
मुंबई। वैश्विक शेयर बाजारों में बुधवार को दबाव का माहौल देखने को मिला। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला भी जारी रहा। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा प्रदान किया।
कारोबार से पहले जारी संकेतों के अनुसार गिफ्ट निफ्टी 18 अंकों की गिरावट के साथ 23,313 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जिससे भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत मिले। एशियाई बाजारों में हैंगसेंग इंडेक्स 305 अंक टूटकर 25,339 पर पहुंच गया।
अमेरिकी बाजारों में भी निवेशकों की सतर्कता देखने को मिली। डॉव इंडेक्स 620 अंकों की गिरावट के साथ 50,687.07 पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 में 56 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 7,553.68 पर बंद हुआ। तकनीकी शेयरों पर दबाव के कारण नैस्डैक भी 239 अंक फिसलकर 26,853.98 के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.69 के स्तर पर दर्ज किया गया। ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 96.83 डॉलर प्रति बैरल रही, जो वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और ऊर्जा मांग पर निवेशकों की नजर बनाए हुए है।
सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 4,468.50 रुपये (संदर्भित इकाई के अनुसार) दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
संस्थागत निवेश गतिविधियों की बात करें तो 3 जून 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 5,335.93 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,509.66 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को समर्थन दिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ब्याज दरों की संभावित दिशा तथा विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुझान और संस्थागत निवेशकों की रणनीति भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी">







