
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय, 1930 हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत करने की अपील
मैहर। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक करने के उद्देश्य से “SAFE CLICK 2.0” साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मैहर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। थोड़ी-सी लापरवाही साइबर ठगी, पहचान की चोरी और वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए सतर्क रहना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, नकली वेबसाइटों और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ करना ही साइबर सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध होता है, तो वह बिना विलंब किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कराए, जिससे समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।

विद्यालय प्रबंधन ने इस जागरूकता कार्यक्रम के लिए मैहर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अभियान विद्यार्थियों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया। सभी उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।









