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WhatsApp ने बदला अकाउंट सिक्योरिटी का तरीका, 6 डिजिट PIN की जगह अब मजबूत पासवर्ड का विकल्प

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अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड में अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर शामिल किए जा सकेंगे; WhatsApp ने अकाउंट सुरक्षा को मजबूत करने के साथ पासकी और अनजान कॉल से जुड़े नए फीचर भी किए पेश
नई दिल्ली। डिजिटल फ्रॉड, अकाउंट टेकओवर और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच WhatsApp ने अपने यूजर्स की अकाउंट सिक्योरिटी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा अपडेट जारी किया है। WhatsApp ने टू-स्टेप वेरिफिकेशन में इस्तेमाल होने वाले पुराने 6 अंकों के PIN को अपग्रेड कर लंबे अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड का विकल्प देना शुरू किया है। नए पासवर्ड में अक्षरों और अंकों के साथ स्पेशल कैरेक्टर भी शामिल किए जा सकते हैं, जिससे केवल अनुमान लगाकर अकाउंट की सुरक्षा पर सेंध लगाना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है। WhatsApp के आधिकारिक अपडेट के मुताबिक टू-स्टेप वेरिफिकेशन पहले 6 अंकों के PIN पर आधारित था, लेकिन अब इसे एक पूर्ण पासवर्ड में अपग्रेड किया जा रहा है। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है, जिसका उद्देश्य उस स्थिति में भी अकाउंट टेकओवर को मुश्किल बनाना है, जब किसी हमलावर के हाथ यूजर का वन-टाइम पासकोड लग जाए।
इस बदलाव को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि 6 डिजिट PIN पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि WhatsApp टू-स्टेप वेरिफिकेशन के लिए उससे मजबूत पासवर्ड का विकल्प उपलब्ध करा रहा है। यानी यूजर्स अब अपनी सुरक्षा के लिए अधिक मजबूत क्रेडेंशियल का इस्तेमाल कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर केवल 123456 जैसे आसान PIN की जगह अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर वाला अलग और मजबूत पासवर्ड रखना ज्यादा सुरक्षित विकल्प होगा। हालांकि कोई भी पासवर्ड 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, लेकिन लंबा और यूनिक पासवर्ड अनुमान लगाने या कमजोर PIN के मुकाबले कहीं बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकता है। WhatsApp ने अपने नए सुरक्षा अपडेट में केवल टू-स्टेप वेरिफिकेशन को ही मजबूत नहीं किया है, बल्कि मल्टीपल पासकी का सपोर्ट भी बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक अब एक अकाउंट में एक से अधिक पासकी जोड़ी जा सकती हैं। यह सुविधा उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकती है जो अलग-अलग डिवाइस या अलग-अलग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। WhatsApp ने बताया है कि उसके पासकी उपयोगकर्ताओं की संख्या एक अरब से अधिक हो चुकी है।
WhatsApp का यह सुरक्षा बदलाव अकाउंट टेकओवर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। आम तौर पर किसी WhatsApp अकाउंट में लॉगिन या दोबारा रजिस्ट्रेशन के दौरान फोन नंबर पर आने वाला वन-टाइम कोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी तरह यह कोड किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो टू-स्टेप वेरिफिकेशन की अतिरिक्त सुरक्षा बाधा बन सकती है। अब इस दूसरी सुरक्षा परत को 6 अंकों के PIN से आगे बढ़ाकर लंबे अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड के रूप में मजबूत किया जा रहा है। WhatsApp के अनुसार नया पासवर्ड लंबा हो सकता है और उसमें विशेष कैरेक्टर भी शामिल किए जा सकते हैं। इससे कमजोर या आसानी से अनुमान लगाए जा सकने वाले PIN की तुलना में सुरक्षा बढ़ सकती है। हालांकि यूजर्स को यह भी ध्यान रखना होगा कि नया पासवर्ड किसी अन्य वेबसाइट या ऐप पर इस्तेमाल किए जा रहे पासवर्ड जैसा नहीं होना चाहिए। पासवर्ड को किसी व्यक्ति के साथ साझा करना भी सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण है। इसी तरह WhatsApp या किसी कथित बैंक अथवा कंपनी के नाम से आने वाले ऐसे संदेशों से भी सावधान रहना चाहिए जिनमें पासवर्ड, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी मांगने की कोशिश की जाए। सुरक्षा फीचर तभी प्रभावी होते हैं जब यूजर स्वयं भी सावधानी बरते।
इस नए अपडेट के साथ WhatsApp ने पासकी सुरक्षा को भी और उपयोगी बनाया है। पासकी पारंपरिक पासवर्ड या SMS कोड पर निर्भर रहने के बजाय डिवाइस की सुरक्षा व्यवस्था, जैसे फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या स्क्रीन लॉक के माध्यम से पहचान सत्यापित करने की सुविधा देती है। अब WhatsApp पर एक से अधिक पासकी जोड़ने की सुविधा मिलने से अलग-अलग डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है। WhatsApp के अनुसार एक अरब से अधिक लोग पासकी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो इस तकनीक के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को दर्शाता है। कंपनी ने अकाउंट सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बदलाव के तहत Android यूजर्स के लिए अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के संदर्भ में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में भी अपडेट किया है। कुछ मामलों में यूजर को यह जानकारी मिल सकती है कि कॉल करने वाला व्यक्ति किस देश से संबंधित है और क्या उसका यूजर के साथ कोई साझा ग्रुप है। इसका उद्देश्य अनजान कॉल को लेकर यूजर को अधिक संदर्भ उपलब्ध कराना है, ताकि वह कॉल रिसीव करने से पहले बेहतर निर्णय ले सके। खासकर ऐसे समय में जब ऑनलाइन ठगी और पहचान की नकल करके किए जाने वाले फ्रॉड में अनजान नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है, यह जानकारी उपयोगी साबित हो सकती है।
WhatsApp के इस नए सुरक्षा अपडेट के बाद यूजर्स को अपनी अकाउंट सेटिंग्स की भी समीक्षा करनी चाहिए। WhatsApp के Help Center के अनुसार टू-स्टेप वेरिफिकेशन की सेटिंग Settings > Account > Two-step verification के माध्यम से मैनेज की जा सकती है। यदि आपके अकाउंट पर नया पासवर्ड विकल्प उपलब्ध हो गया है, तो पुराने कमजोर PIN की जगह ऐसा पासवर्ड रखना बेहतर होगा जिसे आसानी से कोई अनुमान न लगा सके। पासवर्ड में अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, 123456 जैसे सामान्य अंक या अन्य आसानी से पहचानी जाने वाली जानकारी रखने से बचना चाहिए। साथ ही पासवर्ड ऐसा रखें जिसे आप सुरक्षित तरीके से याद रख सकें। यदि पासकी का विकल्प उपलब्ध है तो उसे भी सेट किया जा सकता है। WhatsApp की सुरक्षा व्यवस्था में ईमेल या रिकवरी से संबंधित जानकारी को भी सही रखना महत्वपूर्ण है, ताकि अकाउंट से संबंधित सुरक्षा प्रक्रिया में परेशानी न हो। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को WhatsApp का OTP बताना नहीं चाहिए। कोई भी व्यक्ति यदि फोन करके खुद को WhatsApp कर्मचारी, बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या किसी अन्य संस्था का प्रतिनिधि बताकर OTP या पासवर्ड मांगता है तो उसे गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
कुल मिलाकर WhatsApp का नया सुरक्षा अपडेट यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। 6 अंकों वाले PIN से लंबे अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड की ओर बढ़ना, एक अकाउंट पर एक से अधिक पासकी इस्तेमाल करने की सुविधा और Android पर अनजान कॉल से संबंधित अतिरिक्त संदर्भ—ये तीनों बदलाव अकाउंट सुरक्षा और उपयोगकर्ता जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। WhatsApp लगातार अकाउंट टेकओवर, फर्जी पहचान, स्कैम और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अपडेट कर रहा है। हालांकि तकनीकी सुरक्षा के साथ यूजर की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मजबूत पासवर्ड रखने के साथ OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करना, संदिग्ध लिंक से बचना, अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए दस्तावेज या ऐप डाउनलोड न करना और संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करना जरूरी है। WhatsApp का नया पासवर्ड विकल्प उपलब्ध होने पर यूजर्स को अपनी टू-स्टेप वेरिफिकेशन सेटिंग जरूर जांचनी चाहिए और यदि संभव हो तो पुराने आसान PIN की जगह मजबूत एवं यूनिक पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। इस तरह WhatsApp की नई सुरक्षा तकनीक और यूजर की सतर्कता मिलकर अकाउंट को अनधिकृत पहुंच से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ध्यान दें: यह अपडेट 25 अगस्त 2026 को घोषित किया गया है और फीचर्स का रोलआउट चरणबद्ध हो सकता है। इसलिए हर यूजर के फोन में नया पासवर्ड विकल्प एक ही समय पर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। WhatsApp को नवीनतम संस्करण में अपडेट करके Settings > Account > Two-step verification में जाकर उपलब्ध विकल्प की जांच की जा सकती है।
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