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HQ Report
नई दिल्ली के पूसा में आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास पर दिया गया विशेष जोर
नई दिल्ली। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से पूसा, नई दिल्ली में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता कर प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छ पर्यावरण, जल संरक्षण और हरित भारत के निर्माण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में कहा गया कि वृक्ष केवल हरियाली के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ वायु, जलवायु संतुलन, जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के आधार भी हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान जनसहभागिता और सतत प्रयासों से ही संभव है।
विशेषज्ञों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने से तापमान नियंत्रण, वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। साथ ही वृक्षारोपण अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देता है।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने परिवार, विद्यालय, संस्थानों और सामाजिक आयोजनों में भी वृक्षारोपण को बढ़ावा दें तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण को प्राथमिकता दें। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-संतुलित भारत के निर्माण का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।










