
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक दायित्वों तथा विधानसभा की परंपराओं से परिचित कराना था, ताकि वे अपने विधायी दायित्वों का प्रभावी एवं जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से निर्वहन कर सकें।

उद्घाटन सत्र में विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्नकाल, विधेयकों पर चर्चा, समितियों की भूमिका, संसदीय शिष्टाचार तथा जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में विधायकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का आचरण, अनुशासन और सकारात्मक सहभागिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा केवल कानून निर्माण का मंच नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं, समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने का सर्वोच्च लोकतांत्रिक माध्यम भी है। इसलिए प्रत्येक विधायक को संसदीय नियमों, प्रक्रियाओं और संवैधानिक मर्यादाओं की गहन जानकारी होना आवश्यक है। प्रबोधन कार्यक्रम इसी उद्देश्य की पूर्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उद्घाटन सत्र के दौरान संसदीय परंपराओं के संरक्षण, स्वस्थ संवाद, सदन की गरिमा बनाए रखने तथा जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग, प्रभावी विधायी कार्यशैली, सुशासन और जनकल्याण के लिए नवाचारों को अपनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, संसदीय विशेषज्ञों एवं विशिष्ट अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नवनिर्वाचित सदस्यों को लोकतांत्रिक मूल्यों, जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए जनता के विश्वास पर खरा उतरना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का सर्वोच्च दायित्व है।
प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के आगामी सत्रों में नवनिर्वाचित सदस्यों को विधानसभा की कार्यप्रणाली के विभिन्न व्यावहारिक एवं विधायी पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।









