
छोड़िए बुराई रखिए ,
आपस में मान ।।
दशहरे की राम राम ,
तंबोली का पान ।।
आज के दिन सारी ,
बुराई का कर अंत ।।
यह जीवन खुश होगा ,
तेरा जीवन पर्यन्त ।।
अपने सब अपने हो ,
अपने हों साथ ।।
अपनों के साथ रहे ,
आजीवन बात ।।
अपने को रखना है ,
अपने का ध्यान ।।
दशहरे की राम राम ,
तंबोली का पान ।।
काम काज बनें सभी ,
दुआ करो नेक ।।
परिजन में बुद्धि हो ,
और विद्या विवेक ।।
महालक्ष्मी की कृपा ,
दौलत हो साथ ।।
गुरुवर का स्नेह रहे ,
सबसे हो बात ।।
हर निर्धन गरीब को ,
तूं कर हमेशा दान ।।
दशहरे की राम राम ,
तंबोली का पान ।।
देश हो खुशहाल मेरा ,
जन जन खुशहाल ।।
तिरंगे की शान में ,
मां भारती का भाल ।।
करदें झगड़ना कंचू,
आपसी में बंद ।।
आपके जीवन में ,
आनंद ही आनंद ।।
मतभेद न मनभेद न ,
सब जात का समान ।।
दशहरे की राम राम ,
तंबोली का पान ।।
अशोक गोयल (आई पी एस रि.) मध्यप्रदेश पुलिस









