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कलेक्टर-एसपी ने शासकीय सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों से किया संवाद, पढ़ाई और भविष्य की तैयारियों पर दिया मार्गदर्शन

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HQ Report
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत उचेहरा पहुंचे अधिकारी, विद्यालय की प्रयोगशालाओं, निर्माणाधीन सांदीपनि भवन और 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
सतना। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह ने उचेहरा क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर-एसपी अभियान के तहत बस में बैठकर उचेहरा पहुंचे और सबसे पहले शासकीय सांदीपनि विद्यालय पहुंचकर कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनके अध्ययन, पुस्तक उपलब्धता और पठन-पाठन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि विद्यार्थी अभी से यह तय करने का प्रयास करें कि भविष्य में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि 12वीं कक्षा के बाद जिस क्षेत्र में करियर बनाना है, उसकी आवश्यकतानुसार विशेष तैयारी शुरू करें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल विषयों को याद करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक विषय के मूल सिद्धांत और अवधारणा को समझकर अध्ययन करना चाहिए। किसी विषय या प्रश्न को समझने में कठिनाई होने पर विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने की सलाह— कलेक्टर ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद के दौरान शिक्षा को भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने मन में भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए केवल इच्छा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उसके लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास आवश्यक है। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वे जिस भी क्षेत्र को अपने भविष्य के लिए चुनें, उसमें पूरी लगन और हिम्मत के साथ आगे बढ़ें। पढ़ाई के दौरान आने वाली कठिनाइयों को बाधा मानने के बजाय उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का अवसर समझना चाहिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से अवधारणाओं को समझकर पढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी विषय की बुनियादी समझ मजबूत होगी तो आगे की पढ़ाई में भी विद्यार्थियों को सहायता मिलेगी। शिक्षकों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करने की आदत विद्यार्थियों के अध्ययन को और प्रभावी बना सकती है।
विद्यालय की प्रयोगशालाओं और उपलब्ध संसाधनों का किया निरीक्षण— विद्यार्थियों से संवाद के बाद कलेक्टर ने विद्यालय में संचालित भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों और प्रायोगिक सामग्री की स्थिति की जानकारी ली। विद्यालय में विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस प्रकार कराया जा रहा है, इस संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई। विज्ञान विषयों में केवल सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रयोगात्मक समझ भी महत्वपूर्ण होती है। प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सामग्री का व्यवस्थित उपयोग विद्यार्थियों को विषयों की अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप से समझने में सहायता कर सकता है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई। विद्यालय के प्राचार्य अरविंद यादव ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक कुल 1,262 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए 8 स्कूल बसें उपलब्ध हैं।
निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन के कार्य की समीक्षा— इसके बाद कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा उचेहरा में निर्मित किए जा रहे सांदीपनि विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने पाया कि भवन की ड्राइंग और डिजाइन उपलब्ध होने के बावजूद लगभग दो माह से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ था। इस पर उन्होंने कार्यपालन यंत्री, पीआईयू को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत करने को कहा। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने संविदाकार को जारी नोटिस के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना और परियोजना को निर्धारित गति से आगे बढ़ाना रहा।
तीनों सांदीपनि भवनों की नियमित निगरानी के निर्देश— कलेक्टर ने पीआईयू के अधिकारियों को निर्देशित किया कि रामपुर बघेलान, मझगवां और उचेहरा में बनाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय भवनों के निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने इन भवनों के निर्माण की प्रगति के फोटो नियमित रूप से भेजने तथा प्रत्येक समय-सीमा बैठक में निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम किया जाना चाहिए। उचेहरा में निर्माणाधीन भवन को लेकर संबंधित अधिकारी को निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समय में काम प्रारंभ नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और संविदाकार की निविदा समाप्त करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा सकता है। इससे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रशासनिक संदेश सामने आया।
50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की भी समीक्षा— कलेक्टर ने सांदीपनि विद्यालय भवन के समीप निर्माणाधीन 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उचेहरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को कार्य में गति लाकर भवन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने कलेक्टर को जानकारी दी कि परियोजना पर अब तक लगभग 9 करोड़ 15 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। भवन में अतिरिक्त सेक्टर शामिल किए जाने के कारण 6 करोड़ 72 लाख रुपये की संशोधित स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। निर्माण कार्य एनएनटी डेवलपमेंट कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति पर ध्यान देते हुए परियोजना को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी ली जानकारी— सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माणाधीन भवन के निरीक्षण के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने उचेहरा के स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, मरीजों के उपचार और संस्थान में संचालित सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण है। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को समझने और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत किए जा रहे क्षेत्रीय भ्रमण में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं से जुड़े संस्थानों का निरीक्षण प्रशासन की प्राथमिकताओं को भी सामने रखता है।
20 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण— उचेहरा भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने क्षेत्र में 20 हेक्टेयर में विकसित किए जा रहे नवीन औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति और निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। औद्योगिक क्षेत्र का विकास स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास, भूमि का व्यवस्थित उपयोग और निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा करना आवश्यक होता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे उचेहरा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं को एक साथ गति देने के प्रशासनिक प्रयासों की तस्वीर सामने आई।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा— कलेक्टर के उचेहरा भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, वन मंडलाधिकारी मयंक चांदीवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुभाष मिश्रा तथा संबंधित निर्माण विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र में संचालित और निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति से कलेक्टर को अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में समय-सीमा, गुणवत्ता और नियमित निगरानी जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने को कहा। विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति से शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े विषयों पर एक साथ समीक्षा का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में जमीनी स्तर पर संवाद पर जोर— उचेहरा में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का भ्रमण मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत किया गया। अभियान का उद्देश्य प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ शासकीय सेवाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति को समझना है। इसी क्रम में कलेक्टर ने विद्यालय में विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद निर्माणाधीन विद्यालय भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इस प्रकार भ्रमण के दौरान नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से संबंधित आधारभूत संरचना—को एक साथ देखा गया। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान शिक्षा और भविष्य की तैयारी पर मार्गदर्शन तथा निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान समयबद्धता पर जोर दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था में प्रयोगात्मक अध्ययन को बढ़ावा देने की दिशा— सांदीपनि विद्यालय की प्रयोगशालाओं के निरीक्षण से विज्ञान शिक्षा में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग का महत्व भी सामने आया। भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान जैसे विषयों में प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिल सकती है। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कलेक्टर ने जिस प्रकार विषय की अवधारणा को समझकर पढ़ने की बात कही, उसके साथ प्रयोगशाला संसाधनों का उपयोग भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसलिए उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का व्यवस्थित उपयोग आवश्यक है। स्कूल बसों की उपलब्धता भी विद्यार्थियों के आवागमन से जुड़ी सुविधा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालय प्रशासन द्वारा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
निर्माण परियोजनाओं में समयबद्धता पर प्रशासन का फोकस— उचेहरा में निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन और 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों परियोजनाएं स्थानीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं हैं। ऐसे भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में लोगों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है। इसी कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी रोकना और निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करना महत्वपूर्ण है। कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को नोटिस, समय-सीमा और नियमित समीक्षा से जुड़े निर्देश इसी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे। संबंधित निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को कार्य की गति बनाए रखने तथा प्रगति की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
औद्योगिक क्षेत्र से विकास और रोजगार की संभावनाओं को आधार— उचेहरा में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नवीन औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण भी भ्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। औद्योगिक क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किसी क्षेत्र में नए निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए आधारभूत वातावरण तैयार कर सकता है। इसके लिए सड़क, बिजली, पानी, भूमि विकास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समय पर विकास आवश्यक होता है। कलेक्टर ने परियोजना से संबंधित निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की। स्थानीय स्तर पर औद्योगिक आधारभूत संरचना के विकास से क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय व्यवसायों के लिए भविष्य में नए अवसरों की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि इन अवसरों का वास्तविक प्रभाव परियोजना के पूर्ण होने और उद्योगों के स्थापित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद की पहल— विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद इस भ्रमण का महत्वपूर्ण पहलू रहा। कलेक्टर ने बच्चों से केवल पढ़ाई के संबंध में जानकारी नहीं ली, बल्कि उनके भविष्य के लक्ष्य को लेकर भी बातचीत की। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करें और उसके लिए समय रहते तैयारी शुरू करें। 12वीं के बाद उच्च शिक्षा या व्यावसायिक क्षेत्र में प्रवेश के लिए पहले से योजना बनाना विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है। साथ ही किसी विषय को समझने में समस्या आने पर शिक्षक से पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए। इस प्रकार संवाद का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और निरंतर मेहनत की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों की एक साथ समीक्षा— उचेहरा भ्रमण के दौरान शिक्षा संस्थान, स्वास्थ्य सुविधा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कार्यों को एक साथ देखने से क्षेत्र के विकास की विभिन्न आवश्यकताओं की समीक्षा हुई। विद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रयोगशालाओं की स्थिति देखी गई, निर्माणाधीन विद्यालय भवन की प्रगति की समीक्षा की गई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण की स्थिति जानी गई और नवीन औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इन सभी क्षेत्रों का स्थानीय नागरिकों के जीवन से सीधा संबंध है। शिक्षा बेहतर होने से युवाओं के लिए अवसर बढ़ते हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ होने से लोगों को उपचार की सुविधा मिलती है और औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित होने से रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं बढ़ती हैं। प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान इन सभी क्षेत्रों की प्रगति पर ध्यान दिया गया।
समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश— कलेक्टर ने निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट रूप से समय-सीमा का पालन करने पर जोर दिया। सांदीपनि विद्यालय भवन के निर्माण में देरी के संबंध में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, वहीं 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में गति लाने को कहा गया। अन्य सांदीपनि भवनों की प्रगति की नियमित फोटो और जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासनिक स्तर पर नियमित निगरानी से निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं को समय पर पहचानने और उनके समाधान में सहायता मिल सकती है। इससे सार्वजनिक धन से संचालित परियोजनाओं को निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप पूरा करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
निरीक्षण का उद्देश्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानना— मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय भ्रमण का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शासकीय योजनाओं और निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति को समझना रहा। कार्यालयीन रिपोर्टों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करने से कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सकता है। उचेहरा में भी अधिकारियों ने विद्यालय, प्रयोगशालाओं, निर्माणाधीन भवन, स्वास्थ्य केंद्र और औद्योगिक क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण किया। विद्यार्थियों और संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुधार और समयबद्ध कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। इससे विभागीय कार्यों की निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
विद्यार्थियों के लिए लक्ष्य, मेहनत और समझ के साथ पढ़ाई का संदेश— विद्यालय में संवाद के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और उसके अनुरूप मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने विषयों को केवल याद करने के बजाय उनके मूल सिद्धांतों को समझने पर जोर दिया। यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम को गहराई से समझने में मदद कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से अपनी शंकाओं का समाधान कराने की बात भी कही। विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया गया कि भविष्य में वे जिस क्षेत्र को चुनें, उसमें हिम्मत और मेहनत के साथ आगे बढ़ें। शिक्षा के साथ आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करना भी भविष्य की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उचेहरा क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति देने का प्रयास— कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के भ्रमण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। विद्यालय में बच्चों के साथ संवाद और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान को दर्शाता है, जबकि निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन और 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समीक्षा आधारभूत सुविधाओं की प्रगति से जुड़ी रही। 20 हेक्टेयर के नवीन औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण आर्थिक गतिविधियों से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा का हिस्सा रहा। इस दौरान अधिकारियों को परियोजनाओं में गति, नियमित निगरानी और समय-सीमा के पालन पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत उचेहरा में हुआ यह भ्रमण शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं की जमीनी समीक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों से सीधे संवाद का अवसर बना। कलेक्टर ने सांदीपनि विद्यालय के छात्र-छात्राओं से पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने तथा विषयों को समझकर अध्ययन करने की सलाह दी। विद्यालय की प्रयोगशालाओं और उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन और 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रगति की समीक्षा की गई। 20 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में समयबद्धता, नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भ्रमण के माध्यम से प्रशासन ने शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति को प्राथमिकता के साथ देखने तथा आवश्यकतानुसार उन्हें गति देने का प्रयास किया।
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