Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा को समर्पित मंत्री राकेश सिंह: जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को दे रहे नई दिशा

Author Image
Written by
HQ Report
जनप्रतिनिधि से जननेता तक का सफर, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की पहल बनी पहचान
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। लंबे समय तक सांसद के रूप में जबलपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री सिंह ने न केवल संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास जैसे विषयों को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल रखा। वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में वे प्रदेश के अधोसंरचना विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। श्री राकेश सिंह का राजनीतिक जीवन संगठन और जनसंपर्क से प्रारंभ हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी के जबलपुर जिला अध्यक्ष रहे और संगठनात्मक क्षमता के बल पर जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2004 से लगातार तीन बार लोकसभा के लिए निर्वाचित होकर उन्होंने संसद में जबलपुर का प्रतिनिधित्व किया। संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने विशेष रूप से विकास, अधोसंरचना, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया।
संसद में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
सांसद के रूप में श्री राकेश सिंह ने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे विशेषाधिकार समिति, परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्थायी समिति तथा रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। इसके अलावा उन्होंने कोयला एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। संसदीय समितियों में उनके अनुभव ने नीति निर्माण, विकास परियोजनाओं की निगरानी और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न समितियों में रहते हुए उन्होंने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर निरंतर बल दिया।
जल संरक्षण अभियान से मिली नई पहचान
श्री राकेश सिंह की सबसे उल्लेखनीय पहलों में जल संरक्षण अभियान शामिल है। उन्होंने जबलपुर ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 15 दिनों की पदयात्रा कर ग्रामीणों को जल संकट और वर्षा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संवाद किया और वर्षा जल संचयन की उपयोगिता को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, पारंपरिक जल स्रोतों की सुरक्षा तथा वर्षा जल संग्रहण प्रणाली को अपनाने के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया। उनके इस अभियान को स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला और कई गांवों में जल संरक्षण के स्थायी प्रयास प्रारंभ हुए।
पर्यावरण संरक्षण को बनाया जन आंदोलन
राकेश सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे सामाजिक अभियान का स्वरूप देने का प्रयास किया। उन्होंने वृक्षारोपण अभियानों का नेतृत्व किया तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का कार्य किया। उनके नेतृत्व में अनेक स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने लोगों से केवल पौधे लगाने ही नहीं बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है।
एमपीएलएडी निधि से जल संरक्षण कार्य
सांसद रहते हुए श्री राकेश सिंह ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़े कई कार्यों को प्राथमिकता दी। विशेष रूप से स्टॉप डैम (Stop Dam) निर्माण जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया गया, जिससे वर्षा जल का संरक्षण संभव हो सका तथा भूजल स्तर में सुधार लाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ाना, पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान विकसित करना था।
जैविक खेती और सतत कृषि को प्रोत्साहन
राकेश सिंह ने किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। उनका मानना है कि रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में किसानों के बीच संवाद कर प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण आधारित कृषि पद्धति और टिकाऊ कृषि मॉडल को बढ़ावा देने के प्रयास किए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें कृषि उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होती हैं।
स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर सक्रिय भूमिका
श्री राकेश सिंह जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े विषयों पर भी लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग, ऊर्जा संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा दिया। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी दृष्टि से स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।
जनसंपर्क और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान
मंत्री बनने के बाद भी राकेश सिंह नियमित रूप से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। सड़क, पुल, भवन निर्माण, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर समयबद्ध गुणवत्ता पूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते रहे हैं। वे मानते हैं कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनका क्रियान्वयन पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समय पर हो। इसी उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं।
विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प
राकेश सिंह का मानना है कि अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और जनभागीदारी एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य तैयार किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। जनभागीदारी के बिना सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। राकेश सिंह का सार्वजनिक जीवन विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संतुलित दृष्टिकोण का उदाहरण प्रस्तुत करता है। जल संरक्षण, हरित विकास, अधोसंरचना निर्माण और जनसंपर्क आधारित कार्यशैली उन्हें एक सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान दिलाती है। वर्तमान में मंत्री के रूप में वे प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी समान प्राथमिकता देने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
आज फोकस में

सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें
आज फोकस में

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सलाह: ऑयल शेयरों से फिलहाल दूरी रखें, अच्छी SIP जारी रखें

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव
आज फोकस में

तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन बढ़ती लागत से मार्जिन पर दबाव

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार
आज फोकस में

20 जुलाई 2026 का पंचांग: भगवान शिव की आराधना, गुप्त नवरात्र की साधना और शुभ योगों से आलोकित रहेगा सोमवार

15 जुलाई 2026 का पंचांग: गुप्त नवरात्र का शुभारंभ, चंद्र दर्शन और धार्मिक आस्था के बीच दिनभर रहेगी आध्यात्मिक ऊर्जा
आज फोकस में

15 जुलाई 2026 का पंचांग: गुप्त नवरात्र का शुभारंभ, चंद्र दर्शन और धार्मिक आस्था के बीच दिनभर रहेगी आध्यात्मिक ऊर्जा

आज का पंचांग, योगिनी एकादशी का महत्व और सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल: जानिए 9 जुलाई 2026 का संपूर्ण ज्योतिषीय विश्लेषण
आज फोकस में

आज का पंचांग, योगिनी एकादशी का महत्व और सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल: जानिए 9 जुलाई 2026 का संपूर्ण ज्योतिषीय विश्लेषण

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box
Advertisement Box

और भी पढ़ें