
ममता कुलकर्णी से नाराज टीना मां ने बनाया नया अखाड़ा; पट्टाभिषेक में किन्नरों ने तलवारें लहराईं, कलश लेकर निकलीं शोभायात्रा
प्रयागराज। कुंभनगरी प्रयागराज में किन्नर समाज के भीतर बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। प्रसिद्ध किन्नर अखाड़े की महंत ममता कुलकर्णी से नाराज होकर टीना मां ने एक नया अखाड़ा बनाने की घोषणा की है। मंगलवार को भव्य आयोजन के बीच टीना मां का पट्टाभिषेक हुआ, जिसमें सैकड़ों किन्नर एकजुट हुए।
इस मौके पर किन्नरों ने तलवारें लहराईं, ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे और कलश लेकर शोभायात्रा निकाली। पूरे शहर में इस अनोखे आयोजन की चर्चा रही।
किन्नर समाज में मतभेद की जड़
सूत्रों के मुताबिक, टीना मां और ममता कुलकर्णी के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद चल रहे थे।
किन्नर समाज के कई वरिष्ठ गुरुओं का कहना है कि अखाड़े के संचालन, पदाधिकारियों की नियुक्ति और धार्मिक आयोजनों में प्राथमिकता को लेकर विवाद गहराता गया।
ममता कुलकर्णी पिछले कई वर्षों से किन्नर अखाड़े की प्रमुख रही हैं और उनका अखाड़ा कुंभ और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
टीना मां ने आरोप लगाया कि “अखाड़े के संचालन में कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं” और वास्तविक साधक-सेवक उपेक्षित हो रहे हैं। इसी असंतोष के चलते उन्होंने “किन्नर महासभा अखाड़ा” नाम से अलग संगठन खड़ा करने की घोषणा की।
तलवारें लहराकर किया शक्ति प्रदर्शन
मंगलवार को प्रयागराज में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह किसी धार्मिक शोभायात्रा से कम नहीं था।
सुबह से ही सैकड़ों किन्नर पारंपरिक वेशभूषा में जमा हुए।
ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच उन्होंने शक्ति प्रदर्शन करते हुए तलवारें लहराईं और जयघोष किया — “हर हर महादेव”, “जय मां किन्नर देवी”।
यात्रा में किन्नर समुदाय की गुरु माताएं कलश लेकर आगे-आगे चलीं।
टीना मां को सिंहासन पर बिठाकर शंख, चंदन और पुष्पों से पट्टाभिषेक कराया गया।
आयोजन के दौरान भव्य सजावट की गई थी — मंच पर फूलों से बनी झालरें, गेरुए वस्त्रधारी साधक और चारों ओर अखाड़े का ध्वज लहरा रहा था।
नए अखाड़े की घोषणा और संकल्प
पट्टाभिषेक के बाद टीना मां ने मंच से कहा —
“हम किसी के विरोध में नहीं, बल्कि किन्नर समाज की अस्मिता और गरिमा की रक्षा के लिए नया अखाड़ा बना रहे हैं। हर साधक को सम्मान और हर शिष्य को न्याय मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि नया अखाड़ा धर्म, सेवा और संस्कार के रास्ते पर चलेगा।
टीना मां ने यह भी घोषणा की कि आने वाले महाकुंभ 2025 में उनका अखाड़ा आधिकारिक रूप से भाग लेगा और अपनी अलग पेशवाई (शाही स्नान यात्रा) निकालेगा।
ममता कुलकर्णी खेमे की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, ममता कुलकर्णी गुट ने टीना मां के कदम को “अनुशासनहीनता” बताया है।
उनका कहना है कि अखाड़े का विभाजन किन्नर समाज की एकता को कमजोर करेगा।
ममता कुलकर्णी ने कहा —
“हम सब एक ही परंपरा से आते हैं। अलग-अलग अखाड़े बनाना परंपरा का अपमान है। फिर भी, हम सभी को आशीर्वाद देते हैं कि वे धर्मपथ पर चलें।”
हालांकि, किन्नर समाज के कई युवा गुरुओं ने कहा कि “परंपरा में सुधार लाने के लिए नया रास्ता अपनाना गलत नहीं है।”
प्रयागराज में रंगी किन्नर संस्कृति की झलक
टीना मां के पट्टाभिषेक समारोह ने प्रयागराज में एक बार फिर किन्नर संस्कृति और अध्यात्मिक परंपरा को जीवंत कर दिया।
सैकड़ों लोगों ने इस शोभायात्रा को देखा और मोबाइल से तस्वीरें लीं।
कार्यक्रम में “किन्नर महादेवी की आरती” गाई गई, और भंडारा आयोजित किया गया जिसमें आम श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था
चूंकि आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
पुलिस बल तैनात किया गया, और मुख्य मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया गया।
शहर के कई हिस्सों में जाम लगने के बावजूद माहौल उत्सव जैसा बना रहा।









