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कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा, अवैध पार्किंग और ब्लैक स्पॉट पर सख्ती के निर्देश

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रायगढ़। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रातः 11 बजे आयोजित बैठक में राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, अवैध पार्किंग, ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं सुधार, नशे के विरुद्ध कार्रवाई, कोटपा एक्ट के प्रावधानों का पालन, आगामी त्योहारों तथा बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और ऐसे स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है, इसलिए प्रमुख मार्गों एवं व्यस्त क्षेत्रों में नियमित अभियान चलाकर अवैध पार्किंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट का ऑडिट कर वहां दुर्घटनाओं के कारणों का परीक्षण किया जाए तथा आवश्यकतानुसार संकेतक, प्रकाश व्यवस्था, सड़क सुधार और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए दुर्घटनाओं के मूल कारणों को चिन्हित कर स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाए, ताकि जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शहरी क्षेत्रों के प्रमुख हॉटस्पॉट स्थानों पर नियमित अभियान चलाकर कोटपा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों के उपयोग और नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त निगरानी आवश्यक है। विशेष रूप से स्कूलों एवं महाविद्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि नाबालिग बच्चों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच को रोका जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में नियमित निरीक्षण किया जाए। अवैध पार्किंग करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो तथा यातायात को बाधित करने वाले कारणों की पहचान कर उनका निराकरण किया जाए। बैठक में आगामी दस दिवसीय चक्रधर समारोह एवं कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिला मुख्यालय रायगढ़ में होने वाले इस बड़े आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को यातायात, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल के आसपास यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, वाहनों के आवागमन की व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों की योजना तथा भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े आयोजनों के दौरान आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों की आवाजाही भी निर्बाध बनी रहे, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। आयोजन समिति और संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने आगामी ईद, कृष्ण जन्माष्टमी सहित अन्य त्योहारों के मद्देनजर जिले में कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान रैली, जुलूस एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है, इसलिए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की तैयारी पहले से करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी रैली, जुलूस या सार्वजनिक आयोजन के लिए नियमानुसार आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति आयोजन किए जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने आयोजन समितियों के साथ बैठक कर आयोजन के रूट, समय, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और भीड़ नियंत्रण की योजना पहले से तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस आयोजन समितियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे, लेकिन आयोजकों को भी शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित नियमों एवं व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करना होगा। त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती, गश्त और निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संभावित स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और छोटे विवादों को समय रहते सुलझाया जाए, ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जिले में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित अधिकारी स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, आयोजन समितियों और नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करें। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई जाए, जिससे जुलूस और धार्मिक आयोजनों के कारण आम यातायात प्रभावित न हो। भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था के साथ आवश्यक बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा प्रबंध किए जाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में नशीली दवाइयों की बिक्री एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही कोटपा एक्ट के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि नशे की गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बैठक में राजस्व पुस्तक परिपत्र यानी आरबीसी 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना से होने वाली क्षति के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने को कहा। दुर्घटना एवं आपदा से संबंधित मामलों में पीएम रिपोर्ट समय पर प्राप्त हो सके, इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को चिकित्सकों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में हिट एंड रन के मामलों की भी समीक्षा की गई और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। पीड़ितों एवं उनके परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी समयबद्ध रखने के निर्देश दिए गए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स के गठन एवं उसके क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाईवे पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, यातायात नियमों के पालन और आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। औद्योगिक सुरक्षा से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई तथा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता बताई गई। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग द्वारा की गई कार्रवाई, आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण, मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई तथा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों से कहा गया कि संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में जिला जेल से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, लंबित पैरोल प्रकरणों तथा अन्य संबंधित मामलों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसके अलावा चिटफंड से जुड़े मामलों, पशु क्रूरता अधिनियम के प्रकरणों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों तथा अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित मामलों का विभागवार परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई समयसीमा में पूरी की जाए। प्रशासन एवं पुलिस से संबंधित मामलों में बेहतर समन्वय बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज एवं रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक का उद्देश्य जिले में कानून व्यवस्था से संबंधित सभी विषयों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का निराकरण और भविष्य में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के लिए पहले से तैयारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में आगामी चक्रधर समारोह को लेकर विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि आयोजन के दौरान रायगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था किसी भी स्थिति में बाधित न हो। दस दिवसीय आयोजन एवं कुश्ती प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में दर्शकों और नागरिकों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था, यातायात मार्गों का निर्धारण, भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा प्रबंधों को समय रहते अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को आयोजन स्थल के आसपास पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए भी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बड़े आयोजनों की सफलता केवल कार्यक्रम के सुचारू संचालन से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने से भी तय होती है। इसलिए संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित करते हुए संयुक्त रूप से कार्य करना होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी पुलिस अधिकारियों को आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार और बड़े आयोजन एक साथ होने की स्थिति में पुलिस बल एवं संसाधनों का बेहतर प्रबंधन आवश्यक होगा। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों एवं कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की। कलेक्टर एवं एसएसपी ने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े सभी मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी कार्रवाई और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी जाए।
कानून व्यवस्था की इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अवैध पार्किंग पर लगातार कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट का ऑडिट, यातायात व्यवस्था में सुधार और सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं नशीली दवाइयों की बिक्री, तंबाकू उत्पादों के अवैध उपयोग और कोटपा एक्ट के उल्लंघन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। आगामी ईद, कृष्ण जन्माष्टमी एवं अन्य त्योहारों के दौरान रैली और जुलूस के लिए आवश्यक अनुमति, निर्धारित रूट, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की पूर्व तैयारी करने को कहा गया। चक्रधर समारोह जैसे बड़े आयोजन के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना बनाकर यातायात, पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आरबीसी 6-4 के प्रकरणों, हिट एंड रन मामलों, जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स, औद्योगिक सुरक्षा, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा, आबकारी, मोटर व्हीकल एक्ट, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम सहित विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, सभी अनुविभागों के एसडीएम, एसडीओपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, नशे और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तथा बड़े आयोजनों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई जारी रखें। इस समीक्षा बैठक के माध्यम से जिले में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्ययोजना को गति देने का निर्णय लिया गया।
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