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HQ Report
ग्वालियर। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (IITTM), ग्वालियर में Cyber Crime एवं Drug Abuse Awareness Session का आयोजन किया गया। जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधों से बचाव तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को वर्तमान समय की दो महत्वपूर्ण चुनौतियों—साइबर अपराध और नशे की समस्या—के प्रति सजग करना तथा उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
सत्र में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बेहद आवश्यक है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग जैसी गतिविधियों से बचने के लिए विद्यार्थियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान एप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि साइबर अपराध से बचाव केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय निजी जानकारी को सार्वजनिक करने से बचना, मजबूत पासवर्ड रखना और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी देना साइबर सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। युवाओं को अपने आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि सामूहिक जागरूकता के माध्यम से ऑनलाइन अपराधों से बचाव किया जा सके।
जागरूकता सत्र के दूसरे महत्वपूर्ण विषय Drug Abuse यानी नशे के दुष्प्रभावों पर भी विद्यार्थियों से संवाद किया गया। युवाओं को बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा है तो उसके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उचित सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास करें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने जागरूकता से जुड़े विषयों पर संवाद किया और साइबर सुरक्षा तथा नशे से होने वाले नुकसान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षा और करियर के साथ डिजिटल दुनिया का भी बड़े स्तर पर उपयोग करते हैं। सही जानकारी और समय पर जागरूकता उन्हें साइबर अपराधों से बचाने तथा नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।










