
ड्रोन सर्वेक्षण और डिजिटल अभिलेखों के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रहा स्वामित्व प्रमाण, बढ़ रही आर्थिक सुरक्षा और विकास की संभावनाएं
भोपाल, 7 जुलाई 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व को कानूनी मान्यता प्रदान करने और नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनकी आवासीय संपत्तियों का वैध स्वामित्व अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से संपत्तियों का सटीक मानचित्रण कर स्वामित्व प्रमाण-पत्र वितरित किए जा रहे हैं, जिससे वर्षों पुराने भूमि विवादों के समाधान के साथ ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी मिल रही है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि स्वामित्व योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। योजना के अंतर्गत गांवों में आबादी भूमि का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर प्रत्येक पात्र परिवार को उसकी संपत्ति का विधिक अधिकार प्रदान किया जा रहा है। इससे नागरिकों को अपनी संपत्ति का प्रमाण मिलने के साथ-साथ बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा हो रही है। संपत्ति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होने से पारदर्शिता बढ़ी है और भूमि संबंधी विवादों में उल्लेखनीय कमी आने लगी है।
स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन तकनीक का उपयोग कर गांवों की आबादी का डिजिटल नक्शा तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर प्रत्येक संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार कर स्वामित्व कार्ड जारी किए जाते हैं। इस आधुनिक व्यवस्था से न केवल भूमि अभिलेख अधिक सटीक बने हैं, बल्कि ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और स्थानीय प्रशासन को प्रभावी योजना निर्माण में भी सहायता मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति का कानूनी अधिकार मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। स्वामित्व कार्ड के आधार पर लोग अपनी संपत्ति को वित्तीय संपदा के रूप में उपयोग कर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे स्वरोजगार, कृषि, लघु उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व से उत्तराधिकार संबंधी विवादों में भी कमी आती है और सामाजिक स्थिरता को बल मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण विकास, सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रही है। शासन का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को उसकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिले तथा गांवों में पारदर्शी भूमि प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था स्थापित हो।

स्वामित्व योजना आज केवल संपत्ति का दस्तावेज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण नागरिकों के आत्मविश्वास, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। सरकार का विश्वास है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और आत्मनिर्भर तथा समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प और अधिक सशक्त होगा।









