
रीवा। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आज बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के प्रशासनिक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में वन्य विहार के अधोसंरचना विकास, प्रबंधन, संचालन तथा परिसर में संचालित प्राकृतिक खेती की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न कार्यों में तेजी लाने तथा वन्य विहार को एक आदर्श संरक्षण एवं प्राकृतिक कृषि केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार केवल गौवंश संरक्षण का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि यहां आधारभूत अधोसंरचना को समयबद्ध तरीके से विकसित किया जाए और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्य विहार में आवश्यक भवनों, सड़क, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा व्यवस्था, पशु देखभाल केंद्र तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही परिसर में आने वाले आगंतुकों के लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि यह स्थान संरक्षण, अध्ययन और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बन सके।
उप मुख्यमंत्री ने वन्य विहार के समुचित प्रबंधन और संचालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गौवंश के संरक्षण, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े सभी मानकों का गंभीरता से पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी व्यवस्था विकसित करने और प्रत्येक गतिविधि की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान परिसर में की जा रही प्राकृतिक खेती की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने की दिशा में एक प्रभावी विकल्प है। उन्होंने वन्य विहार परिसर में प्राकृतिक खेती के सफल मॉडलों को विकसित करने तथा उन्हें किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने पर बल दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जैविक एवं गो-आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए तथा इस क्षेत्र को प्रशिक्षण और प्रदर्शन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए। इससे किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और प्राकृतिक खेती के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा।
बैठक में वन्य विहार के दीर्घकालीन विकास की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना विकास, प्रभावी प्रबंधन और प्राकृतिक खेती के समन्वित प्रयासों से बसामन मामा गौवंश वन्य विहार को प्रदेश का एक आदर्श मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार विकास कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बैठक में वन्य विहार में संचालित गतिविधियों, निर्माण कार्यों तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि अधोसंरचना विकास, सुव्यवस्थित संचालन, गौसंरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से बसामन मामा गौवंश वन्य विहार भविष्य में प्रदेश के लिए एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित होगा और पर्यावरण संरक्षण तथा सतत कृषि को नई दिशा प्रदान करेगा।









