
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन के रूप में अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ मध्यप्रदेश का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सक्रिय भागीदारी निभाए।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि स्वच्छता केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित पर्यावरण और समृद्ध समाज की आधारशिला है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर, सार्वजनिक स्थलों, शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों और बाजारों को स्वच्छ रखने में सहयोग करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण से संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिलती है और नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर होता है। स्वच्छता की आदतें बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करती हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण तैयार करती हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार को दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर विभिन्न अभियान चला रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों को सफल बनाने में आम जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं, निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालें, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से बचें और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय निकायों के साथ सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास भी पूरे प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि प्रदेशवासी सामूहिक जिम्मेदारी के साथ स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देंगे, तो मध्यप्रदेश देश के सबसे स्वच्छ और स्वस्थ राज्यों में अपनी पहचान और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वच्छ, सुंदर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।









