
भोपाल। सतना जिले की बहुप्रतीक्षित एवं महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना दौरी सागर बांध को शीघ्र पूर्ण कराने तथा परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं के समाधान के उद्देश्य से भोपाल में मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव से महत्वपूर्ण भेंट कर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, वन भूमि से संबंधित प्रक्रियाएं तथा निर्माण कार्यों में आ रही चुनौतियों के निराकरण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान दौरी सागर बांध परियोजना के अंतर्गत वन विभाग की प्रभावित भूमि के स्थान पर आवश्यक राजस्व भूमि उपलब्ध कराने के विषय को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही परियोजना की स्वीकृतियों एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि दौरी सागर बांध परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों की उम्मीदों से जुड़ी महत्वपूर्ण विकास योजना है। परियोजना पूर्ण होने के बाद बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव के साथ हुई चर्चा में परियोजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए वन भूमि हस्तांतरण और उसके बदले आवश्यक राजस्व भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति देने पर भी विचार किया गया। बताया गया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में सकारात्मक सहयोग और आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास के लिए ऐसी परियोजनाओं का समय पर पूर्ण होना आवश्यक है।
दौरी सागर बांध परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में अनेक किसान वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं, जिसके कारण उत्पादन और आय दोनों प्रभावित होते हैं। परियोजना पूर्ण होने के बाद किसानों को नियमित जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे फसल विविधीकरण और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
बैठक के दौरान परियोजना से जुड़े प्रशासनिक एवं तकनीकी अवरोधों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने तथा विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के लिए सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि दौरी सागर बांध जैसी सिंचाई परियोजनाएं केवल कृषि क्षेत्र को ही लाभ नहीं पहुंचातीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव होती है।
बैठक के उपरांत विश्वास व्यक्त किया गया कि वन विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से परियोजना से जुड़े लंबित विषयों का शीघ्र समाधान होगा और दौरी सागर बांध परियोजना को नई गति मिलेगी। इससे सतना जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा और कृषि विकास के नए अवसर सृजित होंगे।
क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना के शीघ्र पूर्ण होने से सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा किसानों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। सरकार और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने की दिशा में कार्य जारी है, जिससे क्षेत्र के विकास और किसानों की समृद्धि का मार्ग और अधिक सशक्त होगा।









