
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा से संबद्ध अधिकारियों के व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्रदेशभर में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से कुल 66 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस महानिरीक्षक तथा विभिन्न वाहिनियों के उप सेनानी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कई जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उज्जैन, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, सतना, रीवा, सागर, देवास, शिवपुरी, मंदसौर, गुना, रायसेन, सीधी, कटनी, अलीराजपुर, पांढुर्णा, बुरहानपुर, नीमच, मझगवां, खंडवा और अन्य जिलों में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण किए गए हैं।

आदेश के अनुसार उमरिया में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम समरिया को पुलिस अधीक्षक अजाक रेंज उज्जैन बनाया गया है। वहीं पुलिस मुख्यालय एवं विभिन्न जोनों में पदस्थ कई अधिकारियों को जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर और भोपाल नगरीय पुलिस में भी कई अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन किया गया है।

सतना जिले में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश सिंह बघेल का स्थानांतरण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला ग्वालियर के पद पर किया गया है। इसी प्रकार रीवा, सागर, उज्जैन, भोपाल और इंदौर में भी कई महत्वपूर्ण पदस्थापनाएं की गई हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से इस फेरबदल को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए विभिन्न जिलों एवं इकाइयों में पदस्थ किया गया है।

गृह विभाग के आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा भी संबंधित इकाइयों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रदेश में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक पुनर्संरचना माना जा रहा है। इससे विभिन्न जिलों में पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता बढ़ने तथा कानून-व्यवस्था के संचालन में और अधिक मजबूती आने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।









