ष बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवेदन किया है, जिसके चलते लगभग 1.78 लाख आवेदन इस लॉटरी में शामिल हो रहे हैं, जबकि उपलब्ध सीटों की संख्या लगभग 1.22 लाख है, ऐसे में प्रत्येक सीट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
RTE के प्रावधानों के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) एवं वंचित समूह (DG) के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाती हैं, जिससे समाज के कमजोर तबकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 8 तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है, जिससे उनके शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित हो सके। इस बार भी वही विद्यार्थी लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होंगे, जिनके दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा, जिसमें चयनित बच्चों को उनके निवास स्थान के नजदीकी विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि बच्चों को विद्यालय तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। लॉटरी के परिणाम घोषित होने के पश्चात चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी, जिससे उन्हें समय पर जानकारी मिल सके और वे आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
प्रशासन द्वारा अभिभावकों को यह भी सलाह दी गई है कि चयन होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित विद्यालय में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें, अन्यथा उनका अवसर निरस्त किया जा सकता है। इसके लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखने की भी अपील की गई है, ताकि प्रवेश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह पूरी प्रक्रिया शिक्षा के अधिकार अधिनियम के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करना है। राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। आज होने वाली यह लॉटरी हजारों परिवारों के लिए उम्मीद और अवसर का द्वार खोलने जा रही है, जिससे बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सकेगी।









