
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आज भोपाल स्थित विकास भवन में विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा समयबद्ध कार्यों की समीक्षा करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान VB-G RAM (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण तथा जल रीचार्जिंग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों से प्रत्येक योजना की वर्तमान स्थिति, प्रगति और जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है। इसके लिए सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
VB-G RAM मिशन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संबंध में उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हो चुके हैं, उनके निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर पक्का आवास उपलब्ध हो सके। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में पौधारोपण, जल संरक्षण और जल रीचार्जिंग को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पौधारोपण कराया जाए, लगाए गए पौधों के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, जल स्रोतों के विकास और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। इससे कृषि, पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देने और प्रदेश के गांवों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।









