
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, किसानों के कल्याण, ग्रामीण अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश के किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
पश्चिम बंगाल देश के उन राज्यों में शामिल है, जिनकी पहचान कृषि, प्राकृतिक संसाधनों, जल संपदा और मेहनतकश किसानों के कारण विशेष रही है। यह सस्य-श्यामला भूमि केवल अपनी कृषि उत्पादन क्षमता के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, श्रमशक्ति और विकास की असीम संभावनाओं के लिए भी जानी जाती है। राज्य के लाखों किसान देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा विकास की प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी हो।
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, सिंचाई संसाधनों का विकास तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए। कृषि क्षेत्र में नवाचार, मूल्य संवर्धन, भंडारण क्षमता, ग्रामीण संपर्क मार्गों तथा बाजार तक पहुंच को मजबूत बनाकर किसानों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
चर्चा के दौरान ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, रोजगार सृजन तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को गति देने की आवश्यकता पर भी विचार किया गया। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि विकास की प्रक्रिया किसी भी स्तर पर बाधित न हो और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समय पर बनी रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, अधोसंरचना और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर यह भी विचार किया गया कि पश्चिम बंगाल के लिए एक वैज्ञानिक, व्यावहारिक और दूरदर्शी विकास रोडमैप तैयार किया जाए, जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण उद्यमिता और किसानों की आय वृद्धि को प्राथमिकता दी जाए। राज्य की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया जा सकता है, जो गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो।
हमारा स्पष्ट विश्वास है कि जब गांव मजबूत होंगे, किसान समृद्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, तभी विकसित भारत का सपना तेजी से साकार होगा। पश्चिम बंगाल के किसानों, ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी भावना के साथ हम सब मिलकर पश्चिम बंगाल के कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने, किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। हमारा संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पश्चिम बंगाल प्रगति, समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखे।









