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HQ Report
भोपाल। मध्यप्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को आधुनिक, विश्वसनीय और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बिजली वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
RDSS योजना का मुख्य उद्देश्य विद्युत वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों (AT&C Losses) में कमी, राजस्व संग्रहण में सुधार तथा उपभोक्ताओं को पारदर्शी और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना के तहत स्मार्ट तकनीक आधारित विद्युत नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे बिजली व्यवस्था अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बन रही है।
योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में ₹24,170 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें केंद्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक ₹9,200 करोड़ के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा ₹3,513 करोड़ के कार्य पूर्ण भी किए जा चुके हैं। इन सभी परियोजनाओं को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उपभोक्ताओं को आधुनिक और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में 28.50 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली से बिजली की खपत का सटीक आंकलन, डिजिटल निगरानी, बेहतर ऊर्जा प्रबंधन तथा बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इससे उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी मिलने के साथ-साथ बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।
बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत 228 नए 33/11 केवी उपकेंद्र, 15,336 किलोमीटर 33/11 केवी लाइन, 20,019 किलोमीटर एलटी लाइन, 358 कृषि फीडरों का विभक्तीकरण, 1,848 कैपेसिटर बैंक तथा 10,365 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी तथा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराना आसान होगा।

योजना के माध्यम से विद्युत वितरण प्रणाली में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है, जिससे लाइन फॉल्ट की त्वरित पहचान, बिजली आपूर्ति की निरंतर निगरानी और समयबद्ध सुधार कार्य संभव हो सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलने के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता तक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली पहुंचाना है। आधुनिक अधोसंरचना, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल निगरानी और मजबूत वितरण नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश की बिजली व्यवस्था तेजी से नए स्वरूप में विकसित हो रही है। इससे उद्योग, कृषि, व्यापार और घरेलू उपभोक्ताओं सभी को बेहतर विद्युत सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा प्रदेश के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।










