Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

डेयरी पशुओं में बढ़ती गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा, पशुपालकों के लिए सावधानी बेहद जरूरी

Author Image
Written by
HQ Report

जबलपुर। प्रदेश सहित देश के अनेक हिस्सों में तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। भीषण गर्मी और बढ़ती उमस का असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि डेयरी पशुओं पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों डेयरी पशुओं में हीट स्ट्रोक (हीट स्ट्रेस) के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता और पशुओं के समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विकासखंड पशुचिकित्सा अधिकारी जबलपुर डॉ. विष्णु गुप्ता ने पशुपालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

डॉ. विष्णु गुप्ता ने बताया कि अत्यधिक तापमान और वातावरण में मौजूद नमी के कारण पशु अपने शरीर का तापमान सामान्य स्तर पर बनाए रखने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में उनके शरीर में गर्मी का संचय होने लगता है, जिससे हीट स्ट्रेस और गंभीर अवस्था में हीट स्ट्रोक की समस्या उत्पन्न होती है। यह स्थिति विशेष रूप से दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुओं के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध होती है।

Advertisement Box

विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी नस्ल की हॉलस्टीन फ्रिसवाल तथा जर्सी नस्ल की गायें इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। इन पशुओं में शरीर का तापमान सामान्य से बढ़कर 105 से 106 डिग्री फारेनहाइट तक दर्ज किया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। तापमान बढ़ने के कारण पशुओं की शारीरिक क्रियाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है और वे तनाव की स्थिति में पहुंच जाते हैं।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि हीट स्ट्रोक के दौरान पशुओं में कई स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं। पशु तेज और कठिन सांस लेने लगते हैं तथा कई बार मुंह खोलकर सांस लेते हुए दिखाई देते हैं। अत्यधिक लार टपकना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, भूख कम लगना, चारा छोड़ देना, पानी की अधिक आवश्यकता महसूस होना, दूध उत्पादन में अचानक कमी आना, कमजोरी और सुस्ती इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में पशुओं को खड़े रहने में कठिनाई होती है, आंखें लाल हो जाती हैं तथा हृदय गति असामान्य रूप से तेज हो जाती है। स्थिति गंभीर होने पर पशु बेहोश होकर गिर भी सकता है।

उन्होंने कहा कि हीट स्ट्रोक की समस्या के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। अत्यधिक गर्म मौसम और वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ना इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा पशुशालाओं में उचित वेंटिलेशन का अभाव, छाया की कमी, स्वच्छ पेयजल की अपर्याप्त उपलब्धता, अत्यधिक भीड़भाड़, लंबे समय तक पशुओं को धूप में रखना तथा दोपहर के समय परिवहन या श्रम कराना भी पशुओं को हीट स्ट्रोक की ओर धकेलता है।

पशु चिकित्सकों का मानना है कि समय रहते उचित प्रबंधन अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। इसके लिए पशुपालकों को सबसे पहले पशुओं के लिए पर्याप्त छाया और ठंडी जगह की व्यवस्था करनी चाहिए। पशुशालाओं की छतों पर पानी का छिड़काव करना, घास या अन्य तापरोधी सामग्री का उपयोग करना तथा पशुओं को पेड़ों की छाया उपलब्ध कराना लाभकारी होता है।

गर्मी के मौसम में पशुओं को चौबीसों घंटे स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराना आवश्यक है। सामान्य दिनों की तुलना में गर्मी में पशु अधिक पानी पीते हैं, इसलिए जल की पर्याप्त व्यवस्था होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पानी की कमी पशुओं में तनाव की स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकती है।

डॉ. विष्णु गुप्ता ने बताया कि पशुशालाओं में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था भी जरूरी है। जहां संभव हो वहां पंखों, कूलरों या फॉगर्स का उपयोग किया जाना चाहिए। दिन में दो से तीन बार पशुओं तथा पशुशाला में पानी का छिड़काव करने से वातावरण का तापमान कम किया जा सकता है और पशुओं को राहत मिलती है।

आहार प्रबंधन को भी हीट स्ट्रेस नियंत्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। गर्मी के मौसम में पशुओं को हरा चारा, सुपाच्य आहार तथा पर्याप्त मात्रा में खनिज मिश्रण और इलेक्ट्रोलाइट्स उपलब्ध कराए जाने चाहिए। चारा खिलाने का समय भी महत्वपूर्ण होता है। पशुओं को सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में भोजन देना अधिक लाभकारी माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पशुशालाओं में अत्यधिक भीड़भाड़ भी हीट स्ट्रेस को बढ़ावा देती है। प्रत्येक पशु को पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि हवा का प्रवाह बना रहे और गर्मी का प्रभाव कम हो सके। साथ ही दोपहर के समय पशुओं को बाहर ले जाने, परिवहन करने अथवा उनसे भारी कार्य लेने से बचना चाहिए।

यदि किसी पशु में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू करना चाहिए। प्रभावित पशु को तत्काल छायादार और ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए। उसके शरीर विशेषकर गर्दन और सिर पर ठंडा पानी डालना लाभदायक होता है। पंखे की सहायता से ठंडी हवा उपलब्ध करानी चाहिए तथा पशु को ठंडा पानी पिलाना चाहिए। इलेक्ट्रोलाइट घोल देने से भी राहत मिल सकती है। यदि स्थिति गंभीर हो तो बिना विलंब पशु चिकित्सक की सहायता लेना आवश्यक है।

डॉ. विष्णु गुप्ता ने कहा कि डेयरी पशुओं में हीट स्ट्रेस केवल एक मौसमी समस्या नहीं है, बल्कि यह पशुपालन व्यवसाय की उत्पादकता और आर्थिक स्थिति पर सीधा प्रभाव डालता है। शरीर का तापमान बढ़ने के कारण पशुओं की चारा ग्रहण करने की क्षमता घट जाती है, जिससे दूध उत्पादन में कमी आती है। इसके साथ ही प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। परिणामस्वरूप पशु विभिन्न बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।

उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी पशुओं के व्यवहार, वृद्धि दर और समग्र उत्पादकता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। कई बार पशुपालक उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयों का उपयोग करते हैं, लेकिन हीट स्ट्रोक के मामलों में दवाइयों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। इसलिए सबसे प्रभावी उपाय उचित प्रबंधन और समय पर बचाव है।

पशुपालन विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के इस दौर में पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाना होगा। पशुओं के लिए आरामदायक वातावरण, संतुलित आहार, पर्याप्त जल और समय पर स्वास्थ्य देखभाल ही हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

डॉ. विष्णु गुप्ता ने अंत में सभी पशुपालकों से अपील की कि वे गर्मी के मौसम में अपने पशुओं पर विशेष ध्यान दें, नियमित रूप से उनके व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी करें तथा किसी भी असामान्य लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर की गई सावधानी न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा कर सकती है, बल्कि डेयरी व्यवसाय को भी आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ मास, परमा एकादशी और सनातन परंपरा का आध्यात्मिक महत्व: श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी
आज फोकस में

वैश्विक बाजारों में दबाव, अमेरिकी सूचकांकों में गिरावट; एफआईआई की बिकवाली जारी

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश
आज फोकस में

अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा, आध्यात्म और ज्योतिषीय महत्व का अद्भुत संगम, सनातन परंपराओं के पालन का संदेश

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव
आज फोकस में

दमोह की बेटी बनी प्रदेश का गौरव

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा
आज फोकस में

पन्ना जिले में रेल विस्तार को मिली नई गति, देवेन्द्रनगर तक जल्द पहुंचेगी रेल सेवा

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान
आज फोकस में

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, बढ़ते दामों ने खरीदारों और निवेशकों का बढ़ाया ध्यान

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें