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HQ Report
रायपुर। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सीखने की ललक को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल उस समय देखने को मिली, जब जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बरमकेला की कक्षा चौथी की छात्रा कुमारी कोमल विश्वकर्मा ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग कार्यालय में पूरे आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार लिया। नन्हीं छात्रा की सहज अभिव्यक्ति, जिज्ञासु स्वभाव और प्रभावी संवाद शैली ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान कोमल विश्वकर्मा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। उसकी स्पष्ट अभिव्यक्ति, सीखने की उत्सुकता और निडर संवाद शैली ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि बच्चों को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे कम उम्र में भी अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित कर सकते हैं।
साक्षात्कार के दौरान बच्चों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। नन्हीं कोमल के प्रत्येक प्रश्न का सहज और सरल भाषा में उत्तर देते हुए शिक्षा के महत्व, आत्मविश्वास, अनुशासन, परिश्रम तथा बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी गई। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर सीखते रहना, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना और कठिन परिश्रम करना सबसे आवश्यक है।
इस अवसर पर कहा गया कि प्रत्येक बच्चा अपने भीतर अपार संभावनाएं लेकर जन्म लेता है। आवश्यकता केवल उनकी प्रतिभा को पहचानने, सही दिशा देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। विद्यालय, परिवार और समाज यदि बच्चों का मनोबल बढ़ाएं तो वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
बच्चों की जिज्ञासा को उनके व्यक्तित्व विकास की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा गया कि प्रश्न पूछने की आदत ही ज्ञान का आधार बनती है। जो बच्चे सीखने की इच्छा रखते हैं और नई-नई बातें जानने का प्रयास करते हैं, वे आगे चलकर जीवन में बेहतर निर्णय लेने और नई उपलब्धियां हासिल करने में सफल होते हैं। इसलिए प्रत्येक बच्चे को निर्भीक होकर अपनी जिज्ञासाओं को व्यक्त करना चाहिए।










