
भोपाल, 5 जुलाई 2026। बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा व्यापक स्तर पर ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर जागरूकता अभियान-2026 संचालित किया गया। अभियान के तहत शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों एवं साइबर क्राइम ब्रांच की टीमों ने एक साथ साइबर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष अभियान के अंतर्गत भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के 150 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहर के 50 अलग-अलग स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में लगभग 7,500 नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भाग लिया और साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप तथा उनसे बचाव के प्रभावी तरीकों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ओटीपी धोखाधड़ी, बैंक खाते एवं एटीएम फ्रॉड, निवेश एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लिंक, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, पार्सल स्कैम तथा फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसी साइबर ठगी की घटनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, यूपीआई पिन अथवा पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऑनलाइन लेनदेन करते समय पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो समय गंवाए बिना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके और पीड़ित को शीघ्र सहायता मिल सके।
भोपाल पुलिस कमिश्नरेट का यह जनजागरूकता अभियान नागरिकों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ साइबर अपराधों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करना है।









