
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान, साइबर ठगी से बचाव के लिए लोगों को दिए जा रहे सुरक्षा के मंत्र
रीवा, 7 जुलाई 2026। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर में “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत रीवा संभाग सहित पूरे प्रदेश में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, बैंक खाते से जुड़ी साइबर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी निवेश योजनाओं, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लिंक, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी तथा ऑनलाइन शॉपिंग और कस्टमर केयर फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही इनसे बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए जा रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञ नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, केवल आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप का ही उपयोग करें तथा किसी भी आकर्षक ऑफर या निवेश योजना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
अभियान के दौरान विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि को रोकने और आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देना है, ताकि प्रत्येक नागरिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ कर सके। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं जागरूक बनें, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा हमेशा इस संदेश को याद रखें—“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, सावधान रहें।”










