
बिजनेस एंड इनक्यूबेशन सेल का अवलोकन, विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना; स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई
उज्जैन। प्रदेश में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को नई दिशा देने की पहल के तहत उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बिजनेस एंड इनक्यूबेशन सेल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न नवाचार आधारित स्टार्टअप्स संचालित कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर उनके नवाचारों, कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और समाजोपयोगी समाधान विकसित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि नवाचार और कौशल का समन्वय ही विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाएगा। निरीक्षण के दौरान ओम नक्षत्र सोलर प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड, कोड-डी-कोड, जल लक्ष्मी, पोषण पात्र, निर्मल निर्माण और सीसो (Seiso) जैसे स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने नवाचारों, तकनीकी समाधानों और समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए गए उत्पादों एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। कई स्टार्टअप्स स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, पोषण, तकनीकी समाधान और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। संवाद के दौरान कहा गया कि आज का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बन रहा है। विश्वविद्यालयों में विकसित हो रही स्टार्टअप संस्कृति विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है। नवाचार आधारित उद्यम भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने में इनक्यूबेशन सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना भी है। इसी सोच के अनुरूप मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने, अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने और उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि विश्वविद्यालय ज्ञान के केंद्र होने के साथ-साथ नवाचार और आत्मनिर्भरता के भी केंद्र बनने चाहिए। यदि युवाओं की प्रतिभा को उचित मार्गदर्शन, संसाधन और प्रोत्साहन मिले तो वे समाज और उद्योग जगत की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने में सक्षम हैं। स्टार्टअप्स के माध्यम से विकसित हो रहे नवाचार केवल आर्थिक अवसर ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रहे हैं। स्टार्टअप संचालित कर रहे विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के बिजनेस एंड इनक्यूबेशन सेल से उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञों का सहयोग और उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। इससे उनके नवाचारों को व्यावसायिक रूप देने में सहायता मिल रही है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि प्रदेश सरकार युवाओं की प्रतिभा को समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देकर ऐसे वातावरण का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ युवा आत्मनिर्भर बनें और रोजगार के नए अवसर सृजित करें। अंत में विश्वास व्यक्त किया गया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विकसित हो रही स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार आधारित शिक्षा और कौशल विकास की पहल “विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारत” के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी। युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और उद्यमशीलता ही भविष्य के भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की सबसे बड़ी शक्ति सिद्ध होगी।









