
उर्वरकों की नियमित उपलब्धता, समयबद्ध वितरण और प्रभावी निगरानी पर विशेष जोर; किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
भोपाल, 7 जुलाई 2026। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रदेशभर में खाद का पर्याप्त भंडारण, नियमित आपूर्ति तथा समयबद्ध वितरण लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसानों को बुआई एवं फसलों की प्रारंभिक अवस्था में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रत्येक किसान को आवश्यकतानुसार समय पर खाद उपलब्ध हो, खेती की गतिविधियां बिना किसी व्यवधान के संचालित हों तथा अन्नदाताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, विपणन संघ तथा जिला प्रशासन के समन्वय से उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिलों में खाद के भंडारण की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है तथा मांग के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रदेशभर में सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, विपणन केंद्रों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी गतिविधियों को सख्ती से रोका जाए। इसके लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ सीजन में समय पर उर्वरकों की उपलब्धता फसलों की बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अग्रिम भंडारण की व्यवस्था की है, जिससे किसानों को बुआई के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी भी कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्य करना है। इसके लिए सिंचाई, बीज, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा, कृषि ऋण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं से ही उर्वरक प्राप्त करें, निर्धारित मूल्य पर खाद खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रत्येक पात्र किसान को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार का मानना है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए खरीफ सीजन के दौरान खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर खेती को गति देना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह प्रयास कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









