
मुंबई। संसदीय समिति “अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति” के अध्ययन प्रवास के दौरान समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं पहलों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में संचालित कल्याणकारी योजनाओं का अध्ययन कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को और मजबूत बनाना रहा। मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए महाराष्ट्र शासन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, आवास, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेष योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से “मोदी आवास योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना वंचित और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से OBC, EBC एवं SBC वर्ग के पात्र हितग्राहियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गरीब और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। संसदीय समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में गहरी रुचि दिखाई। समिति ने राज्य में सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में विभिन्न योजनाओं की सफलता, लाभार्थियों तक पहुंच और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार विभिन्न वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। कौशल विकास कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को सशक्त बनाया जा रहा है। अध्ययन प्रवास के दौरान समिति के सदस्यों ने यह भी जाना कि महाराष्ट्र सरकार किस प्रकार तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
बैठक में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। संसदीय समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्थिति, लाभार्थियों की संख्या और योजनाओं के प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन प्रवास राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे विभिन्न राज्यों में लागू योजनाओं के बेहतर मॉडल को अपनाने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिति के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि महाराष्ट्र सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सामाजिक समरसता तथा समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास कर रही हैं। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और कल्याणकारी पहलों की जानकारी को उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय, आवास, शिक्षा और कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ, जिसे सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









